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कुरान से हल होता है जिंदगी का मकसद
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:21 AM IST
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Speaking Ulama Conference
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर के नजीबाबाद मंडावली में आयोजित अजमत-ए-कुरान कांफ्रेंस में देवबंद से आए मौलाना सलमान ने कहा कि आसमानी किताबों में कुरान से बढ़कर कोई किताब नहीं है। कुरान की अजमत निराली है। कुरान को अपनाने से परेशानियां दूर होती हैं।
राहतपुर के जामिया उलूम उल कुरआन हुसैनिया में अजमत-ए कुरआन कांफ्रेंस आयोजित की गई। कारी तय्यब जमाल और कारी महताब ने तिलावत ए कलाम पाक से कांफ्रेंस का आगाज किया। कारी शुएब ने नात-ए पाक पेेश की।
कांफ्रेंस को खिताब करते हुए मौलाना सलमान देवबंदी ने कुरान की अजमत बयां की। उन्होंने कहा कि कुरान दुनिया की वो किताब है, जो इंसानियत, प्यार-मुहब्बत का पैगाम देकर इंसान को दीन से जोड़ती है।
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आसमानी किताबों में इसका स्थान अव्वल है। कुरान की दौलत से बढ़कर दुनिया में कोई दौलत नहीं। उन्होंने कांवेंट स्कूलों में बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा दिलाकर फख्र महसूस करने वाले मुस्लिमों को अपने बच्चों को कुरान का हाफिज बनाकर उनकी जिंदगी और आखिरत संवारने की सलाह दी।
मौलाना जुबैर ने कांफ्रेंस को खिताब करते हुए कुरान को समझने, उसकी तालीम पर अमल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुरान को पढ़ने से भी बढ़कर उसे समझना है। जो इंसान कुरआन में दाखिल हो जाता है, उसकी परेशानियां दूर हो जाती हैं और जिंदगी का मकसद हल होने लगता है।
मदरसे के प्रबंधक मुफ्ती सज्जाद हनीफ की देखरेख, मौलाना बदरुल इस्लाम की अध्यक्षता और मौलाना सलीम के संचालन में आयोजित दीनी कांफ्रेंस में जामा मस्जिद नजीबाबाद के पेश इमाम मौलाना मो.ईसा, मौलाना असलम कासमी, कारी मुजीब, मुफ्ती अब्दुल्ला, मुफ्ती कमरुल हसन, डॉ.रजाउद्दीन, अबरार आलम एडवोकेट, नसीम आलम एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मौलाना सलमान देवबंदी ने कांफ्रेंस कें समापन पर मुल्क और दुनिया में खुशहाली के लिए दुआ कराई। मदरसे के प्रबंधक मुफ्ती सज्जाद हनीफ ने उलेमा और कांफ्रेंस में आए लोगों का आभार व्यक्त किया।
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राहतपुर के जामिया उलूम उल कुरआन हुसैनिया में अजमत-ए कुरआन कांफ्रेंस आयोजित की गई। कारी तय्यब जमाल और कारी महताब ने तिलावत ए कलाम पाक से कांफ्रेंस का आगाज किया। कारी शुएब ने नात-ए पाक पेेश की।
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कांफ्रेंस को खिताब करते हुए मौलाना सलमान देवबंदी ने कुरान की अजमत बयां की। उन्होंने कहा कि कुरान दुनिया की वो किताब है, जो इंसानियत, प्यार-मुहब्बत का पैगाम देकर इंसान को दीन से जोड़ती है।
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आसमानी किताबों में इसका स्थान अव्वल है। कुरान की दौलत से बढ़कर दुनिया में कोई दौलत नहीं। उन्होंने कांवेंट स्कूलों में बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा दिलाकर फख्र महसूस करने वाले मुस्लिमों को अपने बच्चों को कुरान का हाफिज बनाकर उनकी जिंदगी और आखिरत संवारने की सलाह दी।
मौलाना जुबैर ने कांफ्रेंस को खिताब करते हुए कुरान को समझने, उसकी तालीम पर अमल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुरान को पढ़ने से भी बढ़कर उसे समझना है। जो इंसान कुरआन में दाखिल हो जाता है, उसकी परेशानियां दूर हो जाती हैं और जिंदगी का मकसद हल होने लगता है।
मदरसे के प्रबंधक मुफ्ती सज्जाद हनीफ की देखरेख, मौलाना बदरुल इस्लाम की अध्यक्षता और मौलाना सलीम के संचालन में आयोजित दीनी कांफ्रेंस में जामा मस्जिद नजीबाबाद के पेश इमाम मौलाना मो.ईसा, मौलाना असलम कासमी, कारी मुजीब, मुफ्ती अब्दुल्ला, मुफ्ती कमरुल हसन, डॉ.रजाउद्दीन, अबरार आलम एडवोकेट, नसीम आलम एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मौलाना सलमान देवबंदी ने कांफ्रेंस कें समापन पर मुल्क और दुनिया में खुशहाली के लिए दुआ कराई। मदरसे के प्रबंधक मुफ्ती सज्जाद हनीफ ने उलेमा और कांफ्रेंस में आए लोगों का आभार व्यक्त किया।