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Bijnor News: बाघिन को रेस्क्यू कर काबू किया गया
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कालागढ़ के रेस्क्यू केन्द्र में बेहोश बाघिन। स्रोत वन विभाग।
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ उपखंड के वनों में किसान की जान लेने वाली बाघिन को वन विभाग ने 12 दिन में काबू करने का दावा किया है। बाघिन को बेहोश कर कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला स्थित रेस्क्यू केंद्र में लाया गया है।
बांसीटीला में 17 अप्रैल को पप्पू (42) को बाघिन ने हमला कर मार दिया था। ग्रामीणों के आक्रोश व जनता की मांग को देखते हुए मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में दो कैमरा ट्रैप लगाकर बाघिन की निगरानी शुरू कर दी थी। वन विभाग के अनुसार 27 अप्रैल की रात्रि में बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज करने में सफलता मिल गई। बाघिन को बेहोश कर कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला के केंद्र में लाया गया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक कार्यालय के अनुसार बाघिन की उम्र लगभग दो से तीन वर्ष है। उसका डीएनए सैंपल लिया गया है। घटना वाले दिन लिए सैंपल से मिलान हेतु कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र हैदराबाद भेजा रहा है।
टीम में कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक दिगंध नायक, उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजरानी अमित ग्वासाकोटी व कालागढ़ की डाॅ. शालिनी जोशी, सीटीआर के पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दुष्यंत शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी बीपी हर्बोला, गौरी राम, सिद्धार्थ रावत, सुदेश सैनी, असलम, एसटीएफ के बलवंत बंगारी, जगदीश चौधरी, नरेश पांडे, दीपक भारद्वाज, हरपाल सिंह व महेश चन्द्र, एसओजी यूनिट के सुजीत चौहान, श्रमिक अनुज कुमार, आकाश, रंजीत कुमार, मौजूद रहे।
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बांसीटीला में 17 अप्रैल को पप्पू (42) को बाघिन ने हमला कर मार दिया था। ग्रामीणों के आक्रोश व जनता की मांग को देखते हुए मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में दो कैमरा ट्रैप लगाकर बाघिन की निगरानी शुरू कर दी थी। वन विभाग के अनुसार 27 अप्रैल की रात्रि में बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज करने में सफलता मिल गई। बाघिन को बेहोश कर कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला के केंद्र में लाया गया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक कार्यालय के अनुसार बाघिन की उम्र लगभग दो से तीन वर्ष है। उसका डीएनए सैंपल लिया गया है। घटना वाले दिन लिए सैंपल से मिलान हेतु कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र हैदराबाद भेजा रहा है।
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टीम में कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक दिगंध नायक, उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजरानी अमित ग्वासाकोटी व कालागढ़ की डाॅ. शालिनी जोशी, सीटीआर के पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दुष्यंत शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी बीपी हर्बोला, गौरी राम, सिद्धार्थ रावत, सुदेश सैनी, असलम, एसटीएफ के बलवंत बंगारी, जगदीश चौधरी, नरेश पांडे, दीपक भारद्वाज, हरपाल सिंह व महेश चन्द्र, एसओजी यूनिट के सुजीत चौहान, श्रमिक अनुज कुमार, आकाश, रंजीत कुमार, मौजूद रहे।

कालागढ़ के रेस्क्यू केन्द्र में बेहोश बाघिन। स्रोत वन विभाग।
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