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सिंचाई विभाग की टीम को सुनाई खरीखोटी

Tue, 14 Aug 2018 12:31 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
अमर उजाला/बिजनौर Updated Tue, 14 Aug 2018 12:31 AM IST
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The irrigation department team told
कोटावाली नदी में बहने के डर से अपना मकान गिराता परिवार। - फोटो : अमर उजाला
अफजलगढ़ में गांव आलमपुर गांवड़ी में तटबंध की मरम्मत करने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम को ग्रामीणों ने खरीखोटी सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि बनैली नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है तो विभाग को यहां तटबंध की मरम्मत कराने की याद आई है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण बनैली ने गांव की ओर रुख कर लिया है। ग्रामीणों को समझाने के बाद विभाग की ओर से काम शुरू किया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव की पूर्व दिशा में बने तटबंध का     कटाव तेजी से हो रहा है। ग्रामीणों की ओर से तटबंधों को ठीक कराने के लिए शोर मचाया जा रहा है तब भी अधिकारी मौके पर आकर सुध नहीं ले रहे हैं। ग्राम प्रधान के पति कैलाश सिंह का कहना है कि तटबंध के कटान से गांव में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। एसडीएम और तहसीलदार को अवगत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। नदी का उफान आलमपुर, माननगर, दल्लीवाला, भूतपुरी, चतरपुर और नेशनल हाइवे 74 पर भारी तबाही मचा सकता है। इस दौरान शीशपाल सिंह, नरेश कुमार, धर्म सिंह, उमेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, राजवीर सिंह, टिल्लू, सतीश कुमार, सुरेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह, देवदत्त, राजू आदि मौजूद रहे।
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वहीं, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता चंद्रपाल सिंह का कहना है कि तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। जेई पीली डैम लोकेंद्र सिंह ने बताया कि 15 अगस्त तक पीली जलाशय में 835 फीट पानी एकत्र करने के निर्देश हैं। बनैली में 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अभी भी बनैली में 2500 क्यूसेक पानी चल रहा है। डैम का जलस्तर 835 फीट है, जबकि डैम में पानी की क्षमता 846 फीट तक है।
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सूखास्रोत के कटान से मकान हुआ क्षतिग्रस्त
कालागढ़। कालागढ़ में तीन दिन से हो रही तेज बारिश में की केंद्रीय कॉलोनी का एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, आवास संख्या सी 1114 बारिश में ढह गया। तीन दिन से हो रही तेज बारिश में सूखा स्रोत में आए पानी से हो रहे कटान में स्रोत की ढांग को नुकसान पहुंचा। धोबीघाट मोहल्ले में भी बारिश से नाले का लगातार कटान बढ़ता जा रहा है, जिसमें घरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा पुराने कालागढ़ में सूखास्रोत के पुल की ढांग लगातार कटती जा रही है। जिससे नई बस्ती के खेतों और आवासों को खतरा है। वहीं रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार कालागढ़ मे 160 मिमी और लैंसडान मे 260 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। रामगंगा बांध का जलस्तर 335.900 रिकार्ड किया गया।

गांव दिनौड़ा में कमरा गिरा, वृद्ध की मौत
नांगलसोती/नजीबाबाद/अफजलगढ़। गांव दिनौड़ा में कच्चे कमरे की छत गिरने से वृद्ध की मौत हो गई। गांव निवासी 60 वर्षीय शफीक अहमद अपने घर के नजदीक घेर में बने कमरे में सो रहे थे। सोमवार सुबह वर्षा के दौरान कच्चे कमरे की छत अचानक गिर गई। वृद्ध शफीक अहमद छत के नीचे दब गया। कमरा गिरने की आवाज सुनकर पड़ोसी नफीस अहमद, नसीम अहमद, आसिफ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने गिरे हुए कमरे का मलवा उठाकर वृद्ध को निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।  वहीं, अफजलगढ़ के गांव शाहपुरजमाल निवासी सतपाल सिंह पुत्र नन्हे सिंह ने बताया कि रविवार रात वह पत्नी रीमा देवी, दो बच्चों के साथ मकान में सोया था। रात्रि करीब दो बजे तेज बारिश के कारण मकान की छत गिर गई। छत गिरने से उसने परिवार के साथ खुले में रात बिताई। ग्रामप्रधान पुष्पा देवी का कहना है कि उनके द्वारा राजस्व लेखपाल को दे दी। लेकिन किसी ने भी गांव में आकर सुध नहीं ली।

