फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   The process of adulteration in milk is not ending

खत्म नहीं हो रहा दूध में मिलावट का सिलसिला

Tue, 01 Jun 2021 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:25 PM IST
विज्ञापन
The process of adulteration in milk is not ending
खत्म नहीं हो रहा दूध में मिलावट का सिलसिला
विज्ञापन

बिजनौर। लाख कोशिशों के बाद भी दूध में मिलावट करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। दूध में पानी की मिलावट उसकी शुद्धता को प्रभावित करती है। यही नहीं दुग्ध विक्रेता मलाई भी चट कर जाते हैं। पिछले एक वर्ष में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के द्वारा लिये गए लगभग 1547 नमूनों में 60 से 70 प्रतिशत नमूने फेल निकले हैं।
दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। दूध और उससे बने उत्पाद शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन और कैल्शियम का एक प्रमुख स्रोत हैं। ऐसे में इस मिलावट को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से तमाम तरह के प्रयास किए जाते हैं। इसके बावजूद मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध में पानी के साथ-साथ यूरिया, बोरिक एसिड और डिटर्जेंट तक की मिलावट की जा रही है। एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा दूध के 1547 नमूने लिये गए, जिनमें से 70 फीसदी तक अधोमानक निकले।
विज्ञापन

गांव के खाद्य और पेय पदार्थ होते हैं शुद्ध: जेपी सिंह
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह बताते हैं कि गांव में ज्यादातर मिलने वाले खाद्य पदार्थ शुद्ध होते हैं, लेकिन शहर में आते-आते इसमें काफी मिलावट हो जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद में बिकने वाले करीब 68.7 प्रतिशत दूध और दुग्ध उत्पाद भारतीय खाद्य मानकों के हिसाब से सही नहीं हैं। यूरिया, स्टार्च, ग्लूकोज और फोर्मलिन जैसी चीजें दूध में विक्रेताओं द्वारा जानबूझकर मिलाई जाती हैं, जिससे दूध को गाढ़ा बनाने और लंबे समय तक चलाने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि अभी दूध के सैंपलों को टेस्ट करने में दस से ज्यादा दिन का समय लगता है, तब तक वह दूध इस्तेमाल हो चुका होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूध में मिलावट ले सकती है जान
विश्नोई नर्सिंग होम के स्वामी वरिष्ठ फिजीशियन डा. राहुल विश्नोई बताते हैं कि दूध में की जाने वाली मिलावट की भयावह तस्वीर है। लोग थोड़े से लालच के चक्कर में दूसरों की जान से खिलवाड़ करने से नहीं चूकते, जो बिल्कुल गलत है। उन्होंने बताया कि यह मिलावट लोगों की जान ले सकती है। डब्लूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार मिलावट का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो देशभर में 87 फीसदी भारतीयों को कैंसर हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed