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खतरा मोलकर नदी पार करने को मजबूर
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अफजलगढ़ के गांव शाहपुरजमाल जाने वाले मार्ग में बनैली नदी से गुजरता बाइक सवार।
- फोटो : BIJNOR
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अफजलगढ़। गांव माननगर से शाहपुर जमाल मार्ग पर स्थित बनैली नदी पर वर्षों से बनैली नदी पर पुल बनाने की ग्रामीण वर्षों से बाट जोह रहे है, लेकिन अभी तक भी समस्याओं समाधान नहीं हो सका है। मजबूरन लोगों को नदी में से ही वाहनों को पार करना पड़ता है।
यह मुख्य मार्ग शाहपुर जमाल सहित महसनपुर, सिरियावाली, चक, हसनपुर, मोहिदीनपुर, बादशाहपुर, हरपुर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग है जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों राहगीर अपने अपने गंतव्यों की ओर होकर गुजरते हैं, लेकिन आज तक भी किसी जनप्रतिनिधियों ने मार्ग पर पुल बनवाने की जहमत तक नहीं उठाई। राजपाल सिंह, इंदर सिंह, विजयपाल सिंह, शिवकुमार, परवेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो दशक पूर्व तत्कालीन बीजेपी सांसद शीशराम सिंह रवि द्वारा बनैली नदी पर रपटा बनवाया गया था, जो दो साल भी नहीं चल पाया था। बनैली के तेज जलप्रवाह के कारण वह गया था, तब से आज तक आवाजाही के लिए पुल निर्माण नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों से भी समस्याओं को लेकर मिले, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान करते हुए अपने हाथों व ट्रैक्टर ट्रिपलर से पानी की आवाजाही के लिए पाइप और मिट्टी डालकर आवाजाही शुरू कर दी थी। कुछ दिन बाद ही बनैली नदी में उफान आने से बनाया गया मार्ग टूट गया। भूतपुरी स्थित छात्र छात्राएं भी नदी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं। तेज प्रवाह के कारण कभी-कभी स्कूली बच्चों को अभिभावक भय के चलते स्कूल नहीं भेजते। वहीं दुपहिया सवार भी खतरा मोल लेकर नदी को पार करते हैं। ग्रामीणों ने डीएम से बनैली नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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यह मुख्य मार्ग शाहपुर जमाल सहित महसनपुर, सिरियावाली, चक, हसनपुर, मोहिदीनपुर, बादशाहपुर, हरपुर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग है जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों राहगीर अपने अपने गंतव्यों की ओर होकर गुजरते हैं, लेकिन आज तक भी किसी जनप्रतिनिधियों ने मार्ग पर पुल बनवाने की जहमत तक नहीं उठाई। राजपाल सिंह, इंदर सिंह, विजयपाल सिंह, शिवकुमार, परवेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो दशक पूर्व तत्कालीन बीजेपी सांसद शीशराम सिंह रवि द्वारा बनैली नदी पर रपटा बनवाया गया था, जो दो साल भी नहीं चल पाया था। बनैली के तेज जलप्रवाह के कारण वह गया था, तब से आज तक आवाजाही के लिए पुल निर्माण नहीं कराया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों से भी समस्याओं को लेकर मिले, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान करते हुए अपने हाथों व ट्रैक्टर ट्रिपलर से पानी की आवाजाही के लिए पाइप और मिट्टी डालकर आवाजाही शुरू कर दी थी। कुछ दिन बाद ही बनैली नदी में उफान आने से बनाया गया मार्ग टूट गया। भूतपुरी स्थित छात्र छात्राएं भी नदी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं। तेज प्रवाह के कारण कभी-कभी स्कूली बच्चों को अभिभावक भय के चलते स्कूल नहीं भेजते। वहीं दुपहिया सवार भी खतरा मोल लेकर नदी को पार करते हैं। ग्रामीणों ने डीएम से बनैली नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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