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Bijnor News: पांच किलोमीटर तक गूंजी धमाके की आवाज, सहम गए लोग
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बिजनौर के कस्बा झालू के पास हसनपुर काजी के जंगल में पटाखा फैक्ट्री में धमाके से लगी आग को बुझात
पटाखा फैक्टरी में हादसा
-धमाका होने से उड़ गए फैक्टरी की टीन के परखच्चे, दीवार में आई दरार
- धमाके के दो घंटे बाद तक फैक्टरी में होते रहे छोटे-छोटे धमाके
- मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की लापरवाही बरतने की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके की आवाज पांच किलोमीटर दूर गोपालपुर और गंगोड़ शेख गांवों तक गूंजी। तेज धमाके से लोग सहम गए। धमाका इतना तेज था कि फैक्टरी की टीन के परखच्चे उड़ गए। साथ ही दीवार में भी दरार आ गई। वहीं, पुलिस ने घटना में मृतक अमित के भाई सोहित की तहरीर पर लापरवाही बरतने आदि संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
झालू के हसनपुर काजी के जंगल में चल रही पटाखा फैक्टरी का 400 किलोग्राम क्षमता का लाइसेंस है। फैक्टरी में रविवार सुबह समय करीब आठ बजे झाड़ू लगाते समय बारूद में घर्षण होने से चिंगारी उठने लगी। देखते ही देखते हुए तेज धमाका हुआ। इसकी गूंज आसपास करीब पांच किलोमीटर तक पहुंची। खेतों पर काम करने जा रहे लोग धमाके की आवाज सुनकर रुक गए। घरों से बाहर से बाहर वह एक-दूसरे से धमाके के बारे में पूछने लगे।
वहीं खेतों में काम रहे लोग काम छोड़ गांव की तरफ भागने लगे। मगर, बाद में चला कि धमाका झालू में स्थित पटाखा फैक्टरी में हुआ है। धमाका होने के करीब दो घंटे बाद तक फैक्टरी में थोड़ी-थोड़ी देर में छोटे-छोटे धमाके होते रहे।
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उधर, पुलिस ने मृतक अमित के भाई सोहित की तहरीर पर लाइसेंसी पटाखा फैक्टरी मालिक नहटौर निवासी अंबर अब्बास और फैक्टरी की देखभाल करने वाले शानू के खिलाफ लापरवाही बरतने आदि संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा का कहना है कि पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस 2028 तक वैध है। फैक्टरी आबादी से दूर जंगल में संचालित है। आग बुझाने वाले यंत्र भी थे।
तीन घंटे तक फायर ब्रिगेड की टीम डालती रही पानी
पटाखा फैक्टरी में तेज धमाके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी पहुंची। पटाखा फैक्टरी में हो रहे छोटे-छोटे धमाकों को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड पानी डालती रही। करीब तीन घंटे यह सिलसिला चला, ताकि दोबारा धमाका न हो।
अमित की मौत से परिवार में मचा कोहराम
झालू। पटाखा फैक्टरी में तेज धमाके से गोपालपुर निवासी अमित कुमार की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार अमित की शादी चार वर्ष पूर्व नहटौर के समीप गांव खेतापुर में हुआ था। अमित के दो नवजात शिशुओं की कुछ वर्ष पहले ही मौत हो गई थी, जबकि उसके पिता कुलवीर सिंह लगभग तीन माह से गायब है। उनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया। अमित अपने पीछे अपनी बुजुर्ग मां और पत्नी पूनम को बिलखता हुआ छोड़ गया। छोटा भाई सोहित ई-रिक्शा चलाता है।
जिले में पहले भी होते रहे हैं पटाखा फैक्टरियों में धमाके
बिजनौर। जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है, जब पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ हो। इससे पहले भी कई धमाके हो चुके है। इतना ही नहीं इन हादसों में भी जनहानि हुई। पटाखा फैक्टरियों में लगातार हो रहे धमाकों के बाद भी कड़े इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले भी विभागीय अधिकारी बाद में जांच करने की बात कह रहे हैं।
केस नंबर एक
शहर कोतवाली में बख्शीवाला-जोधूवाला रोड पर पटाखा बनाने की वाली फैक्टरी में 18 अप्रैल 2024 को धमाका हुआ था। वहां काम कर रहे मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई थी। तीन मजदूर बुरी तरह से झुलस गए थे। यह फैक्टरी बुखारा निवासी युसुफ की थी। फैक्टरी के पास 50 किलोग्राम क्षमता का लाइसेंस है।
केस नंबर दो
नहटौर में नूरपुर रोड स्थित पटाखा फैक्टरी में 11 मई 2022 को विस्फोट हुआ था। विस्फोट से फैक्टरी की दीवारें गिर गईं। टीनशेड से बनी छत उड़ गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। यह फैक्टरी नहटौर-नूरपुर मार्ग पर मोहल्ला तीरगरान निवासी दो भाई मुबारिक व शाहिद की थी। अधिकारियों के अनुसार दोनों के पास 50 किलो बारूद के पटाखे बनाने व भंडारण का लाइसेंस था।
केस नंबर तीन
नहटौर में मुकर्रमपुर मार्ग पर पटाखा फैक्टरी में सितंबर 2022 में आग लग गई थी। फैक्टरी के भीतर बने गोदाम में पटाखे रखने के दौरान आग लग गई थी। आग लगते ही धमाकों के साथ ऊंची लपटें उठने लगीं। धमाके बाद फैक्टरी से भागते समय मई महिला मजदूर भी चोटिल हो गई थी।
