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अलविदा 2023 : जिले को मिला एक संस्कृत इंटर कॉलेज
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- निपुण योजना से 83 प्रतिशत छात्र पढ़ाई में हुए निपुण
- केंद्रीय विद्यालय संचालन को नहीं मिली बिल्डिंग, दोबारा होगी विजिट
-इस साल परिषदीय स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिले टैबलेट
- परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों पदोन्नति का कर रहे इंतजार
- नंबर गेम
- 01 नया संस्कृत विद्यालय मिला
- 62 जर्जर स्कूलों को मिला नए भवन
- 83 प्रतिशत छात्र पढ़ाई में निपुण
- 9433 ड्राप आउट बच्चों की दूर पढ़ाई में कमजोरी
- 11 स्कूलों का पीएम श्रीय योजना में चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए वर्ष 2023 में कई योजनाएं शुरू हुईं। जिले में विदुर कुटी पर एक संस्कृत कॉलेज का मिला, जिसकी नींव मुख्यमंत्री ने ही रखी। केंद्रीय विद्यालय को इस साल भी संचालित करने को बिल्डिंग नहीं मिल पाई है, जिस कारण उसका संचालन शुरू नहीं हुआ। केंद्र की टीम दोबारा विजिट करेगी। परिषदीय स्कूलों में निपुण योजना के तहत 83 प्रतिशत छात्र पढ़ाई में निपुण हुए। यही नहीं प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक स्कूलों की दशा में सुधार जारी है। वहीं परिषद के 62 जर्जर स्कूलों को नए भवन मिले।
कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग व मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की गई। कई परिषदीय स्कूलों का सुंदरीकरण निजी स्कूलों को मात दे रहा है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, साइंस और गणित लैब विकसित की गई है। यहीं परिषदीय स्कूलों के मुख्याध्यापक व सहायक अध्यापक को टैबलेट वितरण किए गए। अब स्कूलों में फोटो खींचकर बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी और उसकी मदद से पढ़ाया जाएगा।
निपुण योजना के तहत करीब 83 प्रतिशत स्कूल छात्र निपुण होने से जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर हैं। अभी जनवरी में तीसरी पार्टी मूल्यांकन से तस्वीर और साफ हो जाएगी। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया चली, लेकिन साल के अंत तक उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिला।
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- पढ़ाई के साथ छात्रों को खेल में सिखाए जा रहे दांव पेच
उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर भोपतपुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयदीप मलिक छात्रों को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। कक्ष में प्रोजेक्टर व कंप्यूटर से पढ़ाई करा रहे हैं। स्कूल में इंडोर गेम में टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, आउटडोर गेम में बैडमिंटन, खो खो, कबड्डी, वॉलीबाल, ऊंची कूद, लंबी कूद, चक्का फेंक, गोला फेंक सिखा रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल हकीकतपुर प्रयाग के प्रधानाध्यापक गुलशन गुप्ता के विद्यालय में बिना सरकारी मदद के कंप्यूटर क्लासेज, विद्यालय में कैमरे, स्मार्ट कक्ष, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं है। अनेक गांवों के छात्र भी उनके स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
- 9433 ड्राॅप आउट बच्चों की दूर हो रही पढ़ाई में कमजोरी
जिले के 9433 ड्राप आउट बच्चे भी अन्य सहपाठियों की तरह पढ़ाई में होशियार रहेंगे। इसके लिए जिला मुख्यालय पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। ये मास्टर ट्रेनर ब्लाॅक स्तर पर नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। नोडल शिक्षक हर स्कूल में एक-एक शिक्षक को ड्राॅप आउट बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षित शिक्षक स्कूल में नामांकित बच्चों को अलग से पढ़ाकर अन्य सहपाठी की तरह होशियार बनाएंगे।
- प्रोजेक्ट अलंकार का हो रहा क्रियान्वयन
जिले में माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार योजना के क्रियान्वयन हो रहा है। माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत पठन-पाठन व निर्माण के लिए 15 से अधिक कार्य हो रहे हैं। योजना के तहत हुए कार्याें का सत्यापन चल रहा है।
- पीएम श्री में 11 स्कूलों का चयन
पीएम श्री योजना में हर ब्लाॅक से एक एक स्कूल का चयन हुआ। इनमें से हल्दौर, अफजलगढ़ में जीआईसी का चयन हुआ है। बाकी परिषदीय के जूनियर स्कूलों का चयन हुआ। योजना के तहत स्कूलों स्मार्ट क्लास, आधुनिक लाइब्रेरी, सोलर पैनल, बैठने की सुविधाएं होंगी।
