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Bijnor News: बारिश में गिरी मकान की छत के मलबे में दबकर महिला की मौत
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- कस्बा मंडावर में हुआ हादसा, परिजनों में कोहराम
- धारा, बनैली और फीका नदी में बढ़ा हु़आ है जलस्तर, मालन और गंगा के उफान में कमी
- पीली बांध की दलदल में फंसकर दस पशुओं की मौत, बाकी को मुश्किल से निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावर/अफजलगढ़/रेहड़/बिजनौर। बारिश थम चुकी है, गंगा और मालन का जलस्तर गिरावट की ओर है, मगर आफत अब तक बनी है। बारिश की वजह से एक मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। 24 घंटे बाद महिला के शव को तलाशा जा सका। उधर धारा, बनैली और फीका नदी में डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से उफान है। वहीं चरने गए दस पशुओं की मौत पीली बांध की दलदल में फंसने हो गई। खादर इलाकों में चारे का संकट गहराया हुआ है। इससे पशुपालक परेशान हैं।
मंडावर के मोहल्ला फरासटोली निवासी शबरा 60 वर्ष पत्नी रियाजुद्दीन सोमवार सुबह घर से लापता थी, जिसे इधर-उधर तलाश किया गया। मंगलवार को परिवार वालों ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमें महिला पास के ही एक मकान में जाते हुए दिखाई दे रही है। जो कि वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने उस मकान में जाकर देखा तो महिला का शव मकान की रसोई के अंदर मलवे में दबा पड़ा मिला। बताया गया कि उक्त मकान उनके पड़ोसी इजाज का है, जो कि काफी समय से परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। उक्त मकान की देखरेख की जिम्मेदारी मृतक महिला के परिवार को दे रखी थी।
सोमवार सुबह शाबरा उक्त बंद मकान का ताला खोल कर रसोई में रखी मच्छरदानी उठाने गई थी। इसी दौरान बारिश के कारण रसोई की छत भरभरा कर शाबरा के ऊपर गिर गई। इसमे शाबरा की मौत हो गई। परिजनों ने बिना कार्रवाई शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया।
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-नदियों के पास नहीं जाने की दी जा रही हिदायत
अफजलगढ़ क्षेत्र की धारा, बनैली, फीका और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से क्षेत्रवासियों को नदी क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की जा रही है। मगर मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए चारा काटने ओर नदी क्षेत्र की ओर पशुओं को चराने ले जा रहे हैं। उधर, गांव लालपुरी निवासी वनगूजर इब्राहिम, मुस्तफा व मुमताज रविवार की दोपहर अपने पशुओं को पीलीडैम में चराने ले गए थे। इसी बीच पीलीडैम में धारा व बनैली नदी का पानी तेज गति से आ गया। अचानक पानी आने से सैकड़ों पशु डैम में ही फंस गए। इनमें से काफी पशुओं को मशक्कत कर बाहर निकाल लिया। इसके बावजूद करीब 10 से अधिक पशु डैम की दलदल में फंसकर मर गए। सिंचाई विभाग के जेई भानू प्रताप सिंह का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में आया है। डैम क्षेत्र में कोई हादसा न हो, इसके लिए उधर आने-जाने पर रोक है। हालांकि बिजनौर बैराज पर गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को बिजनौर बैराज पर जलस्तर 218.80 मीटर रहा, जबकि सोमवार को 219.10 मीटर बना हुआ था।
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- धारा, बनैली और फीका नदी में बढ़ा हु़आ है जलस्तर, मालन और गंगा के उफान में कमी
- पीली बांध की दलदल में फंसकर दस पशुओं की मौत, बाकी को मुश्किल से निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावर/अफजलगढ़/रेहड़/बिजनौर। बारिश थम चुकी है, गंगा और मालन का जलस्तर गिरावट की ओर है, मगर आफत अब तक बनी है। बारिश की वजह से एक मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। 24 घंटे बाद महिला के शव को तलाशा जा सका। उधर धारा, बनैली और फीका नदी में डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से उफान है। वहीं चरने गए दस पशुओं की मौत पीली बांध की दलदल में फंसने हो गई। खादर इलाकों में चारे का संकट गहराया हुआ है। इससे पशुपालक परेशान हैं।
मंडावर के मोहल्ला फरासटोली निवासी शबरा 60 वर्ष पत्नी रियाजुद्दीन सोमवार सुबह घर से लापता थी, जिसे इधर-उधर तलाश किया गया। मंगलवार को परिवार वालों ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमें महिला पास के ही एक मकान में जाते हुए दिखाई दे रही है। जो कि वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने उस मकान में जाकर देखा तो महिला का शव मकान की रसोई के अंदर मलवे में दबा पड़ा मिला। बताया गया कि उक्त मकान उनके पड़ोसी इजाज का है, जो कि काफी समय से परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। उक्त मकान की देखरेख की जिम्मेदारी मृतक महिला के परिवार को दे रखी थी।
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सोमवार सुबह शाबरा उक्त बंद मकान का ताला खोल कर रसोई में रखी मच्छरदानी उठाने गई थी। इसी दौरान बारिश के कारण रसोई की छत भरभरा कर शाबरा के ऊपर गिर गई। इसमे शाबरा की मौत हो गई। परिजनों ने बिना कार्रवाई शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया।
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-नदियों के पास नहीं जाने की दी जा रही हिदायत
अफजलगढ़ क्षेत्र की धारा, बनैली, फीका और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से क्षेत्रवासियों को नदी क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की जा रही है। मगर मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए चारा काटने ओर नदी क्षेत्र की ओर पशुओं को चराने ले जा रहे हैं। उधर, गांव लालपुरी निवासी वनगूजर इब्राहिम, मुस्तफा व मुमताज रविवार की दोपहर अपने पशुओं को पीलीडैम में चराने ले गए थे। इसी बीच पीलीडैम में धारा व बनैली नदी का पानी तेज गति से आ गया। अचानक पानी आने से सैकड़ों पशु डैम में ही फंस गए। इनमें से काफी पशुओं को मशक्कत कर बाहर निकाल लिया। इसके बावजूद करीब 10 से अधिक पशु डैम की दलदल में फंसकर मर गए। सिंचाई विभाग के जेई भानू प्रताप सिंह का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में आया है। डैम क्षेत्र में कोई हादसा न हो, इसके लिए उधर आने-जाने पर रोक है। हालांकि बिजनौर बैराज पर गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को बिजनौर बैराज पर जलस्तर 218.80 मीटर रहा, जबकि सोमवार को 219.10 मीटर बना हुआ था।