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सैलरी तक नहीं निकाल पाए
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:49 PM IST
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बिजनौर के कालागढ़ में कैश की पर्याप्त खेप बैंकों में न पहुंचने के कारण ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके चलते नोटबंदी के कई सप्ताह बीतने के बावजूद कतारें कम नहीं हो रही हैं। ग्राहकों का कहना है कि बड़े बैंकों को ही कैश मिल पा रहा है। बाकी बैंकों और डाकघरों में कैश की किल्लत जारी है। इसलिए समस्या बनी है।
बैंक से शनिवार को उपभोक्ताओं को पेंशन और सैलरी के भुगतान करने में बैंकों और डाकघर को परेशानी आ गई। बैंक मे मौजूदा कैश के सहारे उपभोक्ताओं को सुबह से ही छह से दस हजार रुपये तक ही मिल पाए। बैंक में पहुंचे उपभोक्ताओं ऋषिपाल सिंह, मामचंद्र, सुनील कुमार, संजय सिंह, यशोदा देवी, संतोषी देवी आदि ने कहा कि बैंक में कभी इतनी परेशानी नही हुई। सुबह से कतार में लगे हैं। हालांकि नंबर जल्दी ही आ गया। निकासी मन माफिक नहीं हो पाई है। इसके अलावा सबसे बड़ी जो समस्या यह है कि अब एक हफ्ते बाद ही बैंक से निकासी हो सकेगी। उधर, कालागढ़ के एसबीआई के शाखा प्रबंधक निरूपम शर्मा के अनुसार बैंक का प्रयास है कि जितना भी कैश मिल रहा है, उसका लाभ उपभोक्ताओं को देने का प्रयास किया जा रहा है।
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बैंक से शनिवार को उपभोक्ताओं को पेंशन और सैलरी के भुगतान करने में बैंकों और डाकघर को परेशानी आ गई। बैंक मे मौजूदा कैश के सहारे उपभोक्ताओं को सुबह से ही छह से दस हजार रुपये तक ही मिल पाए। बैंक में पहुंचे उपभोक्ताओं ऋषिपाल सिंह, मामचंद्र, सुनील कुमार, संजय सिंह, यशोदा देवी, संतोषी देवी आदि ने कहा कि बैंक में कभी इतनी परेशानी नही हुई। सुबह से कतार में लगे हैं। हालांकि नंबर जल्दी ही आ गया। निकासी मन माफिक नहीं हो पाई है। इसके अलावा सबसे बड़ी जो समस्या यह है कि अब एक हफ्ते बाद ही बैंक से निकासी हो सकेगी। उधर, कालागढ़ के एसबीआई के शाखा प्रबंधक निरूपम शर्मा के अनुसार बैंक का प्रयास है कि जितना भी कैश मिल रहा है, उसका लाभ उपभोक्ताओं को देने का प्रयास किया जा रहा है।
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