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Bijnor News: कालागढ - वन्यजीवों की सुरक्षा वन विभाग के लिए चुनौती
Tue, 07 Mar 2023 08:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 07 Mar 2023 08:45 PM IST
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कालागढ़ के वनों में निगरानी करते वन कर्मचारी
फोटो - तीन
- वन विभाग ने कार्बेट नेशनल पार्क के चप्पे-चप्पे पर तैनात किए हैं गश्ती दल
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। होली पर तांत्रिकों एवं बावरिया गिरोह से वन्यजीवों की सुरक्षा वन विभाग के लिए चुनौती बन गई है। वन विभाग ने चप्पे-चप्पे पर गश्ती दलों को तैनात कर दिया है। होली तंत्र मंत्र में उल्लू जैसे पक्षी का जीवन खतरे में पड़ जाता है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में निशाचर पक्षी उल्लू को तांत्रिकों से बचाने के लिए वन विभाग को मशक्कत करनी पड़ रही है। वन्यजीव तस्कर विशेषकर बावरिया बाघ को अपने निशाने पर रखते हैं। जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा से मिलती है। मोरघाटी से झिरना तक के क्षेत्र को कार्बेट टाइगर रिजर्व ने अति संवेदनशील घोषित किया हुआ है। इस क्षेत्र से वनों में संदिग्ध लोगों के प्रवेश करने की संभावना अधिक रहती है। इसी को लेकर वन विभाग ने चप्पे-चप्पे पर गश्ती दल तैनात कर दिए हैं।
कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने बताया कि रात दिन अधिकारी भी गश्त कर चौकसी बरत रहे हैं। गश्ती दलों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वनों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को रोकें। संदिग्धों पर निगाह रखें। तंत्र क्रिया करने वालों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी स्थिति में वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। नियंत्रण कक्ष भी क्रियाशील है।
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- वन विभाग ने कार्बेट नेशनल पार्क के चप्पे-चप्पे पर तैनात किए हैं गश्ती दल
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। होली पर तांत्रिकों एवं बावरिया गिरोह से वन्यजीवों की सुरक्षा वन विभाग के लिए चुनौती बन गई है। वन विभाग ने चप्पे-चप्पे पर गश्ती दलों को तैनात कर दिया है। होली तंत्र मंत्र में उल्लू जैसे पक्षी का जीवन खतरे में पड़ जाता है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में निशाचर पक्षी उल्लू को तांत्रिकों से बचाने के लिए वन विभाग को मशक्कत करनी पड़ रही है। वन्यजीव तस्कर विशेषकर बावरिया बाघ को अपने निशाने पर रखते हैं। जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा से मिलती है। मोरघाटी से झिरना तक के क्षेत्र को कार्बेट टाइगर रिजर्व ने अति संवेदनशील घोषित किया हुआ है। इस क्षेत्र से वनों में संदिग्ध लोगों के प्रवेश करने की संभावना अधिक रहती है। इसी को लेकर वन विभाग ने चप्पे-चप्पे पर गश्ती दल तैनात कर दिए हैं।
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कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने बताया कि रात दिन अधिकारी भी गश्त कर चौकसी बरत रहे हैं। गश्ती दलों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वनों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को रोकें। संदिग्धों पर निगाह रखें। तंत्र क्रिया करने वालों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी स्थिति में वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। नियंत्रण कक्ष भी क्रियाशील है।
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