{"_id":"636403d7f23113205c00de45","slug":"the-helicopter-left-for-the-destination-after-four-days-bijnor-news-mrt6120800181","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन बाद गंतव्य को रवाना हुआ हेलिकॉप्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन बाद गंतव्य को रवाना हुआ हेलिकॉप्टर
विज्ञापन
चार दिन बाद गंतव्य को रवाना हुआ हेलिकॉप्टर
अफजलगढ़ (बिजनौर)। देहरादून से हल्द्वानी जा रहा हेलिकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग के चार दिन बाद अपने गंतव्य को रवाना हो पाया। हेलिकॉप्टर में दो पायलट सहित तीन लोग सवार थे।
सोमवार को निजी पवन हंस कंपनी का देहरादून से हल्द्वानी जा रहा एक हेलिकॉप्टर बृहस्पतिवार को लैंडिंग के चार दिन बाद रवाना हो सका। हेलिकॉप्टर सोमवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे देहरादून से हल्द्वानी जा रहा था। क्षेत्र के गांव मीरापुर मोदीवाला के समीप पहुंचने पर अचानक हेलिकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते रेड सिग्नल होने के कारण हेलिकॉप्टर की एक खाली पड़े खेत में लैंडिंग करनी पड़ी थी। हेलिकॉप्टर में पायलट कैप्टन राजकुमार यादव व उनके साथ सह पायलट कैप्टन रत्नेश सिंह सहित देहरादून के ब्यूरो ऑफ सिविल डिफेंस के डायरेक्ट यात्री अरुण कुमार मौजूद थे। यह तीनों लोग हेलिकॉप्टर द्वारा देहरादून से हल्द्वानी जा रहे थे। पायलट राजकुमार यादव ने बताया कि रेड सिग्नल मिलने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। घटना में दोनों पायलट सहित यात्री अरुण कुमार सकुशल रहेे। अरुण कुमार अगले दिन अपने गंतव्य को चले गए थे। हेलिकॉप्टर में खराबी होने के चलते दोनो पायलट यहीं रुके रहे। दिल्ली से इंजीनियर व पार्ट्स पहुंचने के बाद चौथे दिन हेलिकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी दूर हो सकी। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने वापस देहरादून के लिए उड़ान भरी।
विज्ञापन
अफजलगढ़ (बिजनौर)। देहरादून से हल्द्वानी जा रहा हेलिकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग के चार दिन बाद अपने गंतव्य को रवाना हो पाया। हेलिकॉप्टर में दो पायलट सहित तीन लोग सवार थे।
सोमवार को निजी पवन हंस कंपनी का देहरादून से हल्द्वानी जा रहा एक हेलिकॉप्टर बृहस्पतिवार को लैंडिंग के चार दिन बाद रवाना हो सका। हेलिकॉप्टर सोमवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे देहरादून से हल्द्वानी जा रहा था। क्षेत्र के गांव मीरापुर मोदीवाला के समीप पहुंचने पर अचानक हेलिकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते रेड सिग्नल होने के कारण हेलिकॉप्टर की एक खाली पड़े खेत में लैंडिंग करनी पड़ी थी। हेलिकॉप्टर में पायलट कैप्टन राजकुमार यादव व उनके साथ सह पायलट कैप्टन रत्नेश सिंह सहित देहरादून के ब्यूरो ऑफ सिविल डिफेंस के डायरेक्ट यात्री अरुण कुमार मौजूद थे। यह तीनों लोग हेलिकॉप्टर द्वारा देहरादून से हल्द्वानी जा रहे थे। पायलट राजकुमार यादव ने बताया कि रेड सिग्नल मिलने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। घटना में दोनों पायलट सहित यात्री अरुण कुमार सकुशल रहेे। अरुण कुमार अगले दिन अपने गंतव्य को चले गए थे। हेलिकॉप्टर में खराबी होने के चलते दोनो पायलट यहीं रुके रहे। दिल्ली से इंजीनियर व पार्ट्स पहुंचने के बाद चौथे दिन हेलिकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी दूर हो सकी। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने वापस देहरादून के लिए उड़ान भरी।
विज्ञापन