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Bijnor News: अफजलगढ़ - गुलदार का खौफ, हांका कर खेतों में जा रहे ग्रामीण
Fri, 28 Apr 2023 11:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 28 Apr 2023 11:45 PM IST
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- सुरक्षा के लिए गांवों में रात को दिया जा रहा पहरा, स्कूल नहीं जा रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़ /रेहड़ (बिजनौर)। क्षेत्र के कई गांवों में गुलदार की आमद व लगातार देखे जाने से भय का माहौल है। किसानों को खेतों पर पहुंचकर शोर मचाकर काम करना पड़ रहा है। रात में ग्रामीण जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। इसके अलावा अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में भी घबरा रहे हैं। स्कूलों में गुलदार के भय से बच्चों की संख्या भी घट रही है।
संविलयन विद्यालय त्रिलोकपुर के प्रधानाध्यापक सबील अहमद का कहना है कि स्कूल में चार दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है। बच्चों के आने से लेकर जाने तक निगरानी की जा रही है। पानी भी कक्षा में उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिए पूर्ण चौकसी बरती जा रही है। गांव उदयपुर निवासी जय प्रकाश सिंह का कहना है कि गांव में बच्ची पर गुलदार के हमले के बाद से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा अपने आप करनी पड़ रही है। ग्रामीण रात में घरों पर पहरा दे रहे हैं। सबिला खातून का कहना है कि बच्चों की रखवाली करते हुए सारी सारी रात हो जाती है। बच्चे डर रहे हैं और मुश्किल से सो पा रहे हैं।
शिवकुमार का कहना है कि गुलदार ने जब से गांव की लड़की को मारा है। गांव में दहशत है। मंदिर में भी एनाउंसमेंट कराया गया है। जंगल जाते हुए किसान घबरा रहे हैं। सुधीर सिंह का कहना है कि गांव में दहशत फैल रही है। इकट्ठे होकर खेतों पर जा रहे हैं। मजदूर मिलने को तैयार नहीं हैं। खेती का कोई काम नहीं हो पा रहा है। न तो गेहूं कटाई हो पा रही न हीं गन्ने की छिलाई हो पा रही है। उधम सिंह का कहना है कि खेत में शोर मचा कर व हांका लगाना पड़ रहा है। गांव मूसेपुर निवासी टेकचंद्र का कहना है कि तीन दिन पूर्व गुलदार उनकी बेटी को उठाकर ले गया था और मार डाला। अब बच्चों को भी डर के मारे कहीं नहीं भेज रहे हैं।
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मुन्नी देवी का कहना है कि खेतों पर पिंजरा लगा है, लेकिन उनकी मजबूरी है अपने खेतों पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि गुलदार उनके पीछे दौड़ पड़ा था। मच्छमार निवासी छात्र सागर कुमार का कहना है कि स्कूल आने-जाने के रास्ते में जंगल पड़ता है। उन्हें गुलदार का भय लगा रहता है। वह कई साथी इकट्ठे होकर स्कूल आ जा रहे हैं। रेहड़ निवासी विवेक कुमार का कहना है कि वह सुबह अपने एक साथी के साथ टहलने के लिए गए थे। उन्हें हाईवे पर पंचतारा होटल के समीप दो छोटे व दो बड़े गुलदार दिखाई दिए। गांव उदयपुर, मुसेपुर, मच्छमार, शाहपुर, महसनपुर आदि में वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं, लेकिन गुलदार उनकी पकड़ से बाहर है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़ /रेहड़ (बिजनौर)। क्षेत्र के कई गांवों में गुलदार की आमद व लगातार देखे जाने से भय का माहौल है। किसानों को खेतों पर पहुंचकर शोर मचाकर काम करना पड़ रहा है। रात में ग्रामीण जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। इसके अलावा अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में भी घबरा रहे हैं। स्कूलों में गुलदार के भय से बच्चों की संख्या भी घट रही है।
संविलयन विद्यालय त्रिलोकपुर के प्रधानाध्यापक सबील अहमद का कहना है कि स्कूल में चार दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है। बच्चों के आने से लेकर जाने तक निगरानी की जा रही है। पानी भी कक्षा में उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिए पूर्ण चौकसी बरती जा रही है। गांव उदयपुर निवासी जय प्रकाश सिंह का कहना है कि गांव में बच्ची पर गुलदार के हमले के बाद से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा अपने आप करनी पड़ रही है। ग्रामीण रात में घरों पर पहरा दे रहे हैं। सबिला खातून का कहना है कि बच्चों की रखवाली करते हुए सारी सारी रात हो जाती है। बच्चे डर रहे हैं और मुश्किल से सो पा रहे हैं।
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शिवकुमार का कहना है कि गुलदार ने जब से गांव की लड़की को मारा है। गांव में दहशत है। मंदिर में भी एनाउंसमेंट कराया गया है। जंगल जाते हुए किसान घबरा रहे हैं। सुधीर सिंह का कहना है कि गांव में दहशत फैल रही है। इकट्ठे होकर खेतों पर जा रहे हैं। मजदूर मिलने को तैयार नहीं हैं। खेती का कोई काम नहीं हो पा रहा है। न तो गेहूं कटाई हो पा रही न हीं गन्ने की छिलाई हो पा रही है। उधम सिंह का कहना है कि खेत में शोर मचा कर व हांका लगाना पड़ रहा है। गांव मूसेपुर निवासी टेकचंद्र का कहना है कि तीन दिन पूर्व गुलदार उनकी बेटी को उठाकर ले गया था और मार डाला। अब बच्चों को भी डर के मारे कहीं नहीं भेज रहे हैं।
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मुन्नी देवी का कहना है कि खेतों पर पिंजरा लगा है, लेकिन उनकी मजबूरी है अपने खेतों पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि गुलदार उनके पीछे दौड़ पड़ा था। मच्छमार निवासी छात्र सागर कुमार का कहना है कि स्कूल आने-जाने के रास्ते में जंगल पड़ता है। उन्हें गुलदार का भय लगा रहता है। वह कई साथी इकट्ठे होकर स्कूल आ जा रहे हैं। रेहड़ निवासी विवेक कुमार का कहना है कि वह सुबह अपने एक साथी के साथ टहलने के लिए गए थे। उन्हें हाईवे पर पंचतारा होटल के समीप दो छोटे व दो बड़े गुलदार दिखाई दिए। गांव उदयपुर, मुसेपुर, मच्छमार, शाहपुर, महसनपुर आदि में वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं, लेकिन गुलदार उनकी पकड़ से बाहर है।