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भीषण गर्मी से वन्यजीव भी हुए बेचैन
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कालागढ़ में सोत पर पानी से प्यास बुझाकर शरीर को पानी से सराबोर करता हाथी।
- फोटो : DHAMPUR
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भीषण गर्मी से वन्यजीव भी हुए बेचैन
कालागढ़। भीषण गर्मी के कारण वन्यजीव भी बेचैन हो रहे हैं। पानी की तलाश में हाथी जंगल से बाहर भटक रहे हैं। वन अधिकारियों का दावा है कि गर्मी के कारण वन्यजीव आक्रामक हो रहे हैं। इनसे दूरी बनाए रखना ही उचित है। बृहस्पतिवार को पानी के सोत पर एक हाथी ने पहले तो पानी पीकर प्यास बुझाई, उसके बाद सूंड से पानी भरकर अपने शरीर को सराबोर किया।
गर्मी के कारण लोग घरों में सिमटने को मजबूर हैं। बाजार और सड़कों पर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक सन्नाटा रहता है। केवल आवश्यक कार्य के लिए ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। ऐसे में वनों में वन्यजीव पानी और छांव की तलाश में भटक रहे हैं। एक हाथी वनों में पानी की तलाश करता हुआ कालागढ़ रामनगर मोटर मार्ग तक पहुंच गया। यहां पानी के सोत पर पहले तो उसने पानी पीकर प्यास बुझाई। उसके बाद सूंड में पानी भरकर अपने शरीर को सराबोर किया।
मौके पर मौजूद वनकर्मी पीसी मठपाल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से पानी के निकट आम आदमी को जाने पर रोक है। रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि वनों में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था वन विभाग ने की है। टैंकर से पानी वाटर होल में जमा किया है। प्राकृतिक सोतों में भी पानी है। गर्मी के कारण वन्यजीव भी बेचैन हो रहे हैं। इन दिनों वनों में जाना बहुत ही खतरनाक है। वन्यजीव गर्मी में किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। गर्मी से उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है।
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कालागढ़। भीषण गर्मी के कारण वन्यजीव भी बेचैन हो रहे हैं। पानी की तलाश में हाथी जंगल से बाहर भटक रहे हैं। वन अधिकारियों का दावा है कि गर्मी के कारण वन्यजीव आक्रामक हो रहे हैं। इनसे दूरी बनाए रखना ही उचित है। बृहस्पतिवार को पानी के सोत पर एक हाथी ने पहले तो पानी पीकर प्यास बुझाई, उसके बाद सूंड से पानी भरकर अपने शरीर को सराबोर किया।
गर्मी के कारण लोग घरों में सिमटने को मजबूर हैं। बाजार और सड़कों पर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक सन्नाटा रहता है। केवल आवश्यक कार्य के लिए ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। ऐसे में वनों में वन्यजीव पानी और छांव की तलाश में भटक रहे हैं। एक हाथी वनों में पानी की तलाश करता हुआ कालागढ़ रामनगर मोटर मार्ग तक पहुंच गया। यहां पानी के सोत पर पहले तो उसने पानी पीकर प्यास बुझाई। उसके बाद सूंड में पानी भरकर अपने शरीर को सराबोर किया।
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मौके पर मौजूद वनकर्मी पीसी मठपाल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से पानी के निकट आम आदमी को जाने पर रोक है। रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि वनों में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था वन विभाग ने की है। टैंकर से पानी वाटर होल में जमा किया है। प्राकृतिक सोतों में भी पानी है। गर्मी के कारण वन्यजीव भी बेचैन हो रहे हैं। इन दिनों वनों में जाना बहुत ही खतरनाक है। वन्यजीव गर्मी में किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। गर्मी से उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है।
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