{"_id":"619155ada35934263161a96a","slug":"three-funerals-arose-from-daulatpur-billauch-bijnor-news-mrt564834693","type":"story","status":"publish","title_hn":"दौलतपुर बिल्लौच से उठे एक साथ तीन जनाजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दौलतपुर बिल्लौच से उठे एक साथ तीन जनाजे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दौलतपुर बिल्लौच से उठे एक साथ तीन जनाजे
नूरपुर। शनिवार रात सड़क हादसे में तहेरे-चचेरे भाई की मौत हो गई। परिवार को ढांढस बंधाने गए एक व्यक्ति की भी सदमे में आकर मौत हो गई। रविवार को गांव दौलतपुर बिल्लौच से तीन जनाजे एक साथ उठे तो सभी की आंखें नम हो गईं। गांव में अधिकांश घरों के चूल्हे भी नहीं जले।
नूरपुर थाने के गांव दौलतपुर बिल्लौच निवासी आजाद (27) ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसका चचेरा भाई इमरान (22) टैक्सी ड्राइवर था। शनिवार शाम करीब सात बजे दोनों भाई ई-रिक्शा से नौगावां सादात से रामगंगा पोषक नहर के रास्ते घर आ रहे थे। रास्ते में गांव सेह के पुल के पास किसी वाहन चालक ई-रिक्शा में टक्कर मारकर भाग गया। दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर शिवाला कलां पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आजाद को मृत घोषित कर दिया। इमरान की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही इमरान ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आजाद दो पुत्रों का पिता था जबकि इमरान अभी अविवाहित था। आजाद और इमरान की मौत से जहां परिवारों में कोहराम मच गया।
वहीं परिवार को ढांढस बंधाने वालों का तांता लग गया। गांव का ही 32 वर्षीय आरिफ भी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए गया था। वह दोनों मृतकों के परिवारों के विलाप को देख बर्दाश्त नहीं कर पाया और घर पहुंचते ही सदमे में आकर उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। आरिफ अपने पीछे तीन बच्चों सहित पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड़ गया। चार घंटे के अंतराल में तीन युवाओं की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। गांव के अधिकांश घरों के चूल्हे नहीं जले। रविवार को गांव से तीन जनाजे एक साथ उठे तो सभी की आंखे नम हो गईं। सबकी जुबां पर हादसे का जिक्र था।
विज्ञापन
विज्ञापन
नूरपुर। शनिवार रात सड़क हादसे में तहेरे-चचेरे भाई की मौत हो गई। परिवार को ढांढस बंधाने गए एक व्यक्ति की भी सदमे में आकर मौत हो गई। रविवार को गांव दौलतपुर बिल्लौच से तीन जनाजे एक साथ उठे तो सभी की आंखें नम हो गईं। गांव में अधिकांश घरों के चूल्हे भी नहीं जले।
नूरपुर थाने के गांव दौलतपुर बिल्लौच निवासी आजाद (27) ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसका चचेरा भाई इमरान (22) टैक्सी ड्राइवर था। शनिवार शाम करीब सात बजे दोनों भाई ई-रिक्शा से नौगावां सादात से रामगंगा पोषक नहर के रास्ते घर आ रहे थे। रास्ते में गांव सेह के पुल के पास किसी वाहन चालक ई-रिक्शा में टक्कर मारकर भाग गया। दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर शिवाला कलां पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आजाद को मृत घोषित कर दिया। इमरान की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही इमरान ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आजाद दो पुत्रों का पिता था जबकि इमरान अभी अविवाहित था। आजाद और इमरान की मौत से जहां परिवारों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
वहीं परिवार को ढांढस बंधाने वालों का तांता लग गया। गांव का ही 32 वर्षीय आरिफ भी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए गया था। वह दोनों मृतकों के परिवारों के विलाप को देख बर्दाश्त नहीं कर पाया और घर पहुंचते ही सदमे में आकर उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। आरिफ अपने पीछे तीन बच्चों सहित पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड़ गया। चार घंटे के अंतराल में तीन युवाओं की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। गांव के अधिकांश घरों के चूल्हे नहीं जले। रविवार को गांव से तीन जनाजे एक साथ उठे तो सभी की आंखे नम हो गईं। सबकी जुबां पर हादसे का जिक्र था।
विज्ञापन