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Bijnor News: जिले में नहीं है शेल्टर होम, सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा
Sat, 08 Nov 2025 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:26 AM IST
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नगीना के मोहल्ला कस्बा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के बाहर खड़े आवारा कुत्ते। संवाद
- फोटो : chineni news
बिजनौर। भले ही सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों से कुत्ते पकड़ने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन, बिजनौर में किसी भी नगर निकाय के पास शेल्टर होम की व्यवस्था नहीं है। सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों को जमावड़ा है और जिले में पकड़े जाने के बाद रखने की समस्या है। बिजनौर में 12 नगर पालिका और 6 नगर पंचायत हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कहीं भी शेल्टर होम की व्यवस्था नहीं है। इससे साफ जाहिर है कि जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना कठिन होगा। जबकि, शेल्टर होम की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों की है। लेकिन, बिजनौर में यह व्यवस्था नदारद है।
शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रामलीला ग्राउंड, मेडिकल अस्पताल परिसर सहित कई सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। इन स्थानों पर कुत्तों के झुंड के कारण आमजन को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
नगर पालिका की ओर से इनको पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। मेडिकल अस्पताल में रोजाना 30 लोगों को एंटी रेबीज का टीका लग रहा है। इससे साफ जाहिर है कि लोग आवारा कुत्तों के हमले के शिकार हो रहे हैं। अब जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किसी चुनौती से कम नहीं है।
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शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रामलीला ग्राउंड, मेडिकल अस्पताल परिसर सहित कई सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। इन स्थानों पर कुत्तों के झुंड के कारण आमजन को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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नगर पालिका की ओर से इनको पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। मेडिकल अस्पताल में रोजाना 30 लोगों को एंटी रेबीज का टीका लग रहा है। इससे साफ जाहिर है कि लोग आवारा कुत्तों के हमले के शिकार हो रहे हैं। अब जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किसी चुनौती से कम नहीं है।
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