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विकास की बाट जोह रही शहर की आवास विकास कॉलोनी
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बिजनौर में आवास विकास कालोनी की खस्ता हाल सड़क।
- फोटो : BIJNOR
बरसात में नहीं होती निकासी, घरों में घुस जाता है पानी
बिजनौर। यूं तो आवास विकास कॉलोनी को शहर की मॉडल कॉलोनी होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं है। यह कॉलोनी खुद ही विकास की बाट जोह रही है। सड़कें टूटी हुई हैं। बरसात में सड़कें तालाब बन जाती हैं। निकासी नहीं होने के कारण घरों में पानी घुस जाना यहां आम बात हो गई है। इसके लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन सकी। हालांकि कॉलोनी की प्रमुख सड़क का निर्माण किया जाने लगा है। बाकी कब बनेंगी, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
जनपद में सबसे पहले बिजनौर शहर में आवास विकास योजना आई थी। कॉलानी विकसित होने के कुछ सालों बाद ही अनदेखी का शिकार हो गई। दरअसल यह कॉलोनी एक साल पहले तक ग्रामीण क्षेत्र में थी। नवंबर 2020 में 13 पंचायतों के संग यह भी पालिका का हिस्सा बन गई। लोगों को उम्मीद जगी कि अब कुछ बदल जाएगा। एक साल बाद भी कुछ नहीं बदला है। सिर्फ एक मुख्य सड़क का निर्माण किया जा रहा है। बाकी सड़कें बदहाल पड़ी हैं। ऐसा नहीं है कि आवास विकास में आम लोग रहते हैं, यहां माननीयों के भी बंगले हैं। इसके बाद भी एक बारिश ही आवास विकास को आइना दिखा देती है। दरअसल बरसात में यहां सड़कों पर ही पानी नहीं होता बल्कि लोगों के घरों में घुस जाता है। जिसकी वजह है गहराई में कॉलोनी होना और निकासी का उचित प्रबंध नहीं होना।
क्या बोले कॉलोनी के वासी
गौरव चंद्रा बोले कि आवास विकास में सबसे बड़ी दिक्कत पानी की निकासी है। बरसात में पानी घरों में भर जाता है। पानी के साथ साथ कीचड़ जमा हो जाता है, जिसे साफ करना बहुत ही मुश्किलों भरा रहता है।
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नरेश कुमार का कहना है कि सड़कें टूटी हुई हैं। कई जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। काफी पुरानी सड़कें हो चुकी हैं। जिनकें दोनों ओर बनी नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं। पहले ग्राम पंचायत कोई विकास नहीं कराती थी, अब पालिका से ही उम्मीद है।
सर्वेेश रानी ने बताया कि बरसात में पानी भरने की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़कें टूटी हुई हैं। सालों से सड़कों को सुधारा भी नहीं जा सका है।
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बिजनौर। यूं तो आवास विकास कॉलोनी को शहर की मॉडल कॉलोनी होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं है। यह कॉलोनी खुद ही विकास की बाट जोह रही है। सड़कें टूटी हुई हैं। बरसात में सड़कें तालाब बन जाती हैं। निकासी नहीं होने के कारण घरों में पानी घुस जाना यहां आम बात हो गई है। इसके लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन सकी। हालांकि कॉलोनी की प्रमुख सड़क का निर्माण किया जाने लगा है। बाकी कब बनेंगी, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
जनपद में सबसे पहले बिजनौर शहर में आवास विकास योजना आई थी। कॉलानी विकसित होने के कुछ सालों बाद ही अनदेखी का शिकार हो गई। दरअसल यह कॉलोनी एक साल पहले तक ग्रामीण क्षेत्र में थी। नवंबर 2020 में 13 पंचायतों के संग यह भी पालिका का हिस्सा बन गई। लोगों को उम्मीद जगी कि अब कुछ बदल जाएगा। एक साल बाद भी कुछ नहीं बदला है। सिर्फ एक मुख्य सड़क का निर्माण किया जा रहा है। बाकी सड़कें बदहाल पड़ी हैं। ऐसा नहीं है कि आवास विकास में आम लोग रहते हैं, यहां माननीयों के भी बंगले हैं। इसके बाद भी एक बारिश ही आवास विकास को आइना दिखा देती है। दरअसल बरसात में यहां सड़कों पर ही पानी नहीं होता बल्कि लोगों के घरों में घुस जाता है। जिसकी वजह है गहराई में कॉलोनी होना और निकासी का उचित प्रबंध नहीं होना।
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क्या बोले कॉलोनी के वासी
गौरव चंद्रा बोले कि आवास विकास में सबसे बड़ी दिक्कत पानी की निकासी है। बरसात में पानी घरों में भर जाता है। पानी के साथ साथ कीचड़ जमा हो जाता है, जिसे साफ करना बहुत ही मुश्किलों भरा रहता है।
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नरेश कुमार का कहना है कि सड़कें टूटी हुई हैं। कई जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। काफी पुरानी सड़कें हो चुकी हैं। जिनकें दोनों ओर बनी नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं। पहले ग्राम पंचायत कोई विकास नहीं कराती थी, अब पालिका से ही उम्मीद है।
सर्वेेश रानी ने बताया कि बरसात में पानी भरने की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़कें टूटी हुई हैं। सालों से सड़कों को सुधारा भी नहीं जा सका है।