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प्रकृति के नजारों और रोमांच का संगम बना जिला
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प्रकृति के नजारों और रोमांच का संगम बना जिला
बिजनौर। गंगा बैराज अब पूजा पाठ या कर्मकांड करने के लिए ही नहीं बल्कि रोमांच के लिए भी पहचान बनाने लगा है। गंगा बैराज पर घूमने आने वाले लोगों को एक ही जगह पर डॉल्फिन, घड़ियाल और पानी में मछलियों के झुंड के नजारे बहुत आसानी से दिख रहे हैं। देशी-विदेशी प्रजाति के पक्षी भी गंगा बैराज घाट पर चहचहाने लगे हैं। यहां परिवार पिकनिक मनाने के लिए आ रहे हैं। गंगा में नौकायन करते हुए परिवारों को देखा जा सकता है।
गंगा की धारा बिजनौर और मुजफ्फरनगर को आपस में जोड़ती है। गंगा बैराज घाट बिजनौर सीमा में है। गंगा बैराज पर अब तक किसी धार्मिक आयोजन के लिए ही लोग आते थे, लेकिन अब यहां रोमांच और प्रकृति के कई नजारे देखने को मिल जाते हैं। मौसम बिल्कुल साफ होने पर गंगा बैराज से शिवालिक रेंज की पर्वत शृंखला दिखती है। गंगा बैराज पर देशी-विदेशी पक्षियों के झुंड भी लहरों पर उड़ान भरते रहते हैं या धारा के बीच में बने टापुओं पर धूप सेंकते दिख रहे हैं। यहां पर डॉल्फिन दिखना भी कोई बड़ी बात नहीं है। बैराज पुल के नीचे और कुछ दूरी पर दो, कभी-कभी तीन डॉल्फिन भी दिख रही हैं। कई बार तीनों आपस में कुछ ही दूरी पर तैरती हुईं दिख जाती हैं। गंगा की धारा में दूसरी प्रजातियों की मछलियों की भी भरमार है। गंगा घाट की सीढ़ियों पर ही अब हजारों मछलियों के झुंड दिख रहे हैं। वहीं गंगा घाट से कुछ दूरी पर गंगा की रेत में घड़ियाल भी धूप सेंकते देखे जा रहे हैं। घड़ियाल इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। इन जीवों को देखने की चाहत लोगों को गंगा बैराज पर ला रही है। घड़ियाल या गंगा की धारा में गुलाटी लगाती डॉल्फिन का रोमांच लोगों को बैराज की ओर खींचकर ला रहा है।
नौकायान का ले रहे मजा
गंगा बैराज पर जलज गंगेय अभियान के तहत मोटरबोट भी चलाई जा रही हैं। इनमें काफी लोग नौकायन के लिए आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर की ओर ऐसी कोई सुविधा न होने की वजह से वहां के लोग भी गंगा बैराज घाट पर ही आते हैं।
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बारहसिंगा के भी बढ़ रहे झुंड
गंगा बैराज घाट के दूसरी ओर रावली क्षेत्र है। यहां पर अब बारहसिंगों की भरमार होने लगी है। इस क्षेत्र में नरम रेत के बीच ऊंची झाड़ियां हैं। वहां पर बारहसिंगों को छिपने और भोजन के लिए बहुत ही अनुकूलित वातावरण मिलता है।
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बिजनौर। गंगा बैराज अब पूजा पाठ या कर्मकांड करने के लिए ही नहीं बल्कि रोमांच के लिए भी पहचान बनाने लगा है। गंगा बैराज पर घूमने आने वाले लोगों को एक ही जगह पर डॉल्फिन, घड़ियाल और पानी में मछलियों के झुंड के नजारे बहुत आसानी से दिख रहे हैं। देशी-विदेशी प्रजाति के पक्षी भी गंगा बैराज घाट पर चहचहाने लगे हैं। यहां परिवार पिकनिक मनाने के लिए आ रहे हैं। गंगा में नौकायन करते हुए परिवारों को देखा जा सकता है।
गंगा की धारा बिजनौर और मुजफ्फरनगर को आपस में जोड़ती है। गंगा बैराज घाट बिजनौर सीमा में है। गंगा बैराज पर अब तक किसी धार्मिक आयोजन के लिए ही लोग आते थे, लेकिन अब यहां रोमांच और प्रकृति के कई नजारे देखने को मिल जाते हैं। मौसम बिल्कुल साफ होने पर गंगा बैराज से शिवालिक रेंज की पर्वत शृंखला दिखती है। गंगा बैराज पर देशी-विदेशी पक्षियों के झुंड भी लहरों पर उड़ान भरते रहते हैं या धारा के बीच में बने टापुओं पर धूप सेंकते दिख रहे हैं। यहां पर डॉल्फिन दिखना भी कोई बड़ी बात नहीं है। बैराज पुल के नीचे और कुछ दूरी पर दो, कभी-कभी तीन डॉल्फिन भी दिख रही हैं। कई बार तीनों आपस में कुछ ही दूरी पर तैरती हुईं दिख जाती हैं। गंगा की धारा में दूसरी प्रजातियों की मछलियों की भी भरमार है। गंगा घाट की सीढ़ियों पर ही अब हजारों मछलियों के झुंड दिख रहे हैं। वहीं गंगा घाट से कुछ दूरी पर गंगा की रेत में घड़ियाल भी धूप सेंकते देखे जा रहे हैं। घड़ियाल इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। इन जीवों को देखने की चाहत लोगों को गंगा बैराज पर ला रही है। घड़ियाल या गंगा की धारा में गुलाटी लगाती डॉल्फिन का रोमांच लोगों को बैराज की ओर खींचकर ला रहा है।
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नौकायान का ले रहे मजा
गंगा बैराज पर जलज गंगेय अभियान के तहत मोटरबोट भी चलाई जा रही हैं। इनमें काफी लोग नौकायन के लिए आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर की ओर ऐसी कोई सुविधा न होने की वजह से वहां के लोग भी गंगा बैराज घाट पर ही आते हैं।
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बारहसिंगा के भी बढ़ रहे झुंड
गंगा बैराज घाट के दूसरी ओर रावली क्षेत्र है। यहां पर अब बारहसिंगों की भरमार होने लगी है। इस क्षेत्र में नरम रेत के बीच ऊंची झाड़ियां हैं। वहां पर बारहसिंगों को छिपने और भोजन के लिए बहुत ही अनुकूलित वातावरण मिलता है।

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट पर घूमती मछलियां।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में बैराज पर गंगा घाट के पास रेत में धूप सेकता घड़ियाल।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भरते प्रवासी पक्षी।- फोटो : BIJNOR