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बारिश में उखड़ गई दो साल पहले बनी सड़क
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बारिश में उखड़ गई दो साल पहले बनी सड़क
बेगावाला/बिजनौर। क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश के कारण बेगावाला, तिमरपुर और बाकरपुर गढ़ी की सड़कें जलमग्न हो र्गइं। साथ ही सड़क जगह-जगह से टूट गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िये भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। यह टूटी सड़क उनके लिए मुसीबत बन सकती है।
बाकरपुर गढ़ी की यह सड़क दर्जन भर गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ती है। सड़क में गड्ढों की वजह से कई बार राहगीरों को चोट तक लग गई है। बेगावाला में तीन साल पहले गांव बाकरपुर गढ़ी के चाचा-भतीजे की मौत इन्हीं गड्ढों में मोटरसाइकिल फिसलने से हुई थी। दो साल पहले एक शिक्षक की मौत भी गांव टिक्कोपुर के सामने मोटरसाइकिल फिसलने से हो गई थी। साथ ही बेगावाला में सड़क में पानी भरा होने के कारण स्कूली बच्चों के फिसलने का डर बना हुआ है। बृहस्पतिवार से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। श्रद्धालु हरिद्वार से कांवड़ लेकर चंदक, मंडावर, बाकरपुर गढ़ी, मंडावली, बेगावाला होते हुए गंतव्यों को जाते हैं। लेकिन इन रास्तों पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गांव बाकरपुर गढ़ी के समाजसेवी अनुदीप चौधरी ने बताया कि बाकरपुर गढ़ी से बिजनौर तक 10 किलोमीटर सड़क है। इस मार्ग से दर्जन भर गांव जुड़े हुए हैं। लेकिन कोई सुनने व देखने वाला नहीं है। साथ ही बताया कि इस सड़क को दोबारा बनवाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत की जा चुकी है।
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बेगावाला/बिजनौर। क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश के कारण बेगावाला, तिमरपुर और बाकरपुर गढ़ी की सड़कें जलमग्न हो र्गइं। साथ ही सड़क जगह-जगह से टूट गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िये भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। यह टूटी सड़क उनके लिए मुसीबत बन सकती है।
बाकरपुर गढ़ी की यह सड़क दर्जन भर गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ती है। सड़क में गड्ढों की वजह से कई बार राहगीरों को चोट तक लग गई है। बेगावाला में तीन साल पहले गांव बाकरपुर गढ़ी के चाचा-भतीजे की मौत इन्हीं गड्ढों में मोटरसाइकिल फिसलने से हुई थी। दो साल पहले एक शिक्षक की मौत भी गांव टिक्कोपुर के सामने मोटरसाइकिल फिसलने से हो गई थी। साथ ही बेगावाला में सड़क में पानी भरा होने के कारण स्कूली बच्चों के फिसलने का डर बना हुआ है। बृहस्पतिवार से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। श्रद्धालु हरिद्वार से कांवड़ लेकर चंदक, मंडावर, बाकरपुर गढ़ी, मंडावली, बेगावाला होते हुए गंतव्यों को जाते हैं। लेकिन इन रास्तों पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गांव बाकरपुर गढ़ी के समाजसेवी अनुदीप चौधरी ने बताया कि बाकरपुर गढ़ी से बिजनौर तक 10 किलोमीटर सड़क है। इस मार्ग से दर्जन भर गांव जुड़े हुए हैं। लेकिन कोई सुनने व देखने वाला नहीं है। साथ ही बताया कि इस सड़क को दोबारा बनवाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत की जा चुकी है।
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