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खुद दुल्हन ही पहुंच गई शादी का कार्ड लेकर बैंक

Sat, 19 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 19 Nov 2016 12:22 AM IST
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The wedding card with a bride arrived Bank
धामपुर के एचडीएफसी बैंक में खाताधारकों की लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर  में  शादी वाले परिवारों को बैंक से ढाई लाख रुपये देने का सर्कुलर आने के बाद भी सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से अधिकतम 24 हजार रुपये       ही दिए जा रहे हैं। बैंकों में उपभोक्ता शादी के कार्ड लेकर आ रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट न होने का हवाला देकर  बैंकों से उन्हें लौटाया जा रहा है। नजीबाबाद    रोड स्थित एसबीआई के ब्रांच पर   तो खुद दुल्हन ही अपने भाई के साथ शादी कार्ड लेकर कैश लेने पहुंच गई।
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  बृहस्पतिवार को शादी वाले परिवार वालों को ढाई लाख देने की घोषणा की गई थी। इसका सर्कुलर शुक्रवार को बैंकों में आ गया, लेकिन बैंकों का साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ। अभी भी उपभोक्ताओं के खाते से 24 हजार रुपये भुगतान की ही बंदिशें लगी हैं। अगर किसी के खाते से 24 हजार से अधिक एक रुपये निकालने के लिए भी एंट्री डाली जाती है तो वह कैंसल हो जाती है। इलाहाबाद बैंक, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में कैश खत्म है। कई बैंकों में कैश इतना कम है कि वे उपभोक्ताओं को किसी भी कीमत पर 20 हजार से अधिक रुपये देने को तैयार नहीं है। पीएनबी में शादी का कार्ड लेकर आए बिजनौर के मोहल्ला काजीपाड़ा निवासी वसीम ने बताया कि दो हफ्ते बहन की शादी होनी है, लेकिन बैंक वाले छह हजार रुपये से ऊपर देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। वहीं आवास विकास निवासी ज्योति की शादी दो हफ्ते बाद है। वह अपनी शादी का कार्ड लेकर भाई के साथ नजीबाबाद रोड पर एसबीआई पहुंची और मैनेजर को कार्ड देकर ढाई लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन मैनेजर ने नियमों का हवाला देकर उसे केवल 24 हजार रुपये दिए। वहीं जिन बैंकों में करेंसी बिल्कुल नहीं है, वहां के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों व एटीएम पर रुपये निकालने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है।
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किसान से लेकर कारोबारी तक परेशान
अफजलगढ़/रेहड़। नोटबंदी के असर से कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। काम करने के बाद किसानों, व्यापारियों पर मजदूरों को देने के लिए खुली रकम नहीं मिल रही है। बैंकों से किसानों को जरूरत के हिसाब से रकम न मिलने की  वजह से खेती का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। केंद्र के किसानों को सप्ताह में 25,000 रुपये देने के आदेश भी बेमाने साबित हो रहे हैं। किसान रघुवीर  सिंह, दौलत सिंह, मेघराज आदि का कहना है कि वह शुक्रवार को दिनभर बैंक की लाइन में लगे, मगर बैंक कर्मियों ने एक हजार रुपये देकर टरका दिया। महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी भूखे-प्यासे लाइन में लगने को विवश हैं। नोटबंदी से निर्माण कार्य भी रुक गए हैं। निर्माण कार्य बंद होने से उससे जुड़े  श्रमिकों के सामने वर्तमान में आजीविका की समस्या मुंह बनाए खड़ी है। अफजलगढ़  पीएनबी, एसबीआई, कासमपुरगढ़ी पीएनबी पर भीड़ टूटने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, बैंकों में कैश न होने पर भीड़ घंटों तक लाइन में लगी रहती है। कल्लूवाला, सुआवाला, भूतपुरी, रेहड़ आदि के सहकारी व सर्व यूपी ग्रामीण बैंकों में पैसों का कोई लेनदेन नहीं हो रहा है। 
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बैंक नहीं कर रहा सहयोग 
बिजनौर में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड प्रबंध समिति की बैठक में एसबीआई करेंसी चेस्ट शाखा बिजनौर द्वारा कैश न मिलने का मुद्दा आरबीआई के गवर्नर, वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री के सामने उठाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में सीडीओ से भी भेंट की।
बैंक चेयरमैन अमित चौहान, सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव के साथ सीडीओ से मिले समिति सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में प्रचलन योग्य करेंसी की मांग और आपूर्ति के बीच विशाल अंतर है। बताया कि ऐसी स्थिति में भी एसबीआई की निकटतम करेंसी चेस्ट शाखा बिजनौर द्वारा उनको कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। कहा कि एसबीआई चेस्ट द्वारा कैश का वितरण केवल अपनी ही शाखाओं में किया जा रहा है। इस संबंध में आरबीआई के संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्राहकों ने किया हंगामा, बैंककर्मियों ने छोड़ा काम
नजीबाबाद में बैंकों में पुराने नोट जमा करने और 100 रुपये के नोट पाने के लिए शुक्रवार को भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। जलालाबाद में ग्राहकों के शोरशराबे से परेशान बैंककर्मियों को काम बंद कर काउंटर से हटना पड़ा। उधर, सहकारी बैंकों में 500 व 1000 के पुराने नोट जमा न   किए जाने से ग्राहकों में दिन भर    रोष रहा।
एसबीआई मुख्य शाखा, सायंकालीन शाखा, पीएनबी मुख्य शाखा, कोटद्वार रोड शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में शुक्रवार को ग्राहकों की खासी भीड़ रही। शुक्रवार को बैंक खुलने से पहले ही ग्राहक बैंक गेट पर जुट गए। बैंक में काम शुरू होते ही ग्राहकों में मारामारी मचना शुरू हो गई। बैंक में धनराशि जमा करने में विलंब होने से ज्यादा गुस्सा ग्राहकों में उस समय रहा जब उन्हें बैंक से धनराशि निकालने के दौरान काउंटर से दो हजार रुपये का नया नोट दिया जा रहा था। ग्राहकों ने उनके पास 100 व 50 का नोट न होने से रोजमर्रा    के खर्च व कामकाज प्रभावित होने का बैंक अधिकारियों के सामने    रोना रोया।

उधर, जलालाबाद स्थित पीएनबी शाखा में ग्राहकों के शोरशराबे से बैंकिंग कार्य प्रभावित होने से गुस्साए बैंक कर्मियों ने कुछ देर के लिए काम बंद कर दिया। बैंक कर्मी अपनी-अपनी सीटें छोड़कर उठ गए और ग्राहकों को शोरशराबा होने तक काम न करने की चेतावनी दी। आखिरकार ग्राहकों को खेद व्यक्त करने पर बैंक में कार्य दोबारा शुरू कराना पड़ा। पीएनबी भागूवाला में शाम साढ़े चार बजे तक कई ग्राहक धनराशि लेने के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन बैंक शाखा पर कैश खत्म हो चुका था। जिससे ग्राहकों में गुस्सा रहा। ग्राहकों के हंगामा करने पर बैंक की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने भड़क रहे ग्राहकों को समझाकर मामला निपटाया। भागूवाला में एसबीआई शाखा के सामने रखे ट्रांसफार्मर की लीड में अचानक तेज स्पार्किंग होने से बैंक में लेन-देन के लिए लाइन में लगे ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई। संयोग से कोई हादसा नहीं हुआ।
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