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अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान मल्चर का प्रयोग करें

Wed, 15 Dec 2021 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 12:01 AM IST
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Use farmer mulcher to get good yield
धामपुर क्षेत्र में गन्ने के खेत की पत्ती को मल्चर से जोतते किसान - फोटो : DHAMPUR
अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान मल्चर का प्रयोग करें
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धामपुर। जिले के किसान मल्चर का प्रयोग कर गन्ने की पहले से और बढ़िया पैदावार ले सकेंगे। गन्ना विभाग द्वारा इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसानों ने गन्ने की और बेहतर फसल लेने के लिए मल्चर का प्रयोग करना शुरू कर दिया तो और बेहतर परिणाम मिलेंगे।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे का कहना है कि मल्चर एक प्रकार का कृषि यंत्र है। जो गन्ने की दो पंक्तियों के बीच में खाली स्थान पर ट्रैक्टर से चलाकर खेतों में पड़ी पत्ती और अन्य खरपतवारों को नष्ट करने के काम में लाया जाता है। मल्चर का प्रयोग करने से पत्ती और अन्य खरपतवार कुट्टी के रूप में छोटे छोटे टुकड़ों में कटकर मिट्टी में मिल जाते हैं। जो जमीन की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। कहा कि खेतों में पड़ी पत्ती व अन्य खरपतवार नहीं जलाने चाहिए। ऐसा करने से कृषि भूमि के पोषक तत्व जलकर खत्म हो जाते हैं। मल्चर से गन्ने की फसल के सभी अवशेष मिट्टी में मिल कर नष्ट हो जाते हैं।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक का कहना है कि गन्ना विभाग द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम के तहत जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को समझाया जा रहा है कि किसान गन्ने के खेत में पड़ी पत्ती को न जलाएं। क्योंकि इसमें आग लगा देने से जमीन के अति उपयोगी पोषक तत्व जलकर नष्ट हो जाते हैं। इन पोषक तत्वों की कृषि भूमि को महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। ये पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जलकर नष्ट हो जाएंगे तो पैदावार में गिरावट के साथ साथ जमीन की उपजाऊ क्षमता भी कम होगी।
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पत्ती जलाने पर लाभकारी बैक्टीरिया खत्म, पैदावार में गिरावट
एससीडीआई ने बताया कि एक ग्राम मिट्टी में करीब 10 से 40 करोड़ लाभकारी बैक्टीरिया और एक से दो लाख लाभकारी फफूंद नष्ट हो जाते हैं। जो बहुत ही लाभकारी होते हैं। जब खेत में आग लगाई जाती है तो यह सभी पोषक तत्व इस प्रकार से जलते हैं कि जैसे ईंट भट्टा पर मिट्टी जलती है।

इस विधि को अपनाने से जमीन की उर्वरा शक्ति इजाफा
अधिकारियों ने बताया कि दो पंक्तियों के बीच में इसका प्रयोग करने से फसल को काफी लाभ मिलता है। जो पत्तियां या अन्य खरपतवार कट कर जमीन में मिलते है। जमीन उपजाऊ बनाने का काम करते हैं। इन पत्तियों में नाइट्रोजन, फास्फोरस , पोटाश व कार्बनिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाए जाते। जो उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। मल्चिंग विधि अपनाने से जमीन की भौतिक व जैविक दशा में सुधार होता है। जल भराव क्षमता में इजाफा होता है।
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