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देवताओं की शरण में जाने लगे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:12 AM IST
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नहटौर में गांव करीमपुर मुबारक में बुखार के प्रकोप से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। निजी चिकित्सालयों में उपचार चल रहा है। बुखार के प्रकोप से बचने के लिए ग्रामवासियों ने गांव के देवता पर भंडारे का आयोजन भी किया है। ग्रामीणों ने गांव में कीटनाशक दवा के छिड़काव की मांग की है।
गांव करीमपुर मुबारक में करीब 15 दिन से बुखार का प्रकोप चल रहा है। बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत होने से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। अधिकाश पीड़ित निजी चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं। कुलदीप (30), वीरबल (35), मनबहादुर (36), पूजा (17), सुनील (40), अंकित (16), दीपा (8), ईश्वर (25), पुष्पा (18), नत्थो देवी (60), राजेश्वरी (40), सोनम (22), बेबी(25), जग्गो (50) तालिब (20), गुलिस्ता (15) सहित करीब 100 लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार के फैलने से ग्रामीणों ने गांव के देवता पर भंडारा किया है। ग्रामवासियों का कहना है कि पंद्रह दिन से बुखार फैलने के बाद भी कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। इससे बुखार फैलता जा रहा है। प्रधान हरपाल सिंह का कहना है कि शीघ्र ही गांव में छिड़काव कराया जाएगा। चिकित्सा प्रभारी जीबी कटारिया का कहना है कि बुखार आने पर खून की जांच अवश्य कराएं। सीएचसी में उपचार की व्यवस्था है। लापरवाही बरतने से हालत गंभीर हो सकती है। वहीं गांव में कैंप न करने से गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष है।
वहीं ताजपुर में बुखार से तीन और मौत
ताजपुर में क्षेत्र में बुखार से तीन मौत और हो गई है। लगातार बुखार से मौत का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग बुखार से होनी वाली मौत को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। विभाग की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने पर गांव के लोगों में रोष है। वहीं आए दिन हो रही मौत से लोगों में दहशत है। गांव ताजपुर निवासी शमरूद्दीन (55) पांच दिन से बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज गांव के ही चिकित्सक के यहां चल रहा था। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उनको मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। गांव के ही हरि सिंह (45) को पिछले 15 दिन से बुखार आ रहा था। उनका इलाज भी गांव के ही चिकित्सक के यहां चल रहा था। सोमवार को गांव में ही उनकी भी मौत हो गई। ताजपुर के निकट गांव जमालपुर किरत निवासी मुन्ने खां (47) को एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। हालत बिगड़ने पर उनको परिजन रविवार की रात दिल्ली लेकर जा रहे थे। दिल्ली ले जाते समय ही उनकी रास्ते में मौत हो गई। क्षेत्र में लगातार बुखार से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद से जगने को तैयार नहीं है। ग्राम वासियों को आरोप है कि विभाग क्षेत्र में स्वास्थ्य कैंप, फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव नहीं करा रहा है। इसके चलते ग्राम वासियों में विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। सीएमओ डा.सुखबीर सिंह का कहना है कि ताजपुर क्षेत्र में सोमवार की सुबह से टीम को कैंप के लिए भेज दिया गया था, वहां जलभराव व गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।
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गांव करीमपुर मुबारक में करीब 15 दिन से बुखार का प्रकोप चल रहा है। बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत होने से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। अधिकाश पीड़ित निजी चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं। कुलदीप (30), वीरबल (35), मनबहादुर (36), पूजा (17), सुनील (40), अंकित (16), दीपा (8), ईश्वर (25), पुष्पा (18), नत्थो देवी (60), राजेश्वरी (40), सोनम (22), बेबी(25), जग्गो (50) तालिब (20), गुलिस्ता (15) सहित करीब 100 लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार के फैलने से ग्रामीणों ने गांव के देवता पर भंडारा किया है। ग्रामवासियों का कहना है कि पंद्रह दिन से बुखार फैलने के बाद भी कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। इससे बुखार फैलता जा रहा है। प्रधान हरपाल सिंह का कहना है कि शीघ्र ही गांव में छिड़काव कराया जाएगा। चिकित्सा प्रभारी जीबी कटारिया का कहना है कि बुखार आने पर खून की जांच अवश्य कराएं। सीएचसी में उपचार की व्यवस्था है। लापरवाही बरतने से हालत गंभीर हो सकती है। वहीं गांव में कैंप न करने से गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष है।
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वहीं ताजपुर में बुखार से तीन और मौत
ताजपुर में क्षेत्र में बुखार से तीन मौत और हो गई है। लगातार बुखार से मौत का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग बुखार से होनी वाली मौत को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। विभाग की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने पर गांव के लोगों में रोष है। वहीं आए दिन हो रही मौत से लोगों में दहशत है। गांव ताजपुर निवासी शमरूद्दीन (55) पांच दिन से बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज गांव के ही चिकित्सक के यहां चल रहा था। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उनको मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। गांव के ही हरि सिंह (45) को पिछले 15 दिन से बुखार आ रहा था। उनका इलाज भी गांव के ही चिकित्सक के यहां चल रहा था। सोमवार को गांव में ही उनकी भी मौत हो गई। ताजपुर के निकट गांव जमालपुर किरत निवासी मुन्ने खां (47) को एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। हालत बिगड़ने पर उनको परिजन रविवार की रात दिल्ली लेकर जा रहे थे। दिल्ली ले जाते समय ही उनकी रास्ते में मौत हो गई। क्षेत्र में लगातार बुखार से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद से जगने को तैयार नहीं है। ग्राम वासियों को आरोप है कि विभाग क्षेत्र में स्वास्थ्य कैंप, फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव नहीं करा रहा है। इसके चलते ग्राम वासियों में विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। सीएमओ डा.सुखबीर सिंह का कहना है कि ताजपुर क्षेत्र में सोमवार की सुबह से टीम को कैंप के लिए भेज दिया गया था, वहां जलभराव व गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।
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