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बाढ़ से पहले परखी जाएगी कितनी मजबूत तैयारियों की पतवार

Wed, 06 Jul 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 12:03 AM IST
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Will be tested before the flood, how strong is the 'rudder' of preparations
बिजनौर। तैयारियों की पतवार कितनी मजबूत है, इसे बाढ़ से पहले ही परखा जाएगा। बाढ़ आई तो धरातल पर कैसे निपटा जा सकेगा, यह भी देखा जाना है। दरअसल कल बृहस्पतिवार को जिले के पांच गांव में मॉक ड्रिल होगी। जिसमें पानी में फंसे लोगों और पशुओं को बाहर निकाला जाएगा। वहीं राहत पहुंचाने का भी अभ्यास होना है।
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शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे बिजनौर में नदियां हर साल बरसात में बाढ़ लेकर आती हैं। बरसात आते ही नदियों के किनारे बसे लोगों को उफान और बाढ़ का डर लगने लगता है। बता दें कि जिले में 326 बाढ़ प्रभावित गांव है। इनमें 31 गांव संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में आते हैं। उधर मानसून आने की आहट से ही प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों को तेज कर दिया है।
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कल बृहस्पतिवार को मॉक ड्रिल की जाएगी। इस मॉक ड्रिल में पुलिस प्रशासन और बचाव दल का अमला बाकायदा नदियों के टापू पर फंसे लोगों को बाहर निकालेगा। वहीं पशुओं को भी बाहर निकाला जाएगा। इसके अलावा बाढ़ से निपटने के अन्य इंतजामों की भी परख होगी। सदर तहसील के गांव डैबलगढ़, धामपुर तहसील के नंदगांव, नजीबाबाद के खैरुल्लापुर, नगीना तहसील के नरूल्लापुर और चांदपुर के गांव दतियाना में मॉक ड्रिल की जानी है। जिसकी तैयारियां करते हुए नाव भी मंगा ली गई हैं।
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सेना, एनडीआरएफ और पीएसी की ली जाएगी मदद
बाढ़ से पहले ही प्रशासन ने आर्मी, एनडीआरएफ और पीएसी से संपर्क साध लिया है। भयंकर बाढ़ में अगर जरूरत पड़ी तो सेना और एनडीआरफ भी तत्काल मौके पर पहुंचेगी। हालांकि पीएसी के गोताखोर समेत सात मोटर बोट की व्यवस्था भी कर ली गई है।
आश्रय स्थलों पर बनाए गए अस्थाई अस्पताल
जिले में 35 आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन सभी आश्रय स्थलों पर अस्थाई अस्पताल भी बनाए गए हैं। जिनमें डाक्टरों और अन्य स्टॉफ की ड्यूटी भी निर्धारित की जा रही है। इसके अलावा 31 बाढ़ चौकी भी सक्रिय हो गई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी तैयार रहने को कहा गया है।
बाढ़ प्रभावित हर गांव का अलग अलग व्हाट्सग्रुप
बाढ़ नियंत्रण के अधिकारियों की ओर से व्हाट्सग्रुप बनाए गए हैं। हर गांव का एक अलग ग्रुप बना है। जिसमें उस गांव के लोगों के साथ साथ समस्त कर्मचारी और अधिकारी भी जुड़े हुए हैं। खतरा बढ़ने पर इसर ग्रुप के माध्यम से ही सूचनाओं का तत्काल आदान प्रदान हो सकेगा।

हरिद्वार से बैराज तक जलस्तर पर हर रोज नजर
जिले की बाढ़ नियंत्रण समिति ने गंगा के जलस्तर पर हरिद्वार से बिजनौर तक नजर रखना शुरू कर दिया है। हरिद्वार के भीमगौडा बैराज का जलस्तर कितना है, कितना पानी वहां से छोड़ा जा रहा है और बिजनौर बैराज पर पानी कितना बना हुआ है, इस पर नजर रखी जा रही है।
जलस्तर पर एक नजर..
बैराज जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
हरिद्वार बैराज 291.60 मीटर 294 मीटर 39402 क्यूसेक
बिजनौर बैराज 218.90 मीटर 220 मीटर 30802 क्यूसेक
खो बैराज 223 मीटर 227 मीटर 470 क्यूसेक
कालागढ़ डैम 338.60 मीटर 366.5 मीटर 470 क्यूसेक
पीली डैम 820 फीट 846 फीट 0
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