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और क्या चाहिए एक बदन के लिए, ये तिरंगा बहुत है कफन के लिए
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जलालाबाद में मुशायरे में कलाम पेश करतीं शायर निगहत।
- फोटो : NAZIBABAD
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और क्या चाहिए एक बदन के लिए, ये तिरंगा बहुत है कफन के लिए
जलालाबाद। नगर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में देश भर से आए शायरों ने अपने कलाम पेश किए। शायर हाशिम फिरोजाबादी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मदरसा अख्तरुल उलूम के निकट आयोजित मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि शाहबुद्दीन राईन ने शमा रोशन कर किया।
शायर अबूजर निवेद ने खुद ही अपने दामन को तार-तार करना है, इश्क जुर्म है लेकिन बार-बार करना है.., हाशिम फिरोजाबादी ने और क्या चाहिए एक बदन के लिए, ये तिरंगा बहुत है कफन के लिए.., आलीम वाजिद रुड़की ने जिसके सीने में नहीं अपने वतन की उल्फत, वह कभी सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता.., इम्तियाज बिजनौरी ने किसी के दर्द को दिल में बसा के आया हूं, लबों के अपने तबस्सुम सजा के आया हूं.., नदीम अख्तर देवबंदी ने इतनी दौलत मत दे जिससे गैर जल जाए, मुझको सिर्फ इतना दे जिससे मेरा काम चल जाए.., सहित अल्ताफ जिया मुंबई, नईम अख्तर देवबंदी, गुलजार जिगर देवबंदी, मो. रफी बढ़ापुर, अकरम जलालाबादी ने अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की अध्यक्षता वकार आलम और संचालन जिगर देवबंदी ने किया। इस अवसर पर हाजी शमीम, हाजी आलम राइन, जीशान अख्तर, हाफिज यामीन, मो. जुबैर, नफीस, वसीम, मो. साजिद, अख्तर राइन, वसी राइन, मो. कासिम, मो. आबिद, हाजी कामिल आदि मौजूद रहे।
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जलालाबाद। नगर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में देश भर से आए शायरों ने अपने कलाम पेश किए। शायर हाशिम फिरोजाबादी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मदरसा अख्तरुल उलूम के निकट आयोजित मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि शाहबुद्दीन राईन ने शमा रोशन कर किया।
शायर अबूजर निवेद ने खुद ही अपने दामन को तार-तार करना है, इश्क जुर्म है लेकिन बार-बार करना है.., हाशिम फिरोजाबादी ने और क्या चाहिए एक बदन के लिए, ये तिरंगा बहुत है कफन के लिए.., आलीम वाजिद रुड़की ने जिसके सीने में नहीं अपने वतन की उल्फत, वह कभी सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता.., इम्तियाज बिजनौरी ने किसी के दर्द को दिल में बसा के आया हूं, लबों के अपने तबस्सुम सजा के आया हूं.., नदीम अख्तर देवबंदी ने इतनी दौलत मत दे जिससे गैर जल जाए, मुझको सिर्फ इतना दे जिससे मेरा काम चल जाए.., सहित अल्ताफ जिया मुंबई, नईम अख्तर देवबंदी, गुलजार जिगर देवबंदी, मो. रफी बढ़ापुर, अकरम जलालाबादी ने अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की अध्यक्षता वकार आलम और संचालन जिगर देवबंदी ने किया। इस अवसर पर हाजी शमीम, हाजी आलम राइन, जीशान अख्तर, हाफिज यामीन, मो. जुबैर, नफीस, वसीम, मो. साजिद, अख्तर राइन, वसी राइन, मो. कासिम, मो. आबिद, हाजी कामिल आदि मौजूद रहे।
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