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नेताओं को भी झेलनी पड़ी आंदोलन की तपिश
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नेताओं को भी झेलनी पड़ी आंदोलन की तपिश
बिजनौर। कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ आंदोलन में किसानों के कोप का भाजन नेताओं को भी बनना पड़ा। किसानों ने भाजपा नेताओं का कुछ जगह विरोध किया था। गांवों में भाजपा नेताओं के न आने की चेतावनी लिखे हुए बैनर भी लगाए गए थे।
22 मार्च को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह जिले में आए थे। तब किसान नेता भाजपा नेताओं का विरोध कर रहे थे। स्वतंत्रदेव सिंह को एक कार्यक्रम से नहटौर से बिजनौर आना था। प्रशासन को भनक लगी कि किसान नूरपुर रोड पर स्वतंत्रदेव सिंह का घेराव कर सकते हैं। प्रशासन ने चालाकी दिखाते हुए स्वतंत्रदेव सिंह की गाड़ी को नूरपुर रोड के बजाए नगीना रोड से निकाला। नगीना रोड पर गांव रशीदपुर गढ़ी में भाकियू का कार्यालय है। वहां भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी को घेर लिया और काले झंडे दिखाकर जमकर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। 28 अक्तूबर को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव जिले में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे थे। आजाद किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने मुरादाबाद रोड पर गोलबाग के पास जाम लगा रखा था। शिवपाल यादव भी उस जाम में फंस गए। किसान शिवपाल यादव को उनकी कार से उतार लाए और अपने बीच धरने पर बैठा लिया। शिवपाल यादव ने भी तब किसानों की परेशानी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कृषि कानून वापस लेने की मांग की थी। इस मामले में 11 किसानों के खिलाफ नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। नहटौर के गांव जरीफपुर में भाजपा नेताओं के प्रवेश न करने संबंधी बैनर लगाने पर पुलिस एक दो किसानों को थाने ले आई थी। इसके विरोध में किसानों ने थाने में आकर हंगामा किया तो पुलिस को छोड़ना पड़ा था।
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बिजनौर। कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ आंदोलन में किसानों के कोप का भाजन नेताओं को भी बनना पड़ा। किसानों ने भाजपा नेताओं का कुछ जगह विरोध किया था। गांवों में भाजपा नेताओं के न आने की चेतावनी लिखे हुए बैनर भी लगाए गए थे।
22 मार्च को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह जिले में आए थे। तब किसान नेता भाजपा नेताओं का विरोध कर रहे थे। स्वतंत्रदेव सिंह को एक कार्यक्रम से नहटौर से बिजनौर आना था। प्रशासन को भनक लगी कि किसान नूरपुर रोड पर स्वतंत्रदेव सिंह का घेराव कर सकते हैं। प्रशासन ने चालाकी दिखाते हुए स्वतंत्रदेव सिंह की गाड़ी को नूरपुर रोड के बजाए नगीना रोड से निकाला। नगीना रोड पर गांव रशीदपुर गढ़ी में भाकियू का कार्यालय है। वहां भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी को घेर लिया और काले झंडे दिखाकर जमकर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। 28 अक्तूबर को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव जिले में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे थे। आजाद किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने मुरादाबाद रोड पर गोलबाग के पास जाम लगा रखा था। शिवपाल यादव भी उस जाम में फंस गए। किसान शिवपाल यादव को उनकी कार से उतार लाए और अपने बीच धरने पर बैठा लिया। शिवपाल यादव ने भी तब किसानों की परेशानी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कृषि कानून वापस लेने की मांग की थी। इस मामले में 11 किसानों के खिलाफ नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। नहटौर के गांव जरीफपुर में भाजपा नेताओं के प्रवेश न करने संबंधी बैनर लगाने पर पुलिस एक दो किसानों को थाने ले आई थी। इसके विरोध में किसानों ने थाने में आकर हंगामा किया तो पुलिस को छोड़ना पड़ा था।
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