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- केंद्रीय विद्यालय संचालन को नहीं मिली बिल्डिंग, दोबारा होगी विजिट
-इस साल परिषदीय स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिले टैबलेट
- परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों पदोन्नति का कर रहे इंतजार
- नंबर गेम
- 01 नया संस्कृत विद्यालय मिला
- 62 जर्जर स्कूलों को मिला नए भवन
- 83 प्रतिशत छात्र पढ़ाई में निपुण
- 9433 ड्राप आउट बच्चों की दूर पढ़ाई में कमजोरी
- 11 स्कूलों का पीएम श्रीय योजना में चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए वर्ष 2023 में कई योजनाएं शुरू हुईं। जिले में विदुर कुटी पर एक संस्कृत कॉलेज का मिला, जिसकी नींव मुख्यमंत्री ने ही रखी। केंद्रीय विद्यालय को इस साल भी संचालित करने को बिल्डिंग नहीं मिल पाई है, जिस कारण उसका संचालन शुरू नहीं हुआ। केंद्र की टीम दोबारा विजिट करेगी। परिषदीय स्कूलों में निपुण योजना के तहत 83 प्रतिशत छात्र पढ़ाई में निपुण हुए। यही नहीं प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक स्कूलों की दशा में सुधार जारी है। वहीं परिषद के 62 जर्जर स्कूलों को नए भवन मिले।
कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग व मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की गई। कई परिषदीय स्कूलों का सुंदरीकरण निजी स्कूलों को मात दे रहा है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, साइंस और गणित लैब विकसित की गई है। यहीं परिषदीय स्कूलों के मुख्याध्यापक व सहायक अध्यापक को टैबलेट वितरण किए गए। अब स्कूलों में फोटो खींचकर बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी और उसकी मदद से पढ़ाया जाएगा।
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निपुण योजना के तहत करीब 83 प्रतिशत स्कूल छात्र निपुण होने से जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर हैं। अभी जनवरी में तीसरी पार्टी मूल्यांकन से तस्वीर और साफ हो जाएगी। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया चली, लेकिन साल के अंत तक उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिला।
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- पढ़ाई के साथ छात्रों को खेल में सिखाए जा रहे दांव पेच
उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर भोपतपुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयदीप मलिक छात्रों को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। कक्ष में प्रोजेक्टर व कंप्यूटर से पढ़ाई करा रहे हैं। स्कूल में इंडोर गेम में टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, आउटडोर गेम में बैडमिंटन, खो खो, कबड्डी, वॉलीबाल, ऊंची कूद, लंबी कूद, चक्का फेंक, गोला फेंक सिखा रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल हकीकतपुर प्रयाग के प्रधानाध्यापक गुलशन गुप्ता के विद्यालय में बिना सरकारी मदद के कंप्यूटर क्लासेज, विद्यालय में कैमरे, स्मार्ट कक्ष, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं है। अनेक गांवों के छात्र भी उनके स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
- 9433 ड्राॅप आउट बच्चों की दूर हो रही पढ़ाई में कमजोरी
जिले के 9433 ड्राप आउट बच्चे भी अन्य सहपाठियों की तरह पढ़ाई में होशियार रहेंगे। इसके लिए जिला मुख्यालय पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। ये मास्टर ट्रेनर ब्लाॅक स्तर पर नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। नोडल शिक्षक हर स्कूल में एक-एक शिक्षक को ड्राॅप आउट बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षित शिक्षक स्कूल में नामांकित बच्चों को अलग से पढ़ाकर अन्य सहपाठी की तरह होशियार बनाएंगे।
- प्रोजेक्ट अलंकार का हो रहा क्रियान्वयन
जिले में माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार योजना के क्रियान्वयन हो रहा है। माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत पठन-पाठन व निर्माण के लिए 15 से अधिक कार्य हो रहे हैं। योजना के तहत हुए कार्याें का सत्यापन चल रहा है।
- पीएम श्री में 11 स्कूलों का चयन
पीएम श्री योजना में हर ब्लाॅक से एक एक स्कूल का चयन हुआ। इनमें से हल्दौर, अफजलगढ़ में जीआईसी का चयन हुआ है। बाकी परिषदीय के जूनियर स्कूलों का चयन हुआ। योजना के तहत स्कूलों स्मार्ट क्लास, आधुनिक लाइब्रेरी, सोलर पैनल, बैठने की सुविधाएं होंगी।