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Bijnor News: चार दशक से अस्पताल में नहीं है महिला चिकित्सक की तैनाती
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राजीव अग्रवाल
चांदपुर। ब्रिटिश काल में नगर के बीच दान में दी हुई भूमि पर साहू वंशीधर दफरीन अस्पताल के नाम से स्थित महिला अस्पताल उपेक्षा का शिकार है। चार दशक से अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक नहीं है, जिससे महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर करना पड़ता है।
संयुक्त व्यापार मंडल चांदपुर के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल के पुत्र भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नगर संयोजक व उप्र उद्योग व्यापार संगठन के जिला उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के ओएसडी को ज्ञापन देकर महिला चिकित्सक की नियुक्ति व ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था की मांग की है। ज्ञापन में कहा कि पिछले करीब चार दशक से अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक नहीं है। कभी इस अस्पताल में प्रसव की सुविधा थी। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिलता था।
व्यापारी नेता व समाज से जुड़े अरुण कुमार अग्रवाल बताते हैं कि नगर में रेलवे स्टेशन मार्ग पर नगर पालिका परिषद के पास स्थित अस्पताल के लिए साहू वंशीधर मित्तल ने करीब पांच बीघा जमीन दान की थी। ब्रिटिश काल में 1942 में अस्पताल का शिलान्यास किया गया था। 1944 में अस्पताल का उद्घाटन हुआ था। साहू वंशीधर की पत्नी अस्पताल की अध्यक्ष तथा वशीरुल हसन चेयरमैन की पत्नी सचिव थीं। करीब वर्ष 1980-81 तक अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती थी और अस्पताल में प्रसव होते थे। अब काफी समय से अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जाता है। उन्होंने महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए डीएम सहित अनेक अधिकारियों को भी पत्र दिया है।
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आज भी मजबूत है अस्पताल का भवन
इतने अरसे के बाद आज भी अस्पताल का भवन मजबूत हालत में है। अस्पताल परिसर में महिला चिकित्सक का आवास व मरीजों के लिए कमरे आदि बने हुए हैं। आजादी से पहले इस अस्पताल में दूर-दूर से बड़ी संख्या में मरीज आते थे।
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चांदपुर। ब्रिटिश काल में नगर के बीच दान में दी हुई भूमि पर साहू वंशीधर दफरीन अस्पताल के नाम से स्थित महिला अस्पताल उपेक्षा का शिकार है। चार दशक से अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक नहीं है, जिससे महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर करना पड़ता है।
संयुक्त व्यापार मंडल चांदपुर के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल के पुत्र भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नगर संयोजक व उप्र उद्योग व्यापार संगठन के जिला उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के ओएसडी को ज्ञापन देकर महिला चिकित्सक की नियुक्ति व ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था की मांग की है। ज्ञापन में कहा कि पिछले करीब चार दशक से अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक नहीं है। कभी इस अस्पताल में प्रसव की सुविधा थी। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिलता था।
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व्यापारी नेता व समाज से जुड़े अरुण कुमार अग्रवाल बताते हैं कि नगर में रेलवे स्टेशन मार्ग पर नगर पालिका परिषद के पास स्थित अस्पताल के लिए साहू वंशीधर मित्तल ने करीब पांच बीघा जमीन दान की थी। ब्रिटिश काल में 1942 में अस्पताल का शिलान्यास किया गया था। 1944 में अस्पताल का उद्घाटन हुआ था। साहू वंशीधर की पत्नी अस्पताल की अध्यक्ष तथा वशीरुल हसन चेयरमैन की पत्नी सचिव थीं। करीब वर्ष 1980-81 तक अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती थी और अस्पताल में प्रसव होते थे। अब काफी समय से अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जाता है। उन्होंने महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए डीएम सहित अनेक अधिकारियों को भी पत्र दिया है।
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आज भी मजबूत है अस्पताल का भवन
इतने अरसे के बाद आज भी अस्पताल का भवन मजबूत हालत में है। अस्पताल परिसर में महिला चिकित्सक का आवास व मरीजों के लिए कमरे आदि बने हुए हैं। आजादी से पहले इस अस्पताल में दूर-दूर से बड़ी संख्या में मरीज आते थे।