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नींव की खोदाई करते समय निकली भगवान विष्णु की मू
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स्योहारा के करूणा निधान आश्रम में खोदाई के दौरान जमीन से निकली भगवान विष्णु की मूर्ति।
- फोटो : BIJNOR
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नींव की खोदाई करते समय निकली भगवान विष्णु की मूर्ति
स्योहारा (बिजनौर)। करुणा निधान आश्रम में पिलर के लिए की जा रही नींव की खोदाई करते समय जमीन में भगवान विष्णु की मूर्ति निकल आई। शेषनाग की शैय्या पर विश्राम की मुद्रा में भगवान विष्णु की मूर्ति को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया।
गांव रामपुर किसना में भूड़ वाले करुणा निधान आश्रम है। यहां निर्मोही अखाड़ा के बाबा केसरी दास जी महाराज सेवा स्थान पर रहते हैं। आश्रम भगवत कथा का आयोजन चल रहा है। पीपल के पेड़ के नीचे आश्रम की स्थापना करने वाले महाराज की मूर्ति लगी है। बाबा केसरी दास महाराज ने बताया कि मूर्ति पर छाया करने के लिए चार पिलर खड़े किए जाने थे, जिनकी नींव खोदवाई जा रही थी। शनिवार शाम चार बजे नींव खोदते हुए फावड़ा किसी ठोस चीज से टकराया। इसके बाद कौतूहल बढ़ा। हाथों व हल्के औजारों से खुदाई की गई। लगभग पांच फीट नीचे शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करते भगवान विष्णु तथा उनके चरण दबाती देवी लक्ष्मी जी की मूर्ति दिखाई दी। मूर्ति निकलने की जानकारी होने पर देखने आने वालों का तांता लगने लगा। बाबा ने बताया कि यह सिद्ध क्षेत्र है। यहां शक्तियों का लगातार प्रवास व कृपा रहती है। ग्रामीण राजवीर सिंह, संजीव कुमार, चौधरी सोमपाल सिंह, मस्त राम सिंह, रामअवतार सिंह, शीशपाल सिंह, शीशराम राजेश मकनपुर आदि ने बताया कि 370 वर्ष पहले यह गांव का देव स्थान था। जहां विशेष अवसरों पर पूजा होती थी। 1995 में यहां बाबा प्रेमदास जी महाराज आए। उन्होंने कुटिया बनाई। उनके 2005 में शरीर त्यागने के बाद 2006 से नागा बाबा केसरीदास जी महाराज ने यहां पर आश्रम बनाया। मंदिर का निर्माण कराया। बाबा की समाधि के पास राम दरबार की मूर्तियां लगवाई गईं। दो वर्ष पूर्व बाबा प्रेमदास जी की मूर्ति पीपल के पेड़ के नीचे बनवाकर लगवाई थी। अब उस पर शेड लगाने के लिए चार पिलर बनवाने के लिए खोदाई का काम चल रहा है। खोदाई के दौरान ही भूमि से भगवान विष्णु की मूर्ति निकली है।
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स्योहारा (बिजनौर)। करुणा निधान आश्रम में पिलर के लिए की जा रही नींव की खोदाई करते समय जमीन में भगवान विष्णु की मूर्ति निकल आई। शेषनाग की शैय्या पर विश्राम की मुद्रा में भगवान विष्णु की मूर्ति को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया।
गांव रामपुर किसना में भूड़ वाले करुणा निधान आश्रम है। यहां निर्मोही अखाड़ा के बाबा केसरी दास जी महाराज सेवा स्थान पर रहते हैं। आश्रम भगवत कथा का आयोजन चल रहा है। पीपल के पेड़ के नीचे आश्रम की स्थापना करने वाले महाराज की मूर्ति लगी है। बाबा केसरी दास महाराज ने बताया कि मूर्ति पर छाया करने के लिए चार पिलर खड़े किए जाने थे, जिनकी नींव खोदवाई जा रही थी। शनिवार शाम चार बजे नींव खोदते हुए फावड़ा किसी ठोस चीज से टकराया। इसके बाद कौतूहल बढ़ा। हाथों व हल्के औजारों से खुदाई की गई। लगभग पांच फीट नीचे शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करते भगवान विष्णु तथा उनके चरण दबाती देवी लक्ष्मी जी की मूर्ति दिखाई दी। मूर्ति निकलने की जानकारी होने पर देखने आने वालों का तांता लगने लगा। बाबा ने बताया कि यह सिद्ध क्षेत्र है। यहां शक्तियों का लगातार प्रवास व कृपा रहती है। ग्रामीण राजवीर सिंह, संजीव कुमार, चौधरी सोमपाल सिंह, मस्त राम सिंह, रामअवतार सिंह, शीशपाल सिंह, शीशराम राजेश मकनपुर आदि ने बताया कि 370 वर्ष पहले यह गांव का देव स्थान था। जहां विशेष अवसरों पर पूजा होती थी। 1995 में यहां बाबा प्रेमदास जी महाराज आए। उन्होंने कुटिया बनाई। उनके 2005 में शरीर त्यागने के बाद 2006 से नागा बाबा केसरीदास जी महाराज ने यहां पर आश्रम बनाया। मंदिर का निर्माण कराया। बाबा की समाधि के पास राम दरबार की मूर्तियां लगवाई गईं। दो वर्ष पूर्व बाबा प्रेमदास जी की मूर्ति पीपल के पेड़ के नीचे बनवाकर लगवाई थी। अब उस पर शेड लगाने के लिए चार पिलर बनवाने के लिए खोदाई का काम चल रहा है। खोदाई के दौरान ही भूमि से भगवान विष्णु की मूर्ति निकली है।
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