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Bijnor News: बाग में आम के पेड़ कटने की लखनऊ तक पहुंची गूंज
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बिजनौर। शहर के जैन फार्म में 80 से ज्यादा आम पेड़ कटने का मामला सोमवार को तूल पकड़ता नजर आया। जहां वन विभाग के अफसर अनुमति के मुताबिक पेड़ कटने का दावा करते रहे, वहीं शाम होते होते बिना अनुमति दो पेड़ की लोपिंग करने में वन विभाग ने केस दर्ज कर लिया। उधर, सूत्रों का कहना है कि लखनऊ के प्रशासनिक अफसरों ने भी इस मामले में जानकारी मांगी गई है।
रविवार को जैन फार्म में आम के पेड़ कटने को लेकर भाजपा विधायक समेत कई भाजपा कार्यकर्ताओं, आम लोगों ने विरोध किया था। सोमवार को इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। लखनऊ से प्रशासनिक अफसरों से इस पर जवाब मांगा गया तो वन विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया। सुबह डीएफओ डॉ.अनिल पटेल, एसडीएम सदर मोहित कुमार और उद्यान विभाग के अधिकारी बाग में जांच करने पहुंचे। सुबह डीएफओ डॉ. पटेल ने बताया कि जो पेड़ कटे हैं, उनकी अनुमति दी गई थी। उद्यान विभाग की रिपोर्ट के बाद ही पेड़ काटने की अनुमति दी गई।
वहीं शाम एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान काटे गए पेड़ों से अलग दो पेड़ों की लोपिंग होना बताया गया और वन विभाग ने जैन फार्म प्रबंधन के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। उधर, दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।
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आम के पेड़ काटने की अनुमति पहले उद्यान विभाग की रिपोर्ट मांगी जाती है। उद्यान विभाग ने इन पेड़ों की फलदायी क्षमता कम होने की रिपोर्ट दी थी। इसी के बाद एक पेड़ के बदले दस पेड़ लगाने और उनकी चार साल तक देखभाल करने की शर्त पर अनुमति दी गई।
- डॉ.अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर
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रविवार को जैन फार्म में आम के पेड़ कटने को लेकर भाजपा विधायक समेत कई भाजपा कार्यकर्ताओं, आम लोगों ने विरोध किया था। सोमवार को इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। लखनऊ से प्रशासनिक अफसरों से इस पर जवाब मांगा गया तो वन विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया। सुबह डीएफओ डॉ.अनिल पटेल, एसडीएम सदर मोहित कुमार और उद्यान विभाग के अधिकारी बाग में जांच करने पहुंचे। सुबह डीएफओ डॉ. पटेल ने बताया कि जो पेड़ कटे हैं, उनकी अनुमति दी गई थी। उद्यान विभाग की रिपोर्ट के बाद ही पेड़ काटने की अनुमति दी गई।
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वहीं शाम एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान काटे गए पेड़ों से अलग दो पेड़ों की लोपिंग होना बताया गया और वन विभाग ने जैन फार्म प्रबंधन के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। उधर, दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।
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आम के पेड़ काटने की अनुमति पहले उद्यान विभाग की रिपोर्ट मांगी जाती है। उद्यान विभाग ने इन पेड़ों की फलदायी क्षमता कम होने की रिपोर्ट दी थी। इसी के बाद एक पेड़ के बदले दस पेड़ लगाने और उनकी चार साल तक देखभाल करने की शर्त पर अनुमति दी गई।
- डॉ.अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर