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ममता शर्मसार: शुगर मिल यार्ड में कपड़े में लिपटी रोती-बिलखती मिली नवजात, चिकित्सकों ने जताई ये आशंका

Wed, 04 Sep 2024 05:51 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर Published by: डिंपल सिरोही Updated Wed, 04 Sep 2024 05:51 PM IST
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UP Nws: Newborn baby girl found crying in Bijnor Sugar Mill Yard
महिला पुलिसकर्मी बच्ची के साथ - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के बिजनाैर में धामपुर चीनी मिल यार्ड परिसर से बुधवार को एक नवजात बच्ची रोती- चिल्लाती मिली। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मोके पर जाकर बच्ची को कब्जे में लेकर उसे सीएचसी में उपचार को भर्ती कराया। बच्ची के होट कटे है और नाक न के बराबर है। डाक्टरों ने परीक्षण के बाद बच्ची को बिजनौर जिला अस्पताल रेफर किया है।

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धामपुर चीनी मिल के डा. पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि चीनी के केन यार्ड में एक नवजात बच्ची रो रही है।देखने में ऐसा लगा रहा है कि जैसे उसे कोई दिन में ही वहां पर कपड़े में लपेट कर छोड़ गया हो। मौके पर जाकर देखा तो मामला सही पाया गया। मिल के अधिकारियों ने घटना की सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी।

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मौके पर पहुंची महिला इंस्पेक्टर रीता कुमारी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच रोती-बिलखती कपड़े में लिपटी बच्ची को गोद में उठा लिया। बाद में पुलिस ने बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया। डाक्टर जौनी सिंह ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है। उसके मुंह पर होंठ नहीं है और चेहरे पर नाक भी न के बराबर है। अनुमान है कि कोई बच्ची के चेहरे को देख उसे कपड़े में लपेट कर फेंक गया ।

चिकित्सकों के अनुसार परीक्षण के दौरान लग रहा है कि बच्ची का जन्म मंगलवार देर रात हुआ होगा। बताया गया कि कन्या पूर्ण अवधि के बाद ही जन्मी है। डाक्टरों ने बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर किया है। उनका कहना है कि हो सकता है कि दंपती ने बच्ची के विचित्र होने के कारण से भी उसे यहां छोड़ा हो।
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ऐसे लोगों को कुदरत माफ नहीं करेगी-ग्रामीण
अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि यह हमारे समाज का दुर्भाग्य है। किसी को बच्चे पैदा नहीं होते हैं और कोई बच्चा पैदा होने के बाद झाड़ियों में फेंक देता है। जागरुकता के बाद भी अंधविश्वास जारी है। आज भी समाज के कुछ परिवारों में बालिकाओं को बोझ समझा जाता है, जबकि अब ऐसा नहीं है। बालिकाएं भी बालकों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर देश की तरक्की में योगदान देने में पीछे नहीं हैं। 
 
20 दिन पहले भी हो चुकी क्षेत्र के एक गांव में घटना
धामपुर क्षेत्र के एक गांव में भी 20 दिन पहले एक और घटना हो चुकी है। उस गांव में भी जब महिला ने ऐसी ही विचित्र बच्ची को जन्म दिया तो परिवार के सदस्यों ने एक होकर उसे डाक्टरों को दिखाने के बजाय जिंदा की दफन कर दिया। कुछ लोगों की ओर से इसकी सोशल मीडिया में वीडियों को खूब वायरल हुुई थी। पर प्रशासन की ओर से इसे गंभीरता सेे लेकर कार्रवाई करना दायित्व नहीं समझा गया।
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