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अनलॉक-1 के प्रति नागरिकों ने व्यक्त की प्रतिक्रियाएं
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पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड.।
- फोटो : NAZIBABAD
अनलॉक-1 में बढ़ी नागरिकों की जिम्मेदारी
नजीबाबाद। सरकार द्वारा एक जून से अनलॉक-1 के साथ आवागमन सहित विभिन्न सुविधाएं दिए जाने पर नागरिकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं हैं। नागरिकों ने कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ने की स्थिति को देखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया है।
नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड. कहते हैं कि अनलॉक-1 के साथ आवागमन की छूट मिलने पर नागरिकों के कंधे पर कोरोना संक्रमण को रोकने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। कोरोना दुनिया से जल्द नहीं जाएगा। कोरोना के बीच हमें जागरुक रहकर जिंदगी जीने के तौर-तरीके बदलने होंगे।
भाजपा नेता संजय त्यागी एड. अनलॉक-1 को वक्त की जरूरत मानते हैं। उनका कहना है कि 68 दिन बाद जिंदगी पटरी पर लाने के लिए जहां सरकार ने आवागमन और कारोबारी सुविधाएं दी हैं वहीं नागरिकों को सोशल डिस्टेंसिंग और जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाया है।
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होटल कारोबारी हाजी मो. यामीन सैफी का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों ने संक्रमण से बचने के लिए तौर-तरीके सीखे हैं। उन्होंने जल्द होटल कारोबार शुरू होने से लाखों बेरोजगारों को रोजगार का सहारा मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
जोगीरम्पुरी के ग्राम प्रधान और समाजसेवी हाजी मो. रफी अंसारी अनलॉक-1 को देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए सरकार का अहम कदम मानते हैं।
उधर किसान नेता एवं जनप्रतिनिधि सरदार हरप्रीत सिंह संधु का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में चीनी मिल, क्रेशरों का संचालन हुआ लेकिन एक भी किसान और श्रमिक संक्रमित नहीं हुआ। सरकार को लॉकडाउन के दौरान सीमित ट्रेन, बस और ट्रांसपोर्ट जारी रखने चाहिए थे।
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नजीबाबाद। सरकार द्वारा एक जून से अनलॉक-1 के साथ आवागमन सहित विभिन्न सुविधाएं दिए जाने पर नागरिकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं हैं। नागरिकों ने कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ने की स्थिति को देखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया है।
नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड. कहते हैं कि अनलॉक-1 के साथ आवागमन की छूट मिलने पर नागरिकों के कंधे पर कोरोना संक्रमण को रोकने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। कोरोना दुनिया से जल्द नहीं जाएगा। कोरोना के बीच हमें जागरुक रहकर जिंदगी जीने के तौर-तरीके बदलने होंगे।
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भाजपा नेता संजय त्यागी एड. अनलॉक-1 को वक्त की जरूरत मानते हैं। उनका कहना है कि 68 दिन बाद जिंदगी पटरी पर लाने के लिए जहां सरकार ने आवागमन और कारोबारी सुविधाएं दी हैं वहीं नागरिकों को सोशल डिस्टेंसिंग और जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाया है।
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होटल कारोबारी हाजी मो. यामीन सैफी का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों ने संक्रमण से बचने के लिए तौर-तरीके सीखे हैं। उन्होंने जल्द होटल कारोबार शुरू होने से लाखों बेरोजगारों को रोजगार का सहारा मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
जोगीरम्पुरी के ग्राम प्रधान और समाजसेवी हाजी मो. रफी अंसारी अनलॉक-1 को देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए सरकार का अहम कदम मानते हैं।
उधर किसान नेता एवं जनप्रतिनिधि सरदार हरप्रीत सिंह संधु का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में चीनी मिल, क्रेशरों का संचालन हुआ लेकिन एक भी किसान और श्रमिक संक्रमित नहीं हुआ। सरकार को लॉकडाउन के दौरान सीमित ट्रेन, बस और ट्रांसपोर्ट जारी रखने चाहिए थे।

सरदार हरप्रीत सिंह संधु।- फोटो : NAZIBABAD

संजय त्यागी।- फोटो : NAZIBABAD

हाजी मो.रफी अंसारी।- फोटो : NAZIBABAD

मो.यामीन सैफी।- फोटो : NAZIBABAD