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Bijnor News: आबादी में न पहुंचे बाढ़, मोड़ी जा रही नदी की धारा

Sat, 20 Jul 2024 02:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2024 02:05 AM IST
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To prevent floods from reaching the population, the river's current is being diverted.
गांव घासीवाला को बाढ़ से बचाने के लिए जेसीबी से कराई जा रही खोदाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। गांव घासीवाला और आसपास की आबादी को बाढ़ से बचाने के लिए जेसीबी से नदी की धारा की खोदाई कराई जा रही है। सिंचाई विभाग की ओर से खोदाई कराकर धारा नदी के पानी के बहाव का रुख दूसरी ओर करने का कार्य कराया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने एडीएम से आबादी को बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत स्थाई रूप से तटबंध निर्माण व स्टड बनवाने की मांग की है।

पिछले दिनों हुई भारी वर्षा से धारा नदी का बहाव गांव घासीवाला की ओर हो गया था। इससे ग्रामीणों की भूमि का कटान तथा गांव में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से जेसीबी से धारा नदी की खोदाई कर बहाव का रूख गांव की ओर से दूसरी ओर मोड़ने तथा उस स्थान पर रेत के बोरे रखे जाने का कार्य कराया जा रहा है।
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ग्रामीण नानक सिंह, सतनाम सिंह, निर्मल सिंह फौजी, जगजीत सिंह, गुरेज सिंह मलकीत सिंह, कुलजीत कौर, कमलजीत कौर, रमनजीत कौर, रमिंदर कौर व परविंदर कौर आदि का कहना है कि ग्राम घासीवाला धारा नदी के किनारे बसा हुआ हैं। बरसात के दिनो में पहाड़ों पर भारी वर्षा होने के कारण धारा नदी का बहाव लगातार तेज होने के कारण वह गांव के समीप पहुंच चुकी है। वर्षा के चलते धारा नदी का पानी गांव में घुस जाता हैं। इससे जान माल की भारी क्षति होने की आशंका रहती हैं।
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50 साल पहले बांध बनाकर मोड़ा गया था धारा प्रवाह

किसान नानक सिंह का कहना है कि करीब 50 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग ने पीली बांध का निर्माण करते समय धारा नदी का पानी पीली बांध में ले जाने के लिए घासीवाला के दक्षिण पश्चिम में बांध बनाकर धारा नदी का प्रवाह मोड़ दिया गया था। बरसात में घासीवाला, नारायणवाला, उमरपुरनथन, धर्मपुर, माधेवाला आदि गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
स्थाई रूप से बनाया जाना चाहिए तटबंध

सतनाम सिंह का कहना है कि वर्ष 2005-06 में धारा नदी में आई भीषण बाढ़ से ग्राम घासीवाला को बचाने के लिए सिंचाई खंड अफजलगढ़ की ओर घासीवाला बाढ़ सुरक्षा परियोजना स्वीकृत कराई गई थी। घासीवाला के उत्तर दिशा में स्थित पंप कैनौल से टाईअप करके गांव की और लगभग 600 मीटर लंबाई का तटबंध का निर्माण तथा पत्थर की पिचिंग व कई स्टैंड बनाए गए थे । शेष कार्य नहीं कराए गए। तटबंध स्थाई रूप से बनाया जाना चाहिए।
एसडीएम को भेजा पत्र

निर्मल सिंह फौजी का कहना है कि जब से अब तक सिचाई विभाग की ओर से अन्य गांव को बाढ़ से बचाने के लिए कोई कार्य नहीं कराया गया। गांव के आसपास स्थाई तटबंध का निर्माण कराया जाना चाहिए।

जगजीत सिंह का कहना है कि बरसात के दिनों में धारा नदी का प्रवाह तेज होने के कारण गांव की ओर मुड़ जाता है। बाढ़ की स्थिति व किसानों की भूमि का कटान होता है। गांव के समीप तटबंध व स्टड निर्माण कराया जाना चाहिए। एडीएम को पत्र लिखकर घासीवाला व आसपास की आबादी को धारा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा परियोजना स्वीकृत कराकर तटबंध और स्टड निर्माण कराने की मांग की है।
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