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महात्मा गांधी के कुटुंब में हुआ था हल्दौर की दो बेटियों का विवाह
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मनोज्ञा देवी उनका पुत्र शरद गाँधी तथा महात्मा गांधी। फाइल फोटो
- फोटो : BIJNOR
महात्मा गांधी के कुटुंब में हुआ था हल्दौर की दो बेटियों का विवाह
विवेक गुप्ता
बिजनौर। बिजनौर के हल्दौर कस्बे की दो लड़कियों का विवाह महात्मा गांधी के कुटुंब में हुआ था। हल्दौर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाला ठाकुर दास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे। उनके परम मित्र हल्दौर निवासी लाला डालचंद थे। महात्मा गांधी ने लाला डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में आमंत्रित किया। दोनों की बातचीत हुई और महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ अंबा देवी का विवाह हो गया।
वर्तमान में बिजनौर में रह रहे महेश कुमार रस्तौगी बताते हैं कि उनके नाना लाला डालचंद की पुत्री अंबा देवी बचपन से ही बेहद मेधावी थीं। 21 वर्ष की आयु में ही उन्होंने विशारद तथा साहित्य सरस्वती की उपाधि प्राप्त की थी। अंबा देवी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में शामिल रहीं तथा 1930 और 1932 के दौरान हुए सत्याग्रह में दो बार जेल गई। बिजनौर जिले के इतिहास के जानकार ग्राम फीना निवासी हेमंत कुमार बताते हैं कि अंबा देवी ने राष्ट्र सेवा का व्रत लिया था। यह बात महात्मा गांधी तक पहुंची। महात्मा गांधी ने लाला डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में आमंत्रित किया। दोनों की बातचीत हुई और महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ अंबा देवी का विवाह हो गया। प्रभुदास गांधी का बचपन दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के साथ फीनिक्स आश्रम में व्यतीत हुआ।
1933 में महिला सेवा आश्रम वर्धा में महात्मा गांधी ने प्रभुदास गांधी और अंबा देवी का विवाह सादगी के साथ संपन्न कराया। विवाह के कुछ समय बाद गांधी ने इनको ग्रामीणों के बीच रहकर सेवा करने के लिए कहा। इस क्रम में यह दोनों बिजनौर के सीमावर्ती अमरोहा, गजरौला, धनोरा, तिगरी क्षेत्र में रहकर सेवा कार्य करने लगे। कुछ वर्षों बाद प्रभुदास गांधी के छोटे भाई कृष्णदास गांधी के विवाह की बात चली तो अंबा देवी ने अपने पिता के मित्र सेठ हीरालाल की पुत्री मनोज्ञा देवी से रिश्ता तय कर दिया। सत्याग्रह के सिलसिले में कस्तूरबा गांधी के नेतृत्व में महिला जत्थे को गिरफ्तारी देनी थी। इस जत्थे के साथ के साथ मनोज्ञा देवी भी जेल गई थी। इस दौरान अंबा देवी और मनोज्ञा देवी ने स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंबा देवी जीवन पर्यंत राष्ट्र के प्रति समर्पित रहीं। महात्मा गांधी के वर्धा स्थित आश्रम में मनोज्ञा देवी के पुत्र शरद गांधी के साथ गांधीजी की एक दुर्लभ तस्वीर भी मौजूद है। (संवाद)
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विवेक गुप्ता
बिजनौर। बिजनौर के हल्दौर कस्बे की दो लड़कियों का विवाह महात्मा गांधी के कुटुंब में हुआ था। हल्दौर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाला ठाकुर दास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे। उनके परम मित्र हल्दौर निवासी लाला डालचंद थे। महात्मा गांधी ने लाला डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में आमंत्रित किया। दोनों की बातचीत हुई और महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ अंबा देवी का विवाह हो गया।
वर्तमान में बिजनौर में रह रहे महेश कुमार रस्तौगी बताते हैं कि उनके नाना लाला डालचंद की पुत्री अंबा देवी बचपन से ही बेहद मेधावी थीं। 21 वर्ष की आयु में ही उन्होंने विशारद तथा साहित्य सरस्वती की उपाधि प्राप्त की थी। अंबा देवी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में शामिल रहीं तथा 1930 और 1932 के दौरान हुए सत्याग्रह में दो बार जेल गई। बिजनौर जिले के इतिहास के जानकार ग्राम फीना निवासी हेमंत कुमार बताते हैं कि अंबा देवी ने राष्ट्र सेवा का व्रत लिया था। यह बात महात्मा गांधी तक पहुंची। महात्मा गांधी ने लाला डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में आमंत्रित किया। दोनों की बातचीत हुई और महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ अंबा देवी का विवाह हो गया। प्रभुदास गांधी का बचपन दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के साथ फीनिक्स आश्रम में व्यतीत हुआ।
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1933 में महिला सेवा आश्रम वर्धा में महात्मा गांधी ने प्रभुदास गांधी और अंबा देवी का विवाह सादगी के साथ संपन्न कराया। विवाह के कुछ समय बाद गांधी ने इनको ग्रामीणों के बीच रहकर सेवा करने के लिए कहा। इस क्रम में यह दोनों बिजनौर के सीमावर्ती अमरोहा, गजरौला, धनोरा, तिगरी क्षेत्र में रहकर सेवा कार्य करने लगे। कुछ वर्षों बाद प्रभुदास गांधी के छोटे भाई कृष्णदास गांधी के विवाह की बात चली तो अंबा देवी ने अपने पिता के मित्र सेठ हीरालाल की पुत्री मनोज्ञा देवी से रिश्ता तय कर दिया। सत्याग्रह के सिलसिले में कस्तूरबा गांधी के नेतृत्व में महिला जत्थे को गिरफ्तारी देनी थी। इस जत्थे के साथ के साथ मनोज्ञा देवी भी जेल गई थी। इस दौरान अंबा देवी और मनोज्ञा देवी ने स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंबा देवी जीवन पर्यंत राष्ट्र के प्रति समर्पित रहीं। महात्मा गांधी के वर्धा स्थित आश्रम में मनोज्ञा देवी के पुत्र शरद गांधी के साथ गांधीजी की एक दुर्लभ तस्वीर भी मौजूद है। (संवाद)

अम्बा देवी फाइल फोटो- फोटो : BIJNOR
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