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Bijnor News: छोटे किसानों की पेड़ी होगी 45 दिन में खत्म
Thu, 18 May 2023 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 18 May 2023 12:01 AM IST
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- छोटे किसानों की श्रेणी में आए 72 क्विंटल तक के गन्ना सट्टा धारक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद के करीब 45 हजार छोटे किसानों को प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने राहत दी है। 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक गन्ना सट्टे वाले किसानों को छोटे किसानों की श्रेणी में रखा है। इन किसानों के लिए गन्ना पेड़ी एवं पौधे की आपूर्ति को समयसारिणी बनाई गई। चीनी मिल संचालित होने के 45 दिनों के अंदर पेड़ी गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची जारी होंगी।
जनपद में साढ़े तीन लाख गन्ना किसान है। यहां गन्ने का क्षेत्रफल दो लाख 55 हजार हेक्टेयर में है। इनमें से करीब 45 हजार किसान छोटी श्रेणी में आते हैं। आगामी पेराई सत्र के लिए बाॅन्ड एवं आपूर्ति नीति में किसानों के हितों के लिए कई बदलाव किए गए हैं। इसमें मुख्य गन्ना किसानों की बढ़ रही उपज को देखते हुए प्रति हेक्टेयर सट्टे की सीमा में बढ़ोत्तरी की गई है। अब 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक के सट्टा धारक गन्ना किसानों को छोटी श्रेणी में रख गया। अफसरों के अनुसार इन सट्टा धारकों को चीनी मिल प्रारंभ होने से 45 दिन के अंदर पेड़ी की आपूर्ति के लिए पर्ची मिलेंगी। पेड़ी के बाद पौधे की आपूर्ति आरंभ होने पर उनके लिए 45 दिन के अंदर गन्ना आपूर्ति को गन्ना पर्ची निर्गत होने की सुविधा मिल जाएगी।
उपज बढ़ोत्तरी पर निशुल्क दिया जाएगा प्रार्थना पत्र
जिन किसानों के पास गन्ना सट्टा सीमा कम होती है और उनके पास गन्ना उत्पादन ज्यादा होता है। ऐसे किसानों उपज बढ़ोत्तरी की रसीद कटवानी पड़ती थी। फिर उन किसानों का बाॅन्ड भरकर पर्ची बढ़ाई जाती थी। अब किसानों को उपज बढ़ोत्तरी के लिए निशुल्क प्रार्थना-पत्र देने की सुविधा दी गई।
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-- -- -- कोट
गन्ना आयुक्त ने किसानों के हित में घोषणा की है। उन्होंने 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक के गन्ना सट्टा धारक किसानों को छोटे किसानों की श्रेणी में शामिल किया। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद के करीब 45 हजार छोटे किसानों को प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने राहत दी है। 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक गन्ना सट्टे वाले किसानों को छोटे किसानों की श्रेणी में रखा है। इन किसानों के लिए गन्ना पेड़ी एवं पौधे की आपूर्ति को समयसारिणी बनाई गई। चीनी मिल संचालित होने के 45 दिनों के अंदर पेड़ी गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची जारी होंगी।
जनपद में साढ़े तीन लाख गन्ना किसान है। यहां गन्ने का क्षेत्रफल दो लाख 55 हजार हेक्टेयर में है। इनमें से करीब 45 हजार किसान छोटी श्रेणी में आते हैं। आगामी पेराई सत्र के लिए बाॅन्ड एवं आपूर्ति नीति में किसानों के हितों के लिए कई बदलाव किए गए हैं। इसमें मुख्य गन्ना किसानों की बढ़ रही उपज को देखते हुए प्रति हेक्टेयर सट्टे की सीमा में बढ़ोत्तरी की गई है। अब 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक के सट्टा धारक गन्ना किसानों को छोटी श्रेणी में रख गया। अफसरों के अनुसार इन सट्टा धारकों को चीनी मिल प्रारंभ होने से 45 दिन के अंदर पेड़ी की आपूर्ति के लिए पर्ची मिलेंगी। पेड़ी के बाद पौधे की आपूर्ति आरंभ होने पर उनके लिए 45 दिन के अंदर गन्ना आपूर्ति को गन्ना पर्ची निर्गत होने की सुविधा मिल जाएगी।
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उपज बढ़ोत्तरी पर निशुल्क दिया जाएगा प्रार्थना पत्र
जिन किसानों के पास गन्ना सट्टा सीमा कम होती है और उनके पास गन्ना उत्पादन ज्यादा होता है। ऐसे किसानों उपज बढ़ोत्तरी की रसीद कटवानी पड़ती थी। फिर उन किसानों का बाॅन्ड भरकर पर्ची बढ़ाई जाती थी। अब किसानों को उपज बढ़ोत्तरी के लिए निशुल्क प्रार्थना-पत्र देने की सुविधा दी गई।
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गन्ना आयुक्त ने किसानों के हित में घोषणा की है। उन्होंने 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल तक के गन्ना सट्टा धारक किसानों को छोटे किसानों की श्रेणी में शामिल किया। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी