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महिलाओं ने दूध का भाव मांगा 100 रुपये लीटर
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महिलाओं ने दूध का भाव मांगा 100 रुपये लीटर
बिजनौर। गांव रायपुर बेरिसाल में मिशन शक्ति की बैठक में महिलाओं ने पराग के कर्मचारियों के सामने दूध के दाम 100 रुपये लीटर मांगे। इसको लेकर हंगामा किया। दूध की लागत अधिक और दाम बहुत कम बताए। दूध के दाम 100 रुपये न होने पर शनिवार से गांव में दूध की गाड़ी न भेजने की बात कही।
मिशन शक्ति अभियान के तहत सरकारी विभागों के कर्मचारी गांवों में जाकर महिलाओं से संवाद कर रहे हैं। पराग डेरी के कर्मचारी अशोक कुमार, देवेंद्र सिंह, संजीव कुमार, गिरीश वर्मा शुक्रवार को मंडावर के गांव रायपुर बेरिसाल में गए थे। गांव के करीब 40 परिवार पराग को दूध की आपूर्ति करते हैं। महिलाओं को जब कर्मचारियों ने अधिक दुग्ध उत्पादन को कहा तो महिलाएं भड़क गईं। कहा कि पशुओं को खरीदने, पशु आहार और चारा खिलाने में बहुत लागत आ रही है और दूध के दाम 35 से 40 रुपये लीटर ही मिलते हैं। दुग्ध उत्पादन किसानों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है। सरकार उनसे सस्ता दूध खरीदकर महंगे दामों पर बेच रही है। कहा कि दूध तो डीजल से आधा दामों में भी नहीं बिक रहा है।
महिलाओं हेमलता, राधा देवी, संतोष, आशा रानी, प्रभा देवी आदि ने कहा कि दूध के दाम 100 रुपये लीटर होने पर ही उन्हें दुग्ध उत्पादन में औसत आता है। अगर पराग दूध के इतने दाम नहीं दे सकती है तो वे दूध नहीं बेचेंगी। पराग के कर्मचारी किसी तरह महिलाओं को समझा बुझाकर वहां से आए।
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बिजनौर। गांव रायपुर बेरिसाल में मिशन शक्ति की बैठक में महिलाओं ने पराग के कर्मचारियों के सामने दूध के दाम 100 रुपये लीटर मांगे। इसको लेकर हंगामा किया। दूध की लागत अधिक और दाम बहुत कम बताए। दूध के दाम 100 रुपये न होने पर शनिवार से गांव में दूध की गाड़ी न भेजने की बात कही।
मिशन शक्ति अभियान के तहत सरकारी विभागों के कर्मचारी गांवों में जाकर महिलाओं से संवाद कर रहे हैं। पराग डेरी के कर्मचारी अशोक कुमार, देवेंद्र सिंह, संजीव कुमार, गिरीश वर्मा शुक्रवार को मंडावर के गांव रायपुर बेरिसाल में गए थे। गांव के करीब 40 परिवार पराग को दूध की आपूर्ति करते हैं। महिलाओं को जब कर्मचारियों ने अधिक दुग्ध उत्पादन को कहा तो महिलाएं भड़क गईं। कहा कि पशुओं को खरीदने, पशु आहार और चारा खिलाने में बहुत लागत आ रही है और दूध के दाम 35 से 40 रुपये लीटर ही मिलते हैं। दुग्ध उत्पादन किसानों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है। सरकार उनसे सस्ता दूध खरीदकर महंगे दामों पर बेच रही है। कहा कि दूध तो डीजल से आधा दामों में भी नहीं बिक रहा है।
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महिलाओं हेमलता, राधा देवी, संतोष, आशा रानी, प्रभा देवी आदि ने कहा कि दूध के दाम 100 रुपये लीटर होने पर ही उन्हें दुग्ध उत्पादन में औसत आता है। अगर पराग दूध के इतने दाम नहीं दे सकती है तो वे दूध नहीं बेचेंगी। पराग के कर्मचारी किसी तरह महिलाओं को समझा बुझाकर वहां से आए।
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