फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   UPSC is a test of patience with knowledge: SDM

श्रुति शर्मा और स्मृति भारद्वाज के सम्मान में हुआ कार्यक्रम

Sat, 11 Jun 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
UPSC is a test of patience with knowledge: SDM
चांदपुर में श्रुति शर्मा व स्मृति शर्मा को सम्मानित करते मातृ सेवा भारती के कार्यकर्ता। - फोटो : BIJNOR
ज्ञान के साथ धैर्य की परीक्षा है यूपीएससी : एसडीएम
विज्ञापन

चांदपुर। यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा और 176वीं रैंक हासिल करने वाली स्मृति भारद्वाज के सम्मान में कार्यक्रम हुआ। शुक्रवार को चांदपुर स्याऊ रोड पर भाजपा नेता अवनीश त्यागी के संयोजन और मातृ सेवा भारती की ओर से सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा व स्मृति भारद्वाज ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। जाट जागरण मंच के संयोजक डॉ. विकास तोमर व अश्विन शर्मा ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। डॉ. एसएस मिश्रा ने जीवन उपयोगी पुस्तक भेंट की। विनेश त्यागी के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. एसके गर्ग, डॉ. वाईडी शर्मा, राजवीर सिंह त्यागी, अजय कौशिक, रविंद्र कुमार शर्मा, ज्ञान वर्मा, डॉ. अरविंद भारद्वाज, मनोज शर्मा, महीपाल सिंह, डॉ. रामप्रकाश शर्मा, गोविंद मित्तल, राजेंद्र त्यागी, रचना शर्मा, सरिता शर्मा, रचना त्यागी, सीमा भारद्वाज, नीरू गुप्ता, संतोष सनाढ्य, नीलम त्यागी, शोभा देवी, डॉ. लीना शर्मा, रेखा त्यागी, सुमन त्यागी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी मांगेराम चौहान ने कहा कि श्रुति और स्मृति ने अपने ज्ञान की ही नहीं अपने धैर्य की भी परीक्षा दी है। यूपीएससी केवल हमारे ज्ञान की ही परीक्षा नहीं लेता हमारे धैर्य की भी परीक्षा लेता है। परिवार का धैर्य भी जुड़ता है, जो कई बार टूटता है जुड़ता हैै। जो लोग इस धैर्य में पास हो जाते हैं वो परीक्षा में भी पास हो जाते हैं। श्रुति ने चांदपुर की धरती पर सफलता का एक चांद लगा दिया है।
विज्ञापन

पुण्य कर्मों का फल है श्रुति की सफलता
श्रुति शर्मा के पिता सुनील कुमार शर्मा ने अपने दिल की भावना को उजागर करते हुए कहा कि मैं सोचता था कि श्रुति जिस तरह से इस बार मेहनत कर रही है, वह अवश्य सफल हो जाएगी। उनकी पौत्री श्रुति को सफलता में उनके पुण्य कर्मों का फल मिला है। सबके आशीर्वाद व प्रेम का परिणाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटियों को बेटों के बराबर प्यार दें
यूपीएससी में 176वीं रैंक हासिल करने वाली स्मृति भारद्वाज के पिता संजय शर्मा ने अभिभावकों को बेटों के बराबर बेटियों को प्यार देने का आह्वान करते हुए कहा कि पहले समय में जब लड़की स्कूल व विद्यालय जाती थीं तो उन्हें छोड़ने के लिए उनके माता-पिता साथ जाते थे। परंतु अब समय बदल गया है, अब लड़कियां अकेले आ जा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed