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UP: बिजनौर के मशहूर हलवाई के बेटे ने फंदा लगाकर जान दी... घरेलू कलह के कारण तनाव में था संदीप
Mon, 10 Feb 2025 01:47 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 10 Feb 2025 01:47 PM IST
सार
घर के सभी लोग बाहर गए हुए थे। कमरे में जाकर संदीप ने फंदा लगा लिया। पत्नी और बच्चे घर लौटे तो उसे फंदे पर लटका देखकर उनकी चीख निकल गई।
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संदीप की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हलवाई जगमोहन लाल गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता (45) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पारिवारिक कलह की वजह से उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
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सराफा बाजार में जगमोहन लाल गुप्ता की हनुमान मिष्ठान भंडार के नाम से मिठाई की दुकान है। उनका बेटा संदीप गुप्ता (45) अपनी पत्नी मधु और पुत्र संस्कार के साथ मोहल्ला सराय मीर में स्थित मकान में माता-पिता से अलग रहता था। एक पुत्र आदर्श गुरुकुल हरिद्वार में पढ़ाई कर रहा है।
परिजनों के मुताबिक पारिवारिक विवाद के चलते पिछले कई माह से संदीप तनाव में था। रविवार दोपहर करीब दो बजे उसकी पत्नी और पुत्र किसी कार्य से बाहर गए थे। घर में अकेले मौजूद संदीप ने पंखे से बेडशीट बांधकर फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
परिजनों के मुताबिक पारिवारिक विवाद के चलते पिछले कई माह से संदीप तनाव में था। रविवार दोपहर करीब दो बजे उसकी पत्नी और पुत्र किसी कार्य से बाहर गए थे। घर में अकेले मौजूद संदीप ने पंखे से बेडशीट बांधकर फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
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पत्नी और पुत्र जैसे ही घर के अंदर आए तो संदीप को फांसी पर लटका देखकर उनकी चीख निकल गई। सूचना मिलने के बाद जगमोहन लाल अपने कर्मचारियों के साथ घर पहुंचे और संदीप के शव को नीचे उतारा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया। मृतक की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था।
पहले भी कर चुका था जान देने का प्रयास
पिता जगमोहन लाल ने बताया कि उनका पुत्र संदीप काफी समय से तनाव में था। पूर्व में कई बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका था, मगर समय रहते सूचना मिलने के चलते उसे बचा लिया जाता था। संदीप की चौकसी के लिए पत्नी और उसका पुत्र हमेशा घर में ही रहते थे। मगर रविवार दोपहर संदीप अकेला रह गया और उसने आत्महत्या कर ली।
पिता जगमोहन लाल ने बताया कि उनका पुत्र संदीप काफी समय से तनाव में था। पूर्व में कई बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका था, मगर समय रहते सूचना मिलने के चलते उसे बचा लिया जाता था। संदीप की चौकसी के लिए पत्नी और उसका पुत्र हमेशा घर में ही रहते थे। मगर रविवार दोपहर संदीप अकेला रह गया और उसने आत्महत्या कर ली।
बड़े बेटे की हो गई थी हत्या, छोटे ने कर लिया सुसाइड
युवा पुत्र की मौत के बाद गम में डूबे जगमोहन लाल का रो-रो कर बुरा है। कह रहे थे कि एक पिता के लिए इससे अभागा दिन क्या होगा कि आज से 25 साल पहले उसके बड़े पुत्र दीपक की पारिवारिक कलह के चलते घर के भीतर ही नृशंस हत्या हो गई थी। आज दूसरे पुत्र ने आत्महत्या कर ली। उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकल रहे थे कि मेरे बुढ़ापे का एक मात्र सहारा भी चला गया। अब मैं किसके सहारे जीवन जिऊंगा।
युवा पुत्र की मौत के बाद गम में डूबे जगमोहन लाल का रो-रो कर बुरा है। कह रहे थे कि एक पिता के लिए इससे अभागा दिन क्या होगा कि आज से 25 साल पहले उसके बड़े पुत्र दीपक की पारिवारिक कलह के चलते घर के भीतर ही नृशंस हत्या हो गई थी। आज दूसरे पुत्र ने आत्महत्या कर ली। उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकल रहे थे कि मेरे बुढ़ापे का एक मात्र सहारा भी चला गया। अब मैं किसके सहारे जीवन जिऊंगा।