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Bijnor News: विदुर ब्रांड रुई-बत्ती कारोबार से महिलाओं ने पकड़ी आर्थिक रफ्तार
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सतीश शर्मा
धामपुर। ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं की ओर से गांव पीपलसाना में विदुर ब्रांड पूजा सामग्री, धुनी कप, रुई बत्ती आदि का उत्पादन किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि चार साल पहले कारोबार शुरू किया गया था। अब करीब पांच लाख रुपये का वार्षिक टर्न ओवर हो रहा है।
ओम समूह क्लब की कार्यकर्ता पिंकी, कविता, सविता, सोनू, मोहिनी आदि का कहना है कि ग्रामीण मिशन से उन्हें रोजगार ही नहीं मिला है, बल्कि सम्मान भी मिला है। मिशन अधिकारियों से प्रेरित होकर उन्होंने कारोबार शुरू किया गया है। उन्हें शुरूआत में दिक्कत हुई लेकिन अब कोई दिक्क्त नहीं है। समूह की ओर से तैयार माल जिले में ही नहीं, बल्कि गैर जनपदों में भी बड़े स्तर पर बिक रहा है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी रोजगार के प्रति प्रेरित किया है। कहा कि समूह में शामिल महिलाओं को सरकार की योजना का अनुरूप कारोबार करना चाहिए। इससे आर्थिक लाभ, समाज में मान और सम्मान प्राप्त होता है।
लोन लिया था, कर दिया अदा
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सीएलएफ से लोन लेकर काम शुरू किया था। उन्होंने जो पैसा लिया था, उसे वापस कर दिया। उधर बाल किशनपुर में संचालित रविदास स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ब्रश तैयार कर रही है। उन्होंने नायलॉन का ब्रश तैयार कर मिशन प्रेरणा से बाजार में उतारा है। उनका माल खुले बाजार के माल से अधिक बेहतर है।
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अब तो ऑनलाइन भी होने लगी बिक्री
महिलाओं का कहना है कि मिशन अधिकारियों की ओर से उन्हें बड़ा लाभ मिला है। अब ग्राहकों की ओर से उनके माल को ऑनलाइन बुक करने के बाद भी मंगाया जा रहा है। माल को तैयार करने को वह रूई-बत्ती, धुनी कप और पूजा की सामग्री को कच्चा माल दिल्ली आदि से मांगती है। उनका माल खुले बाजार में बिक रहा है।
अधिकांश समूहों ने बनाई प्रदेश स्तर पर पहचान
धामपुर मिशन प्रभारी ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु चौहान, ब्लाक मिशन मैनेजर सानुमति, रिहान अली, विवेक द्विवेदी, रेनू रानी और अभिषेक गुप्ता ने बताया कि धामपुर ब्लाक में करीब 1700 से ज्यादा समूह चल रहे है, जिनमें 20 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई है। अधिकांश समूह मानक अनुरूप चल रहे हैं, जो विदुर ब्रांड के रूप में प्रदेश में अपनी पहचान बनाए हुए है।
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धामपुर। ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं की ओर से गांव पीपलसाना में विदुर ब्रांड पूजा सामग्री, धुनी कप, रुई बत्ती आदि का उत्पादन किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि चार साल पहले कारोबार शुरू किया गया था। अब करीब पांच लाख रुपये का वार्षिक टर्न ओवर हो रहा है।
ओम समूह क्लब की कार्यकर्ता पिंकी, कविता, सविता, सोनू, मोहिनी आदि का कहना है कि ग्रामीण मिशन से उन्हें रोजगार ही नहीं मिला है, बल्कि सम्मान भी मिला है। मिशन अधिकारियों से प्रेरित होकर उन्होंने कारोबार शुरू किया गया है। उन्हें शुरूआत में दिक्कत हुई लेकिन अब कोई दिक्क्त नहीं है। समूह की ओर से तैयार माल जिले में ही नहीं, बल्कि गैर जनपदों में भी बड़े स्तर पर बिक रहा है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी रोजगार के प्रति प्रेरित किया है। कहा कि समूह में शामिल महिलाओं को सरकार की योजना का अनुरूप कारोबार करना चाहिए। इससे आर्थिक लाभ, समाज में मान और सम्मान प्राप्त होता है।
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लोन लिया था, कर दिया अदा
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सीएलएफ से लोन लेकर काम शुरू किया था। उन्होंने जो पैसा लिया था, उसे वापस कर दिया। उधर बाल किशनपुर में संचालित रविदास स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ब्रश तैयार कर रही है। उन्होंने नायलॉन का ब्रश तैयार कर मिशन प्रेरणा से बाजार में उतारा है। उनका माल खुले बाजार के माल से अधिक बेहतर है।
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अब तो ऑनलाइन भी होने लगी बिक्री
महिलाओं का कहना है कि मिशन अधिकारियों की ओर से उन्हें बड़ा लाभ मिला है। अब ग्राहकों की ओर से उनके माल को ऑनलाइन बुक करने के बाद भी मंगाया जा रहा है। माल को तैयार करने को वह रूई-बत्ती, धुनी कप और पूजा की सामग्री को कच्चा माल दिल्ली आदि से मांगती है। उनका माल खुले बाजार में बिक रहा है।
अधिकांश समूहों ने बनाई प्रदेश स्तर पर पहचान
धामपुर मिशन प्रभारी ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु चौहान, ब्लाक मिशन मैनेजर सानुमति, रिहान अली, विवेक द्विवेदी, रेनू रानी और अभिषेक गुप्ता ने बताया कि धामपुर ब्लाक में करीब 1700 से ज्यादा समूह चल रहे है, जिनमें 20 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई है। अधिकांश समूह मानक अनुरूप चल रहे हैं, जो विदुर ब्रांड के रूप में प्रदेश में अपनी पहचान बनाए हुए है।