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जल निगम कर्मियों का धरना 19 वें दिन भी जारी
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जल निगमकर्मियों का धरना जारी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के तत्वावधान में पांच माह से वेतन और पेंशन आदि देयों का भुगतान शीघ्रता से कराने सहित अन्य मांगों को लेकर जल निगम कर्मियों की ओर से भोजन अवकाश में किया जा रहा धरना-प्रदर्शन 19 वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान जल निगम का पंचायती राज विभाग में विलय को नियम विरुद्घ बताते हुए रोष प्रकट किया गया।
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय परिसर में ही भोजन अवकाश में अधिशासी अभियंता भरत सिंह के नेतृत्व में गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे तीन सूत्रीय ज्ञापन में बताया कि सरकार ने जल निगम में कार्यरत 25 हजार अधिकारी/कर्मचारी/पेंशनर्स का पांच माह का बकाया भुगतान नहीं किया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न होने लगा है। आरोप है कि प्रबंध निदेशक का नियमों और कानूनों को ताक पर रखते हुए 5327 नियमित फील्ड कर्मचारियों को समायोजन का पत्र लिखा जाना जल निगम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों के आंदोलन को विफल करने का प्रयास है। चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्रवाई से समिति के सदस्य पीछे नहीं हटेंगे। मृतक आश्रितों के परिवार के सदस्यों की वर्ष 2018 से असंवैधानिक रूप से अविरुद्घ अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली। कर्मचारियों ने शीघ्र ही समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस अवसर पर समिति जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, संयोजक अमीर हैदर जैदी, इंजीनियर एनएम गुप्ता, दर्शनलाल, के.के. शर्मा, आरिफ रजा, अलबेल सिंह, एम. अली, लोकेंद्र सिंह चौहान, देवेंद्र कुमार शर्मा, टीकम सिंह, महिपाल शर्मा, दिनेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के तत्वावधान में पांच माह से वेतन और पेंशन आदि देयों का भुगतान शीघ्रता से कराने सहित अन्य मांगों को लेकर जल निगम कर्मियों की ओर से भोजन अवकाश में किया जा रहा धरना-प्रदर्शन 19 वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान जल निगम का पंचायती राज विभाग में विलय को नियम विरुद्घ बताते हुए रोष प्रकट किया गया।
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय परिसर में ही भोजन अवकाश में अधिशासी अभियंता भरत सिंह के नेतृत्व में गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे तीन सूत्रीय ज्ञापन में बताया कि सरकार ने जल निगम में कार्यरत 25 हजार अधिकारी/कर्मचारी/पेंशनर्स का पांच माह का बकाया भुगतान नहीं किया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न होने लगा है। आरोप है कि प्रबंध निदेशक का नियमों और कानूनों को ताक पर रखते हुए 5327 नियमित फील्ड कर्मचारियों को समायोजन का पत्र लिखा जाना जल निगम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों के आंदोलन को विफल करने का प्रयास है। चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्रवाई से समिति के सदस्य पीछे नहीं हटेंगे। मृतक आश्रितों के परिवार के सदस्यों की वर्ष 2018 से असंवैधानिक रूप से अविरुद्घ अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली। कर्मचारियों ने शीघ्र ही समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस अवसर पर समिति जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, संयोजक अमीर हैदर जैदी, इंजीनियर एनएम गुप्ता, दर्शनलाल, के.के. शर्मा, आरिफ रजा, अलबेल सिंह, एम. अली, लोकेंद्र सिंह चौहान, देवेंद्र कुमार शर्मा, टीकम सिंह, महिपाल शर्मा, दिनेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
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