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-धमाका होने से उड़ गए फैक्टरी की टीन के परखच्चे, दीवार में आई दरार
- धमाके के दो घंटे बाद तक फैक्टरी में होते रहे छोटे-छोटे धमाके
- मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की लापरवाही बरतने की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके की आवाज पांच किलोमीटर दूर गोपालपुर और गंगोड़ शेख गांवों तक गूंजी। तेज धमाके से लोग सहम गए। धमाका इतना तेज था कि फैक्टरी की टीन के परखच्चे उड़ गए। साथ ही दीवार में भी दरार आ गई। वहीं, पुलिस ने घटना में मृतक अमित के भाई सोहित की तहरीर पर लापरवाही बरतने आदि संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
झालू के हसनपुर काजी के जंगल में चल रही पटाखा फैक्टरी का 400 किलोग्राम क्षमता का लाइसेंस है। फैक्टरी में रविवार सुबह समय करीब आठ बजे झाड़ू लगाते समय बारूद में घर्षण होने से चिंगारी उठने लगी। देखते ही देखते हुए तेज धमाका हुआ। इसकी गूंज आसपास करीब पांच किलोमीटर तक पहुंची। खेतों पर काम करने जा रहे लोग धमाके की आवाज सुनकर रुक गए। घरों से बाहर से बाहर वह एक-दूसरे से धमाके के बारे में पूछने लगे।
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वहीं खेतों में काम रहे लोग काम छोड़ गांव की तरफ भागने लगे। मगर, बाद में चला कि धमाका झालू में स्थित पटाखा फैक्टरी में हुआ है। धमाका होने के करीब दो घंटे बाद तक फैक्टरी में थोड़ी-थोड़ी देर में छोटे-छोटे धमाके होते रहे।
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उधर, पुलिस ने मृतक अमित के भाई सोहित की तहरीर पर लाइसेंसी पटाखा फैक्टरी मालिक नहटौर निवासी अंबर अब्बास और फैक्टरी की देखभाल करने वाले शानू के खिलाफ लापरवाही बरतने आदि संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा का कहना है कि पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस 2028 तक वैध है। फैक्टरी आबादी से दूर जंगल में संचालित है। आग बुझाने वाले यंत्र भी थे।
तीन घंटे तक फायर ब्रिगेड की टीम डालती रही पानी
पटाखा फैक्टरी में तेज धमाके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी पहुंची। पटाखा फैक्टरी में हो रहे छोटे-छोटे धमाकों को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड पानी डालती रही। करीब तीन घंटे यह सिलसिला चला, ताकि दोबारा धमाका न हो।
अमित की मौत से परिवार में मचा कोहराम
झालू। पटाखा फैक्टरी में तेज धमाके से गोपालपुर निवासी अमित कुमार की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार अमित की शादी चार वर्ष पूर्व नहटौर के समीप गांव खेतापुर में हुआ था। अमित के दो नवजात शिशुओं की कुछ वर्ष पहले ही मौत हो गई थी, जबकि उसके पिता कुलवीर सिंह लगभग तीन माह से गायब है। उनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया। अमित अपने पीछे अपनी बुजुर्ग मां और पत्नी पूनम को बिलखता हुआ छोड़ गया। छोटा भाई सोहित ई-रिक्शा चलाता है।
जिले में पहले भी होते रहे हैं पटाखा फैक्टरियों में धमाके
बिजनौर। जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है, जब पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ हो। इससे पहले भी कई धमाके हो चुके है। इतना ही नहीं इन हादसों में भी जनहानि हुई। पटाखा फैक्टरियों में लगातार हो रहे धमाकों के बाद भी कड़े इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले भी विभागीय अधिकारी बाद में जांच करने की बात कह रहे हैं।
केस नंबर एक
शहर कोतवाली में बख्शीवाला-जोधूवाला रोड पर पटाखा बनाने की वाली फैक्टरी में 18 अप्रैल 2024 को धमाका हुआ था। वहां काम कर रहे मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई थी। तीन मजदूर बुरी तरह से झुलस गए थे। यह फैक्टरी बुखारा निवासी युसुफ की थी। फैक्टरी के पास 50 किलोग्राम क्षमता का लाइसेंस है।
केस नंबर दो
नहटौर में नूरपुर रोड स्थित पटाखा फैक्टरी में 11 मई 2022 को विस्फोट हुआ था। विस्फोट से फैक्टरी की दीवारें गिर गईं। टीनशेड से बनी छत उड़ गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। यह फैक्टरी नहटौर-नूरपुर मार्ग पर मोहल्ला तीरगरान निवासी दो भाई मुबारिक व शाहिद की थी। अधिकारियों के अनुसार दोनों के पास 50 किलो बारूद के पटाखे बनाने व भंडारण का लाइसेंस था।
केस नंबर तीन
नहटौर में मुकर्रमपुर मार्ग पर पटाखा फैक्टरी में सितंबर 2022 में आग लग गई थी। फैक्टरी के भीतर बने गोदाम में पटाखे रखने के दौरान आग लग गई थी। आग लगते ही धमाकों के साथ ऊंची लपटें उठने लगीं। धमाके बाद फैक्टरी से भागते समय मई महिला मजदूर भी चोटिल हो गई थी।