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Bijnor News: टीके में छुपा जिंदगी का खजाना, बच्चों इससे नहीं घबराना
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राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस
- जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों का हो रहा टीकाकरण
- इस सत्र में 87,851 बच्चों का हुआ पूर्ण प्रतिरक्षण
- चिकित्सक दे रहे बच्चों के टीका लगवाने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। टीकाकरण सेहत के लिए जरूरी है। टीकाकरण से ही गंभीर बीमारियों की रोकथाम की जा सकी है। जिले में सत्र 2023-24 में 87851 बच्चे पूर्ण प्रतिरक्षित हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि टीकाकरण में सेहत का राज छुपा है। इसलिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है।
जिले में सत्र 2023-24 में एक लाख एक हजार 382 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य मिला। इनमें से 87,851 को सभी टीके लग चुके हैं, जबकि बाकी बच्चों के अभी कुछ टीके लगने से रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में करीब 95 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को गंभीर बीमारी का टीका लगाया जाता है।
टीकाकरण से टिटनेस, काली खांसी, हेपेटाइटिस, खसरा, पोलियाे, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा सहित कई बीमारियों का बचाव किया जा रहा है। टीका लगने के बाद वायरस या बैक्टीरिया बच्चों पर हावी नहीं हो पाता है।
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यू विन पोर्टल शुरू, कहीं भी करा सकते हैं टीकाकरण
सरकार ने यू विन पोर्टल शुरू किया है। इस पर टीकाकरण संबंधी डाटा अपलोड किया जा रहा है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण पोर्टल पर किया जा रहा है। इस रजिस्ट्रेशन नंबर से देशभर में कहीं भी टीकाकरण कराया जा सकता है।
जिले में टीकाकरण के लिए उपलब्ध वैक्सीन
टीके का नाम- डोज की संख्या
बीसीजी- 18000
डीपीटी- 13000
हेपेटाइटिस बी- 38500
एमआर- 25000
पीसीवी- 25000
पेंटा- 29500
रोटा- 30500
टीडी- 20300
पोलियो- 52000
आईपीवी- 30000
नोट: वैक्सीन की संख्या डोज में है और सीएमओ कार्यालय से ली गई है।
टीके से गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि टीका लगने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। टीके से ही गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव हो सकी है। बच्चों को टीका लगवाना अति आवश्यक है।
जन्म के समय ही लगवाएं टीका
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेष डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जन्म के समय ही बच्चे के समय से टीका लगवाना चाहिए। टीका लगने के बाद घातक बीमारी से रोकथाम की जा सकती है। टीका लगवाने से किसी भी तरह की हानि नहीं है।
गर्भवती महिलाओं को टीडी का टीका लगवाना चाहिए। जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को 12 तरह की वैक्सीन दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण की पूरी सुविधा है। टीकाकरण करवाकर बीमारी से बचें। - डॉ. प्रमोद गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, बिजनौर
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- जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों का हो रहा टीकाकरण
- इस सत्र में 87,851 बच्चों का हुआ पूर्ण प्रतिरक्षण
- चिकित्सक दे रहे बच्चों के टीका लगवाने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। टीकाकरण सेहत के लिए जरूरी है। टीकाकरण से ही गंभीर बीमारियों की रोकथाम की जा सकी है। जिले में सत्र 2023-24 में 87851 बच्चे पूर्ण प्रतिरक्षित हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि टीकाकरण में सेहत का राज छुपा है। इसलिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है।
जिले में सत्र 2023-24 में एक लाख एक हजार 382 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य मिला। इनमें से 87,851 को सभी टीके लग चुके हैं, जबकि बाकी बच्चों के अभी कुछ टीके लगने से रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में करीब 95 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को गंभीर बीमारी का टीका लगाया जाता है।
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टीकाकरण से टिटनेस, काली खांसी, हेपेटाइटिस, खसरा, पोलियाे, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा सहित कई बीमारियों का बचाव किया जा रहा है। टीका लगने के बाद वायरस या बैक्टीरिया बच्चों पर हावी नहीं हो पाता है।
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यू विन पोर्टल शुरू, कहीं भी करा सकते हैं टीकाकरण
सरकार ने यू विन पोर्टल शुरू किया है। इस पर टीकाकरण संबंधी डाटा अपलोड किया जा रहा है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण पोर्टल पर किया जा रहा है। इस रजिस्ट्रेशन नंबर से देशभर में कहीं भी टीकाकरण कराया जा सकता है।
जिले में टीकाकरण के लिए उपलब्ध वैक्सीन
टीके का नाम- डोज की संख्या
बीसीजी- 18000
डीपीटी- 13000
हेपेटाइटिस बी- 38500
एमआर- 25000
पीसीवी- 25000
पेंटा- 29500
रोटा- 30500
टीडी- 20300
पोलियो- 52000
आईपीवी- 30000
नोट: वैक्सीन की संख्या डोज में है और सीएमओ कार्यालय से ली गई है।
टीके से गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि टीका लगने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। टीके से ही गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव हो सकी है। बच्चों को टीका लगवाना अति आवश्यक है।
जन्म के समय ही लगवाएं टीका
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेष डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जन्म के समय ही बच्चे के समय से टीका लगवाना चाहिए। टीका लगने के बाद घातक बीमारी से रोकथाम की जा सकती है। टीका लगवाने से किसी भी तरह की हानि नहीं है।
गर्भवती महिलाओं को टीडी का टीका लगवाना चाहिए। जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को 12 तरह की वैक्सीन दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण की पूरी सुविधा है। टीकाकरण करवाकर बीमारी से बचें। - डॉ. प्रमोद गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, बिजनौर