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महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत
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अफजलगढ़ के गांव विजयनगर नगर में थाड़ के गीतों पर नृत्य करती पर्वतीय महिलाएं।
- फोटो : BIJNOR
महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत
अफजलगढ़। गांव विजयनगर मंदिर परिसर में उत्तराखंडी परंपरा के अंतर्गत एक माह से आयोजित सामूहिक थाड़ गीत तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन किया गया।
बुधवार को सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर समाज में एकजुटता तथा प्रेम भाव बनाये रखने का आह्वान किया गया तथा समय समय पर इस प्रकार के आयोजन कर मनोरंजन के साथ उत्तराखंडी सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर मनुश्री के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से परंपरागत वेशभूषा में नृत्य कर थाड़ गीत गाये गए। इनमें जय जय बोलो भोला महादेव जय, रानी बौरानी बाटा गौड़या, क्वा तेरू नोचू बोल बौरानी कख तेरा गांव च तथा जो जस दिया खोलिका गणेश आदि गीत गाते हुए नृत्य कर दर्शकों का मनमोह लिया। इस अवसर पर पूरन सिंह असवाल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मनोरंजन के साथ युवा पीढ़ी को पुरानी पर्वतीय परंपरा से जोड़े रखना है।
इस अवसर पर कमला देवी, उषा देवी, भारती रावत, दीपा रावत, प्रमिला रावत, प्रभा रावत, सुशीला देवी, गंगा देवी, हुमा देवी, सीमा असवाल, जयश्री देवी, गुड्डी देवी, शंकुतला देवी, विमला, मदन सिंह, पूरन सिंह असवाल तथा वीरेंद्र नेगी आदि का सहयोग रहा।
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अफजलगढ़। गांव विजयनगर मंदिर परिसर में उत्तराखंडी परंपरा के अंतर्गत एक माह से आयोजित सामूहिक थाड़ गीत तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन किया गया।
बुधवार को सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर समाज में एकजुटता तथा प्रेम भाव बनाये रखने का आह्वान किया गया तथा समय समय पर इस प्रकार के आयोजन कर मनोरंजन के साथ उत्तराखंडी सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर मनुश्री के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से परंपरागत वेशभूषा में नृत्य कर थाड़ गीत गाये गए। इनमें जय जय बोलो भोला महादेव जय, रानी बौरानी बाटा गौड़या, क्वा तेरू नोचू बोल बौरानी कख तेरा गांव च तथा जो जस दिया खोलिका गणेश आदि गीत गाते हुए नृत्य कर दर्शकों का मनमोह लिया। इस अवसर पर पूरन सिंह असवाल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मनोरंजन के साथ युवा पीढ़ी को पुरानी पर्वतीय परंपरा से जोड़े रखना है।
इस अवसर पर कमला देवी, उषा देवी, भारती रावत, दीपा रावत, प्रमिला रावत, प्रभा रावत, सुशीला देवी, गंगा देवी, हुमा देवी, सीमा असवाल, जयश्री देवी, गुड्डी देवी, शंकुतला देवी, विमला, मदन सिंह, पूरन सिंह असवाल तथा वीरेंद्र नेगी आदि का सहयोग रहा।
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