फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   The district became a confluence of nature's sights and adventures

प्रकृति के नजारों और रोमांच का संगम बना जिला

Tue, 23 Nov 2021 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
The district became a confluence of nature's sights and adventures
प्रकृति के नजारों और रोमांच का संगम बना जिला
विज्ञापन

बिजनौर। गंगा बैराज अब पूजा पाठ या कर्मकांड करने के लिए ही नहीं बल्कि रोमांच के लिए भी पहचान बनाने लगा है। गंगा बैराज पर घूमने आने वाले लोगों को एक ही जगह पर डॉल्फिन, घड़ियाल और पानी में मछलियों के झुंड के नजारे बहुत आसानी से दिख रहे हैं। देशी-विदेशी प्रजाति के पक्षी भी गंगा बैराज घाट पर चहचहाने लगे हैं। यहां परिवार पिकनिक मनाने के लिए आ रहे हैं। गंगा में नौकायन करते हुए परिवारों को देखा जा सकता है।
गंगा की धारा बिजनौर और मुजफ्फरनगर को आपस में जोड़ती है। गंगा बैराज घाट बिजनौर सीमा में है। गंगा बैराज पर अब तक किसी धार्मिक आयोजन के लिए ही लोग आते थे, लेकिन अब यहां रोमांच और प्रकृति के कई नजारे देखने को मिल जाते हैं। मौसम बिल्कुल साफ होने पर गंगा बैराज से शिवालिक रेंज की पर्वत शृंखला दिखती है। गंगा बैराज पर देशी-विदेशी पक्षियों के झुंड भी लहरों पर उड़ान भरते रहते हैं या धारा के बीच में बने टापुओं पर धूप सेंकते दिख रहे हैं। यहां पर डॉल्फिन दिखना भी कोई बड़ी बात नहीं है। बैराज पुल के नीचे और कुछ दूरी पर दो, कभी-कभी तीन डॉल्फिन भी दिख रही हैं। कई बार तीनों आपस में कुछ ही दूरी पर तैरती हुईं दिख जाती हैं। गंगा की धारा में दूसरी प्रजातियों की मछलियों की भी भरमार है। गंगा घाट की सीढ़ियों पर ही अब हजारों मछलियों के झुंड दिख रहे हैं। वहीं गंगा घाट से कुछ दूरी पर गंगा की रेत में घड़ियाल भी धूप सेंकते देखे जा रहे हैं। घड़ियाल इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। इन जीवों को देखने की चाहत लोगों को गंगा बैराज पर ला रही है। घड़ियाल या गंगा की धारा में गुलाटी लगाती डॉल्फिन का रोमांच लोगों को बैराज की ओर खींचकर ला रहा है।
विज्ञापन

नौकायान का ले रहे मजा
गंगा बैराज पर जलज गंगेय अभियान के तहत मोटरबोट भी चलाई जा रही हैं। इनमें काफी लोग नौकायन के लिए आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर की ओर ऐसी कोई सुविधा न होने की वजह से वहां के लोग भी गंगा बैराज घाट पर ही आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारहसिंगा के भी बढ़ रहे झुंड
गंगा बैराज घाट के दूसरी ओर रावली क्षेत्र है। यहां पर अब बारहसिंगों की भरमार होने लगी है। इस क्षेत्र में नरम रेत के बीच ऊंची झाड़ियां हैं। वहां पर बारहसिंगों को छिपने और भोजन के लिए बहुत ही अनुकूलित वातावरण मिलता है।

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट पर घूमती मछलियां।

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट पर घूमती मछलियां।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट के पास रेत में धूप सेकता घड़ियाल।

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट के पास रेत में धूप सेकता घड़ियाल।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed