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तीन तलाक सती प्रथा से कम नहीं : यासूब

Tue, 09 May 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 09 May 2017 12:14 AM IST
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Three divorces not less than Sati's practice: Yasub
प्रेसवार्ता में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि तीन तलाक बहुत बड़ी बुराई है। तीन तलाक सती प्रथा से कम नहीं है। इसे खत्म करने के लिए सती प्रथा की तरह ही कानून बनाना होगा। अदालत इस मामले में बहुत जल्दी निर्णय करने वाली है। अब तीन तलाक के समर्थन में प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होने वाला है।
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मोहल्ला बुखारा में अरूज रजा जैदी के आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि तीन तलाक को खत्म करने के लिए इस तरह का कानून बने जैसा सती प्रथा खत्म करने के लिए बनाया गया था। कहा कि बाबरी मस्जिद व राम जन्मभूमि का मामला अदालत के बाहर सामाजिक व धार्मिक लोगों के बीच बिना सियासी दखल के हल हो तो ठीक होगा। अदालत द्वारा इस पर फैसला सुनाने से एक पक्ष नाराज होगा जबकि दूसरा खुश। ऐसी सूरत में भावनाएं भड़कने का अंदेशा रहता है। भावनाएं भड़कने पर लोगों को जान गंवानी पड़ती है और इस मामले के हल के लिए खून खराबा नहीं होना चाहिए। 
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शिया पर्सनल लॉ बोर्ड मुल्क में अमान की बात करता है और सभी की भावनाओं का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि शिया काफी पढ़े लिखे होकर भी बेरोजगार हैं। इनकी हालत का सर्वे करने के लिए केंद्र सरकार को सच्चर कमेटी की तर्ज पर कमेटी गठित करनी चाहिए। कमेटी के सर्वे से ही असली          सूरत सामने आएगी। इस दौरान मोहम्मद मेंहदी, वसी हैदर, शिराज जैदी, शमीम हैदर, हजूर जैदी आदि  मौजूृद रहे।
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