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सुरक्षा दीवार के लिए आंदोलन होगा
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2016 01:22 AM IST
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बिजनौर के कालागढ़ मेंरामगंगा बांध परियोजना की सिंचाई कार्यशाला के ध्वस्तीकरण के साथ ही सुरक्षा दीवार के लिए पुराना कालागढ़ के निवासी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
पुराना कालागढ़ निवासी रईस अहमद, नसीम अहमद, सुरेश कुमार, मौहम्मद आजम, मौहम्मद आरिफ, मोनू, महबूब अली आदि का कहना है कि उनके परिवार 50 साल से भी अधिक समय से इस इलाके में आबाद हैं। जब बांध बना था तो 1960 के दशक में यहां सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश ने केन्द्रीय कर्मालय के नाम से विशाल कार्यशाला खोली थी। इसमें वाहनो की बॉड़ी के निर्माण आदि के काम काज होते रहे हैं।
उत्तराखंड राज्य के निर्माण के बाद यह कर्मालय सिंचाई विभाग की कार्यशाला बन गया। अब यहां वाहनों की मरम्मत के साथ ही बांध के गेटों आदि का निर्माण किया जा रहा था। अब अचानक इसे ध्वस्त किया जा रहा है। 21 सितबंर को रुड़की में इसकी नीलामी की जा रही है। इसमें इसके ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई शामिल है। नागरिकों का कहना है कि यदि सुरक्षा दीवार के साथ छेड़छाड़ हुई तो कड़ा विरोध किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों को किसी भी दशा में अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में ग्रामीणों की भलाई में कदम उठाए जाने से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय मिलने से सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा ही। इससे सभी लोगों को राहत होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी हर हार में सहयोग करने को कहा। ग्रामीणाें का कहना है कि यह सुरक्षा दीवार ही खतरनाक वन्य जीवाें से यहां की आबादी को बचाती है। यह ऐसी दीवार है जिससे हजारों परिवारों की जंगली जानवरों से सुरक्षा होती है।
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पुराना कालागढ़ निवासी रईस अहमद, नसीम अहमद, सुरेश कुमार, मौहम्मद आजम, मौहम्मद आरिफ, मोनू, महबूब अली आदि का कहना है कि उनके परिवार 50 साल से भी अधिक समय से इस इलाके में आबाद हैं। जब बांध बना था तो 1960 के दशक में यहां सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश ने केन्द्रीय कर्मालय के नाम से विशाल कार्यशाला खोली थी। इसमें वाहनो की बॉड़ी के निर्माण आदि के काम काज होते रहे हैं।
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उत्तराखंड राज्य के निर्माण के बाद यह कर्मालय सिंचाई विभाग की कार्यशाला बन गया। अब यहां वाहनों की मरम्मत के साथ ही बांध के गेटों आदि का निर्माण किया जा रहा था। अब अचानक इसे ध्वस्त किया जा रहा है। 21 सितबंर को रुड़की में इसकी नीलामी की जा रही है। इसमें इसके ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई शामिल है। नागरिकों का कहना है कि यदि सुरक्षा दीवार के साथ छेड़छाड़ हुई तो कड़ा विरोध किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों को किसी भी दशा में अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में ग्रामीणों की भलाई में कदम उठाए जाने से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय मिलने से सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा ही। इससे सभी लोगों को राहत होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी हर हार में सहयोग करने को कहा। ग्रामीणाें का कहना है कि यह सुरक्षा दीवार ही खतरनाक वन्य जीवाें से यहां की आबादी को बचाती है। यह ऐसी दीवार है जिससे हजारों परिवारों की जंगली जानवरों से सुरक्षा होती है।