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Bijnor News: कल्पना में बोए शक के बीज, हकीकत में लहलहाई तनाव की फसल

Wed, 04 Jan 2023 06:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2023 06:00 AM IST
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The seeds of doubt sown in imagination, the crop of tension looms in reality.
बिजनौर जिला अस्पताल में ओवरथिंकिंग के मरीज की काउंसलिंग करती क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट। - फोटो : BIJNOR
कल्पना में बोए शक के बीज, हकीकत में लहलहाई तनाव की फसल
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बिजनौर। पति में पत्नी को लेकर शक उन्हें तनाव में धकेल रहा है। पत्नी के फोन से परेशान पति पारिवारिक झगड़ों में घिरते जा रहे हैं। कल्पना में बोए शक के बीच हकीकत में तनाव की फसल उगा रहे हैं। ऐसे लोग कल्पनिक दुनिया को ही अपनी असल जिंदगी समझ बैठते हैं और हकीकत में खुद को तनाव दे रहे हैं। जिला अस्पताल के मनकक्ष में ओवर थिंकिंग के सप्ताह में पांच मरीज पहुंच रहे हैं।
ओवर थिंकिंग का मुख्य कारण तनाव और किसी के बारे में ज्यादा सोचना माना जा रहा है। पति-पत्नी को एक-दूसरे पर शक, युवा वर्ग को नौकरी से परेशानी, महिलाओं के पारिवारिक झगड़ों से परेशान होने के मामले सामने आ रहे हैं। लोग सपनों की दुनिया में खुद को उलझाकर परिवार से दूर होते जा रहे हैं। किसी भी परीक्षा का परिणाम आने से पहले ही लोग रिजल्ट की कल्पना करते हैं, जिससे वह धीरे-धीरे ओवर थिंकिंग के शिकार हो रहे हैं। यह समस्या बढ़ने पर व्यक्ति एंग्जाइटी, पैनिक डिसऑर्डर के शिकार हो जाते हैं।
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केस नंबर एक
बिजनौर के एक स्कूल में तैनात प्रधानाचार्य मानसिक रोग की एक कार्यशाला में आए। यहां उन्होंने अपनी समस्या क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट से साझा की। इसके बाद वह लगातार फोन कर पूछ रहे हैं कि उन्होंने उनकी यह बात किसी से बताई तो नहीं है। प्रधानाचार्य को अपनी बात किसी दूसरे को बताने का डर बना हुआ है।
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केस नंबर दो
बिजनौर निवासी एक व्यक्ति घर से बाहर था तो उसकी पत्नी फोन कर रही थी। उसने पत्नी के सवाल पूछने की वजह से फोन नहीं उठाया। जब वह घर पहुंचा तो उसकी पत्नी ने पूछा कहा थे। इस पर वह गुस्से में आ गया और उसने अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर दी। फोन पर पत्नी के सवाल पूछने से पहले ही वह परेशान हो गया।
केस नंबर तीन
बिजनौर निवासी 38 वर्षीय एक युवक परीक्षा का फॉर्म तो भरता है, लेकिन परीक्षा देने नहीं जाता है। उसे लगता है कि परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी आएंगे तो उसका नंबर कैसे आ जाएगा। इसलिए वह करीब 11 सालों से परीक्षा नहीं दे रहा है। पहले ही मान लेता है कि वह परीक्षा में पास नहीं होगा।
केस नंबर चार
बिजनौर निवासी एक व्यक्ति अपने परिवार की बातों पर विश्वास नहीं करता है। अगर व्यक्ति के बेटे अकाउंट में पैसा डालते हैं तो उसे लगता है कि वह पूरे पैसा नहीं डाल रहे हैं। इसके अलावा परिवार की सही नसीहत भी नहीं लेता है। वह सोचता है कि वह उसे गलत राय दे रहे हैं।

ओवरथिंकिंग के लक्षण
चिड़चिड़ापन होना
नींद नहीं आना
उदास रहना
भूख कम लगना
घबराहट होना
निर्णय नहीं ले पाना
ओवर थिंकिंग के कारण
तनाव
आर्थिक समस्या
अपेक्षाएं कम होने से
सपोर्ट सिस्टम नहीं होने से
किसी पर विश्वास नहीं होना
ओवर थिंकिंग से बचाव
समस्या को किसी व्यक्ति के साथ शेयर करें
जो ठीक लगे, वह करके देखें
डायरी लिखें
साहस, धैर्य, आत्मविश्वास बढ़ाए
परिवार में सकारात्मक माहौल रखें
-------- कोट
ओवर थिंकिंग की समस्या पुरुषों में ज्यादा दिखाई दे रही है। इसका समय से इलाज नहीं हुआ तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। इसके अलावा एक ही विचार का मन में बार-बार आना सबसे बड़ी समस्या है। व्यक्ति को ज्यादा नहीं सोचना चाहिए - आयुषी दीक्षित, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट
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