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तिसोतरा की गोमती थीं जिले की पहली महिला प्रधान

Fri, 27 Nov 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 27 Nov 2015 11:54 PM IST
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Tisotra were Gomati district's first female village head
बरूकी। ग्राम पंचायत की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का श्रेय जिले की महिला प्रधान गोमती देवी को जाता है। उन्होंने वर्ष 1960 में अपने गांव तिसोतरा से प्रधानी का चुनाव जीता और जिले में महिला राजनीति की नींव रखी। वे लगातार 12 साल तक गांव की प्रधान रहीं।
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वर्ष 1963 में तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री इंदिरा गांधी जब नजीबाबाद आईं थी तो गोमती देवी ने ही जिले की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए  उनके साथ मंच साझा किया था।
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जिला पंचायत चुनाव की राजनीति जोरों पर है। महिलाओं को राजनीति में सक्रिय करने के लिए अब चुनाव आयोग द्वारा अलग से आरक्षण किया जाता है। इन सीटों पर केवल महिलाएं ही लड़ सकती हैं। साथ ही सामान्य सीटों पर भी महिलाएं चुनावी मैदान में हैं।
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इस समय चल रहे ग्राम पंचायत चुनाव में कई महिलाएं प्रधानी के लिए मैदान में ताल ठोंक रही हैं। नजीबाबाद में महिलाओं को राजनीति में लाने का श्रेय नजीबाबाद ब्लॉक के गांव तिसोतरा निवासी वंशीधर गुप्ता की पत्नी गोमती देवी को जाता है।

गोमती देवी ने साल 1960 में चुनाव जीतकर जिले की पहली महिला ग्राम प्रधान बनने का गौरव प्राप्त किया था। उनके पौत्र डॉ. राजकुमार गुप्ता बताते हैं कि उनकी दादी 1965 और 1970 में भी चुनाव जीतकर प्रधान बनीं।

1963 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहते हुए जब इंदिरा गांधी नजीबाबाद आईं थी तो जिले की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उनकी दादी ने इंदिरा गांधी के साथ मंच साझा किया था। उनके दादा वंशीधर गुप्ता ने हमेशा दादी को गांव के विकास के लिए प्रेरित किया।

साल 1972 में उनकी दादी ने खुद ही प्रधानी पद छोड़ दिया था। दादा-दादी अब इस दुनिया में  नहीं है। गांव स्थित बाल सदन इंटर कॉलेज में उनकी दादी की याद में उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित कराई गई है।

बैठक में चुना जाता था प्रधान
बरूकी। डॉ. राजकुमार गुप्ता के मुताबिक उस समय प्रधानी के चुनाव में बैलेट पेपर पर मोहर नहीं लगाई जाती थी। पूरे गांव की बैठक बुलाई जाती थी और प्रत्याशी के समर्थन में ग्रामीण हाथ उठाते थे। जिसके समर्थन में सबसे अधिक ग्रामीण हाथ उठाते थे, उसको ही प्रधान चुन लिया जाता था।


प्रधान के पति शब्द औचित्यहीन
बरूकी। ग्राम प्रधान संघ की जिलाध्यक्ष प्रभा चौधरी के मुताबिक महिलाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। प्रधानपति जैसे शब्द औचित्यहीन हैं। इन शब्दों को समाज तथा राजनीति से हटाने में महिला राजनीतिज्ञ सक्षम हैं। महिलाओं को मात्र खुद पर विश्वास जताने की आवश्यकता है।
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