तेज बारिश से बढ़ापुर का संपर्क कटा
बढ़ापुर। रविवार की रात लगभग सवा दस बजे वर्षा पुन: शुरू होकर सोमवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे रुकी। क्षेत्र की नदियों का जल स्तर बढ़ने पर कस्बे का क्षेत्र के दर्जनों गांवों से संपर्क कटा रहा। मोहल्ला कस्साबान निवासी हुसैन उर्फ कल्लू का मकान व नफीस के मकान की छत रात्रि के समय गिर गयी। मोहल्ला नोमी चमारान में हेमराज सिंह व अमर सिंह, हरिजन बस्ती में कलवा सिंह, मोहल्ला पक्काबाग में शांति सिंह, मोहल्ला भजड़ावाला में नकीबा व क्षेत्र के ग्राम शाहलीपुर कोटरा में राकेश सिंह के मकान की छत व दरीवारें गिर गयी। मोहल्ला चमारान में हेमराज सिंह के मकान की दीवार गिरने पर दीवार के पास बंधी गाय दीवार के नीचे आकर दब गई शोर सुनकर वहां पहुंचे मोहल्लावासियों ने दीवार का मलबा हटाकर गाय को बाहर निकाला और गाय के घायल हो जाने पर उसका पशु चिकित्सक से उपचार कराया।

सीरवासुचंद में लिंटर के नीचे दबकर चार घायल
रेहड़। सोमवार सुबह नौ बजे सीरवासुचंद में दो सगे भाइयों रोहताश, चैना पुत्र सोबा सिंह का लिंटर गिर गया। परिवार के लोगों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। लेकिन तब तक रोहताश, रोहिताश की मां शीला, भाई राहुल, चैना की पत्नी उषा लिंटर के नीचे दबने से घायल हो गई। घायलों को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। गांव छजमलवाला निवासी लक्ष्मण सैनी ने बताया कि वह परिजनों के साथ सोया हुआ था। सवेरे पांच बजे मकान की दीवार, छत गिर गई। गांव आनंदीपुर में रेखा पत्नी राकेश त्यागी के मकान पर मिट्टी की कच्ची छत है। छत की लकड़ी गलकर टूट गई। राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, पर कोई भी गांव में नहीं आया है।

सुखरो नदी पर बना हाईवे पर मंडराया खतरा, भारी कटान जारी
नजीबाबाद। सुखरो नदी के उफान से नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग का हाईवे को खतरा उत्पन्न हो गया है। हाइवे अथॉरिटी द्वारा लगाए गए सैंड के बोरे नदी के उफान में बह गए। किसी भी समय नदी हाइवे को ध्वस्त कर सकती है। नजीबाबाद-पौड़ी हाईवे पर नजीबाबाद से करीब 20 किलोमीटर फासले पर सुखरो नदी पुल क्षेत्र में सुखरो नदी का उफान हाइवे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर रहा है। कोटद्वार दिशा में सुखरो पुल के निकट रविवार की देर रात से नदी के उफान ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी द्वारा हाइवे और उसकी साइड बचाने के लिए लगाए सैंड के बोर पानी में समा लिए। नदी से कटान इतना ज्यादा है कि हाइवे को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। यदि सुखरो नदी का जलस्तर कम नहीं होता है तो किसी भी समय नजीबाबाद-पौड़ी हाइवे बह सकता है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को जाने का यह प्रमुख संपर्क मार्ग है। यदि हाइवे क्षतिग्रस्त होता है तो दो राज्यों के बीच वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा।


झोपड़ियों में भरा पानी, सड़क पर रह रहे लोग
अफजलगढ़। नचना नदी के उफान से लोगों के घर पानी में डूबने से वह सड़कों पर आकर रात गुजारने को विवश हैं। मोहल्ला किला में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के समीप कुछ परिवार झोपड़ी डालकर जीवन बसर करते आ रहे थे। लेकिन बारिश के कारण नगर में घुसे पानी से उनके  घर पानी मेें डूब गए। ऐसे में वह अब परिवार के साथ सड़क पर पॉलीथिन डालकर रात गुजारने को मजबूर हैं। इन लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे ने दो दिन से उनकी सुध नहीं ली। उनके ठहरने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। नदीम, अकबर, गुड्डू, मुस्तकीम ने शासन से मदद की गुहार लगाई है।
 
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