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बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल हुईं दो बसें
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बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल हुईं दो बसें
बिजनौर। यात्रियों को अब सफर में कोई परेशानी नहीं होगी। क्योंकि नई तकनीकी की बीएस-6 बसों को बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल किया गया है। बीएस-6 की डिपो को अभी दो बसें मिली हैं। जल्द ही करीब आठ बसें और बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल होंगी। तकनीकी गड़बड़ी से बचने के लिए बसों में सेंसर लगाए हैं।
बिजनौर डिपो को मिली बीएस-6 बसों में खास बात ये है कि इनसे 80 फीसदी प्रदूषण कम होगा। इसके साथ ही किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी जैसे टायर फटने से होने वाले हादसे की सूचना पहले ही इसमें लगे सॉफ्टवेयर के माध्यम से मिल जाएगी। वहीं शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने से पहले ही अलार्म बजेगा। इससे दुघर्टना होने से बचाया जा सकता है। वहीं बीएस-6 बसों में लगे सेंसर से किसी भी कलपुर्जे में खराबी होने से पहले ही पता चल जाएगी। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीएस-6 बस में 26 सेंसर लगे हुए हैं। जो मरम्मत के समय दिक्कत बता देंगे। बीएस-6 बसों के लिए चालकों और फोरमैन को ट्रेनिंग दी गई है।
बीएस-6 बसों में नई तकनीकी का प्रयोग किया गया है। कोई भी खराबी होने पर बस में लगे सेंसर से पता चल जाएगा। बिजनौर डिपो को दो बीएस-6 बसें मिली हैं। जल्द ही करीब आठ बसें मिलने की उम्मीद है।
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- धीरज सिंह पंवार, एआरएम
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बिजनौर। यात्रियों को अब सफर में कोई परेशानी नहीं होगी। क्योंकि नई तकनीकी की बीएस-6 बसों को बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल किया गया है। बीएस-6 की डिपो को अभी दो बसें मिली हैं। जल्द ही करीब आठ बसें और बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल होंगी। तकनीकी गड़बड़ी से बचने के लिए बसों में सेंसर लगाए हैं।
बिजनौर डिपो को मिली बीएस-6 बसों में खास बात ये है कि इनसे 80 फीसदी प्रदूषण कम होगा। इसके साथ ही किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी जैसे टायर फटने से होने वाले हादसे की सूचना पहले ही इसमें लगे सॉफ्टवेयर के माध्यम से मिल जाएगी। वहीं शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने से पहले ही अलार्म बजेगा। इससे दुघर्टना होने से बचाया जा सकता है। वहीं बीएस-6 बसों में लगे सेंसर से किसी भी कलपुर्जे में खराबी होने से पहले ही पता चल जाएगी। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीएस-6 बस में 26 सेंसर लगे हुए हैं। जो मरम्मत के समय दिक्कत बता देंगे। बीएस-6 बसों के लिए चालकों और फोरमैन को ट्रेनिंग दी गई है।
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बीएस-6 बसों में नई तकनीकी का प्रयोग किया गया है। कोई भी खराबी होने पर बस में लगे सेंसर से पता चल जाएगा। बिजनौर डिपो को दो बीएस-6 बसें मिली हैं। जल्द ही करीब आठ बसें मिलने की उम्मीद है।
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- धीरज सिंह पंवार, एआरएम