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Bijnor News: कैमरे में नहीं दिखी बाघिन, पगचिह्न से तलाश जारी
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अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव हर्रावाला के जंगल में बाघिन को पड़ने के लिए वन विभाग द्वारा लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़/रेहड़। बाघिन की तलाश में वन विभाग जंगलों में ड्रोन उड़ा रहा है, वहीं टैप कैमरे से तलाश हो रही है। तीन दिन में वन विभाग केवल पगचिह्नों का ही पीछा कर रहा है। कैमरों में बाघिन की परछाई तक नजर नहीं आई। एक ड्रोन और सात ट्रैप कैमरों की मदद से बाघ को तलाशा जा रहा है।
चार दिन पूर्व गांव हर्रायवाला के पूर्व प्रधान धीरेंद्र शेखावत एवं उनसे सटे पड़ोसी किसान राकेश कुमार पुत्र किशन सिंह निवासी सादकपुर के खेतों में बाघिन आराम करती दिखाई दी थी। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो वन विभाग की टीम हरकत में आई। यह क्षेत्र अमानगढ़ से करीब सात किलोमीटर दूर था। वन विभाग की टीम ने तुरंत ड्रोन कैमरे से तलाश शुरू कराई, वहीं सात ट्रैप कैमरे भी जंगलों में लगवा दिए।
इसके अलावा पिंजरा लगवाकर उसमें बकरी भी बांध दी गई। इस सबके बावजूद वन विभाग को केवल बाघिन के पगचिह्न ही दिखाई दिए हैं। बैनेली नदी के पास बाघिन के आने और जाने के पगचिह्न मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसी रास्ते से बाघिन संरक्षित वन क्षेत्र से यहां तक आई है। उधर, जो कैमरे लगाए गए थे, उनमें बाघिन की एक भी फोटो नहीं आई है।
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गन्ने के खेत खाली करा रहा वन विभाग : अमानगढ़ रेंज एवं नगीना रेंज के वन कर्मियों ने खेतों में काम कर रहे लोगों को सावधान किया। जहां बाघिन दिखाई दी थी, उस क्षेत्र के गन्ने के खेत खाली कराए जा रहे हैं, ताकि बाघिन दूर से आती दिखाई दे जाए। मंगलवार को किसानों ने एकत्रित होकर खेतों पर काम किया।
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अफजलगढ़/रेहड़। बाघिन की तलाश में वन विभाग जंगलों में ड्रोन उड़ा रहा है, वहीं टैप कैमरे से तलाश हो रही है। तीन दिन में वन विभाग केवल पगचिह्नों का ही पीछा कर रहा है। कैमरों में बाघिन की परछाई तक नजर नहीं आई। एक ड्रोन और सात ट्रैप कैमरों की मदद से बाघ को तलाशा जा रहा है।
चार दिन पूर्व गांव हर्रायवाला के पूर्व प्रधान धीरेंद्र शेखावत एवं उनसे सटे पड़ोसी किसान राकेश कुमार पुत्र किशन सिंह निवासी सादकपुर के खेतों में बाघिन आराम करती दिखाई दी थी। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो वन विभाग की टीम हरकत में आई। यह क्षेत्र अमानगढ़ से करीब सात किलोमीटर दूर था। वन विभाग की टीम ने तुरंत ड्रोन कैमरे से तलाश शुरू कराई, वहीं सात ट्रैप कैमरे भी जंगलों में लगवा दिए।
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इसके अलावा पिंजरा लगवाकर उसमें बकरी भी बांध दी गई। इस सबके बावजूद वन विभाग को केवल बाघिन के पगचिह्न ही दिखाई दिए हैं। बैनेली नदी के पास बाघिन के आने और जाने के पगचिह्न मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसी रास्ते से बाघिन संरक्षित वन क्षेत्र से यहां तक आई है। उधर, जो कैमरे लगाए गए थे, उनमें बाघिन की एक भी फोटो नहीं आई है।
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गन्ने के खेत खाली करा रहा वन विभाग : अमानगढ़ रेंज एवं नगीना रेंज के वन कर्मियों ने खेतों में काम कर रहे लोगों को सावधान किया। जहां बाघिन दिखाई दी थी, उस क्षेत्र के गन्ने के खेत खाली कराए जा रहे हैं, ताकि बाघिन दूर से आती दिखाई दे जाए। मंगलवार को किसानों ने एकत्रित होकर खेतों पर काम किया।