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Bijnor News: गैंगस्टर एक्ट के 15 साल पुराने मुकदमे में तीन आरोपी बरी
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने वर्ष 2010 में दर्ज एक मुकदमे में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विपिन कुमार, राजेश कुमार और जय कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।
अभियोजन पक्ष यह सिद्ध नहीं कर पाया कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। वे लोक व्यवस्था भंग करने, समाज में भय फैलाने या अवैध गतिविधियों से अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित करने में लिप्त नहीं थे।
तीनों के खिलाफ 21 अक्तूबर 2010 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मुकदमा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े मुकदमों पर आधारित था। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने तीन गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध करने का प्रयास किया।
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बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष एक निर्णय प्रस्तुत किया। इसमें गैंगचार्ट के आधार बने एक मुकदमे में आरोपियों के पहले ही बरी होने की बात कही गई थी। न्यायालय ने माना कि अभियोजन के मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।
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अभियोजन पक्ष यह सिद्ध नहीं कर पाया कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। वे लोक व्यवस्था भंग करने, समाज में भय फैलाने या अवैध गतिविधियों से अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित करने में लिप्त नहीं थे।
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तीनों के खिलाफ 21 अक्तूबर 2010 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मुकदमा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े मुकदमों पर आधारित था। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने तीन गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध करने का प्रयास किया।
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बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष एक निर्णय प्रस्तुत किया। इसमें गैंगचार्ट के आधार बने एक मुकदमे में आरोपियों के पहले ही बरी होने की बात कही गई थी। न्यायालय ने माना कि अभियोजन के मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।