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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Villagers demonstrating against the Irrigation Department

ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन

Thu, 12 May 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर Updated Thu, 12 May 2016 01:17 AM IST
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अफजलगढ़। कई गांवों के ग्रामीणों ने बुधवार को गांव भूतपुरी तिराहे पर सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में बनैली और रामगंगा नदी के तटबंधों के टूटने से हर बार तबाही मचती है। 
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   लोग गांव के पलायन करने को मजबूर हो जाते है। इस बार ऐसा न हो। वे जनप्रतिनिधियों और विभाग के अफसरों से बरसात से पहले दोनों नदियों के बंधों को मजबूत करने की मांग करते आ रहे है। पर सुनवाई न होने से गांववासियों में असंतोष है। गांववासियों ने जनप्रतिनिधियों को गांवों में न घुसने देने और विधान सभा के चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। भूतपुरी, चतरपुर, दल्लीवाला, आलमपुर गांवड़ी, शाहपुर जमाल, हाफिजाबाद बिहारीपुर के गांववासी भूतपुरी में एकत्र हुए। 
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  वहां पर सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। गांव के कन्हैया सिंह,  राजपाल, बलराम सिंह, सुरेश कुमार, चमन, ऋषिपाल सिंह, मुन्ने सिंह, रामचंद्र सिंह,  मगन सिंह, सफीक, जाकिर हुसैन, कल्लू सिंह, श्यामलाल, मंगू सिंह, विजयपाल का कहना है कि उनके क्षेत्र में पहाड़ों पर हल्की बारिश होने के बाद भी रामगंगा और बनेली नदी में ऊफान आने से नदियों के तटबंद टूट जाते है और नदियों के किनारे बसे दर्जनों       गांवों में बाढ़ जैसी हालात होने से       लोगों की जमकर तबाही मचती है।
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वर्ष 2010 से निरंतर बनेली में बाढ़ आ रही है।  हाईवे पर बाढ़   का कई फिट पानी आने मार्ग बंद हो जाता है। बाढ़ का पानी         घरों,  दुकानों में घुस जाने से लोगों की भारी हानि होती है।  ग्रामीण    घरों से पलायन कर देते है। जून         से बरसात का मौसम शुरू होने        जा रहा है। 


 पर विभाग के अधिकारियों की अभी नींद नहीं टूटी है। ऐसे ही हालत रहे तो गांववासियों में इस बार भी भारी तबाही के लिए     तैयार रहना होगा लेकिन वे इस बार ऐसा नहीं होने देंगे। गांववासियों ने अभी से एका कर लिया है। वर्ष 2017 में चुनाव    होने वाले है। नेता उनके गांवों में वोट मांगने को आएंगे लेकिन समस्या का स्थाई तौर पर निदान     न होने वे नेताओं गांवों में नहीं घुसने देंगे। अधिकारियों को       बंधक बनाया जाएगा। 
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