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Bijnor News: बिजनौर विकास प्राधिकरण पर इस माह शासन में होगा निर्णय
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बिजनौर विकास प्राधिकरण का नक्शा
- जिले के 15 निकाय बिजनौर विकास प्राधिकरण (बीडीए) में होंगे शामिल
- जिले में बीडीए के इंतजार में विनियमित क्षेत्र के नए मास्टर प्लान नहीं बने
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर विकास प्राधिकरण (बीडीए) पर शासन से इस माह निर्णय हो सकता है। वहीं इस साल के अंत तक इसकी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। बीडीए के इंतजार में जिले की पांचों तहसीलों पर बने विनियमित क्षेत्र के नए मास्टर प्लान भी नहीं बने हैं। बीडीए के लागू होते ही जिले में नियोजित विकास की नई राह खुल जाएगी।
पिछले एक साल से बीडीए बनाने की प्रक्रिया जोरशोर से चल रही है। इस साल की शुरुआत में प्रशासन ने बीडीए का नक्शा तैयार कर पूरा प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। प्रस्ताव की बात करें तो इसमें 15 निकाय शामिल किए गए हैं। वहीं जिलेभर के 873 गांवों को इसमें जगह दी गई है। इसमें सबसे ज्यादा बिजनौर तहसील के 237 गांव शामिल है। दूसरे नंबर पर नजीबाबाद के 208, धामपुर के 188, चांदपुर के 124 और नगीना के 99 गांवों को बीडीए प्रस्ताव में जगह दी गई है।
अवैध कॉलोनियों पर लगेगी लगाम
जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में 500 से ज्यादा नई कॉलोनियां बन रही है। कालोनियों में बिक्री का कोई मानक नहीं है। यानी कालोनी काटने वाले अपनी मनमानी से प्लाट का मूल्य वसूल रहे हैं। बीडीए लागू होने के बाद कॉलोनी का नक्शा पास कराना जरूरी हो जाएगा। इसके बाद ही बीडीए का नियंत्रण यहां के विकास पर भी रहेगा।
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-- बिजनौर विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन स्तर से इस पर निर्णय होना है। बीडीए बनने से जिले में नियोजित विकास में मदद मिलेगी। -विनय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन बिजनौर।
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- जिले में बीडीए के इंतजार में विनियमित क्षेत्र के नए मास्टर प्लान नहीं बने
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर विकास प्राधिकरण (बीडीए) पर शासन से इस माह निर्णय हो सकता है। वहीं इस साल के अंत तक इसकी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। बीडीए के इंतजार में जिले की पांचों तहसीलों पर बने विनियमित क्षेत्र के नए मास्टर प्लान भी नहीं बने हैं। बीडीए के लागू होते ही जिले में नियोजित विकास की नई राह खुल जाएगी।
पिछले एक साल से बीडीए बनाने की प्रक्रिया जोरशोर से चल रही है। इस साल की शुरुआत में प्रशासन ने बीडीए का नक्शा तैयार कर पूरा प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। प्रस्ताव की बात करें तो इसमें 15 निकाय शामिल किए गए हैं। वहीं जिलेभर के 873 गांवों को इसमें जगह दी गई है। इसमें सबसे ज्यादा बिजनौर तहसील के 237 गांव शामिल है। दूसरे नंबर पर नजीबाबाद के 208, धामपुर के 188, चांदपुर के 124 और नगीना के 99 गांवों को बीडीए प्रस्ताव में जगह दी गई है।
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अवैध कॉलोनियों पर लगेगी लगाम
जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में 500 से ज्यादा नई कॉलोनियां बन रही है। कालोनियों में बिक्री का कोई मानक नहीं है। यानी कालोनी काटने वाले अपनी मनमानी से प्लाट का मूल्य वसूल रहे हैं। बीडीए लागू होने के बाद कॉलोनी का नक्शा पास कराना जरूरी हो जाएगा। इसके बाद ही बीडीए का नियंत्रण यहां के विकास पर भी रहेगा।
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