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Bijnor News: तीन दिन से पानी कम, फिर भी आवागमन सुचारू नहीं
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जलीलपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तीन दिन से लगातार पानी कम हो रहा है, फिर भी आवागमन सामान्य नहीं है। गांव मीरापुर सीकरी के सिर्फ एक रास्ते व पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट बाइक से आवागमन शुरू हो गया है। स्टेट हाईवे पर पानी से कटी सड़क पर जुगाड़ का पुल बनाकर पैदल व बाइक से आवागमन हो रहा है।
बरसात के सीजन में बीते सोमवार को तीसरी बार गंगा का पानी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांवों की तरफ बढ़ा था। मंगलवार से बृहस्पतिवार तक गांवों के संपर्क रास्तों व गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी की आबादी में पानी बहता रहा। गांव मीरापुर सीकरी के स्वर्ण सिंह लाडी ने बताया कि शुक्रवार से लगातार पानी कम हो रहा है। इसके बावजूद गांव के एक रास्ते पर बाइक से आवागमन हो रहा है लेकिन अन्य रास्तों पर ट्रैक्टर से ही आवागमन हो रहा है। गांव दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, सियाली, रायपुर खादर के गांववासी सड़क पर पानी कम होने से बाइक से आवागमन कर रहे हैं।
बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट तीसरी बार पानी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क पर जुगाड़ कर पुल बनाया है। पुल बनाने में खाई में तब्दील हुई सड़क में एक ट्राली खड़ी की है। उस पर बांस, बल्लियां डालकर पैदल व बाइक से आवागमन का जुगाड़ कर दिया है।
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पशुओं का चारा लाना जोखिम भरा
पशुपालकों के सामने खेत से जाकर हरा चारा लाना जोखिम भरा बना हुआ है। पानी कम होने के बावजूद खेत और खेत के रास्तों पर अभी दो-तीन फीट पानी भरा हुआ है। पशुओं का पेट भरने के लिए किसान पानी से निकल कर चारा ला रहे हैं।
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बरसात के सीजन में बीते सोमवार को तीसरी बार गंगा का पानी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांवों की तरफ बढ़ा था। मंगलवार से बृहस्पतिवार तक गांवों के संपर्क रास्तों व गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी की आबादी में पानी बहता रहा। गांव मीरापुर सीकरी के स्वर्ण सिंह लाडी ने बताया कि शुक्रवार से लगातार पानी कम हो रहा है। इसके बावजूद गांव के एक रास्ते पर बाइक से आवागमन हो रहा है लेकिन अन्य रास्तों पर ट्रैक्टर से ही आवागमन हो रहा है। गांव दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, सियाली, रायपुर खादर के गांववासी सड़क पर पानी कम होने से बाइक से आवागमन कर रहे हैं।
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बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट तीसरी बार पानी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क पर जुगाड़ कर पुल बनाया है। पुल बनाने में खाई में तब्दील हुई सड़क में एक ट्राली खड़ी की है। उस पर बांस, बल्लियां डालकर पैदल व बाइक से आवागमन का जुगाड़ कर दिया है।
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पशुओं का चारा लाना जोखिम भरा
पशुपालकों के सामने खेत से जाकर हरा चारा लाना जोखिम भरा बना हुआ है। पानी कम होने के बावजूद खेत और खेत के रास्तों पर अभी दो-तीन फीट पानी भरा हुआ है। पशुओं का पेट भरने के लिए किसान पानी से निकल कर चारा ला रहे हैं।