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नदी पर ग्रामीणों ने बनाया अस्थाई पुल

Thu, 03 Mar 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Thu, 03 Mar 2016 12:22 AM IST
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The villagers made a temporary bridge over the river
धामपुर/शेरकोट। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अफसर गांवों के विकास के लिए ग्रामीणों से पता नहीं क्या-क्या वादे करते हैं। हर सुविधा पहुंचाने का दम भरते रहते हैं, लेकिन ये सब सिर्फ दिखावा मात्र ही है।
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खो नदी पर अस्थाई पुल के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों के कितने चक्कर काटे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर ही मात्र चार दिन में अस्थाई पुल का स्वत: ही निर्माण कर डाला। जिस काम के लिए शासन और प्रशासन से मदद मिलनी चाहिए थी, वहां से सिर्फ निराशा ही हाथ लगी।
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ग्राम प्रधान नाथाडोई शशि बाला, महेंद्र पाल, मदनपाल, भूपेंद्र, मुनेश, हर ज्ञान सिंह ने बताया कि शासन और प्रशासन की ओर से जब कोई सुध नहीं ली जाती है तो ग्रामीणों को स्वयं ही समस्या का निदान कराने को आगे आकर बीडा उठाने को विवश होना पड़ता है।
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जब कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल भरकर गंतव्य को जाते हैं, तो नगीना आने के बाद उनको कोटरा से होते हुए गांव नैंसीवाला, करनावाला, नंदगाव, नाथाड़ोई से होकर शेरकोट  पहुंचते हैं।

यदि धामपुर से होते हुए शेरकोट जाया जाए तो उन्हें 30 किमी की दूरी तय करनी होगी। जबकि इस शार्टकट मार्ग से केवल 15 किमी चलने पर शेरकोट तक की यात्रा पूरी हो जाती है। इस समस्या से उन्हें निजात दिलाने को ग्रामवासियों की मदद से खो नदी पर लकड़ी, मिट्टी, रस्सियों और लकड़ी की बल्लियों से अस्थाई पुल का निर्माण कर दिया कर दिया जाता है।

इस बार भी ऐसा ही किया गया है। जिसमें क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का अपने स्तर से पूरा सहयोग मिला है।
श्रमदान करने के बाद भी इस काम को करने में करीब एक लाख की लागत अलग से आती है। इस पुल से पिछले साल भी करीब पांच लाख से ज्यादा कांवड़िए गंतव्य को रवाना हुए थे। यह पुल नगीना और नंदगांव को शार्टकट में जोड़ने वाला है। ग्रामीणों को इस पुल को बनाने में चार दिन का वक्त लगा है।

शिविर में ठहरने, खाने पीने की पूरी व्यवस्था
इतना ही नहीं पुल का निर्माण करने के बाद ग्रामवासियों ने कांवड़ियों की सेवा में सेवा शिविर का भी आयोजन किया है। शिविर में कांवड़ियों के रात्रि के दौरान ठहरने की भी व्यवस्था है। उनके खाने पीने की भी शिविर पूरी व्यवस्था की गई है।

पुल का निर्माण कराने का प्रयास करेंगे: स्वतंत्र प्रभार मंत्री प्रदेश के उद्यान और प्रसंस्करण स्वतंत्र प्रभार मंत्री मूलचंद चौहान का कहना है कि लोगों की जरुरत को देखते हुए वे इस पुल का जल्द निर्माण कराने का प्रयास करेंगे। पुल की महत्ता के बारे में कभी किसी ने उन्हें पहले से जानकारी नहीं दी थी।

ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं जांच कर रिपोर्ट प्रेषित कर ग्रामीणों की समस्या का स्थाई तौर पर समाधान कराने का प्रयास कराएंगे। - सतेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम
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